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जी-7 शिखर सम्मेलन: जेलेंस्की ने रूस को शांति के लिए मजबूर करने की अपील की, ट्रंप बोले — 'यह पागलपन है'

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जी-7 शिखर सम्मेलन: जेलेंस्की ने रूस को शांति के लिए मजबूर करने की अपील की, ट्रंप बोले — 'यह पागलपन है'

सारांश

फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की ने रूस को शांति की ओर मजबूर करने की अपील की और वायु रक्षा सहायता की माँग दोहराई। ट्रंप ने खुलासा किया कि पिछले महीने दोनों देशों के 35,000 सैनिक मारे गए — और इसे 'पागलपन' बताया।

मुख्य बातें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 16 जून 2026 को जी-7 शिखर सम्मेलन में रूस को शांति के लिए बाध्य करने की अपील की।
जेलेंस्की ने वायु रक्षा मिसाइलों की संख्या बढ़ाने, उत्पादन लाइसेंस और सर्दियों के सहायता पैकेज को यूक्रेन की प्राथमिकता बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पिछले महीने दोनों देशों के मिलाकर 35,000 सैनिक मारे गए और रूस को समझौता करना चाहिए।
ट्रंप ने रविवार को राष्ट्रपति पुतिन से बात की और उसी दिन जेलेंस्की से पुनः मुलाकात का कार्यक्रम था।
जी-7 के सभी प्रमुख नेताओं ने रूस पर दबाव बनाने के सुझाव दिए, जिनकी जेलेंस्की ने सराहना की।

फ्रांस में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 16 जून 2026 को जी-7 नेताओं से रूस को शांति की दिशा में कदम उठाने के लिए बाध्य करने की जोरदार अपील की। जेलेंस्की ने बहुपक्षीय बैठक सत्र में शामिल सभी नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस युद्ध को कभी भी सामान्य स्थिति नहीं माना जा सकता।

बहुपक्षीय बैठक में यूक्रेन की भागीदारी

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज जी-7 प्रारूप में पहला बहुपक्षीय बैठक सत्र हुआ, जिसमें यूक्रेन भी शामिल था। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ग्रेट ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची, यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को उनकी भागीदारी और रूस पर दबाव बनाने के सुझावों के लिए धन्यवाद दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में युद्धविराम को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है।

यूक्रेन की प्राथमिकताएँ

जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की प्राथमिकताएँ पूरी तरह तय हैं — वायु रक्षा मिसाइलों की संख्या बढ़ाना, उनके उत्पादन के लिए लाइसेंस उपलब्ध कराना, सर्दियों के लिए सहायता पैकेज तैयार करना और रूस पर दबाव को और सघन करना। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अमेरिका इन सभी क्षेत्रों में सहयोग देने के लिए तैयार है।

जेलेंस्की ने जोर देकर कहा, 'सबसे जरूरी बात यह है कि जिन मुद्दों पर चर्चा हुई है, उन्हें वास्तव में लागू किया जाए। रूस को यह समझना होगा कि उसका यह युद्ध कभी भी सामान्य स्थिति नहीं बन सकता।'

ट्रंप का बयान — 'हर महीने 35,000 सैनिक मारे जा रहे हैं'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 सम्मेलन में रूस पर युद्ध समाप्त कर समझौते के लिए दबाव बनाया। ट्रंप ने कहा, 'रूस को समझौता कर लेना चाहिए। रूस ने बहुत सारे लोग खोए हैं, और यूक्रेन ने भी। पिछले महीने, दोनों देशों के कुल मिलाकर 35,000 सैनिक मारे गए। यह हर महीने हो रहा है।'

ट्रंप ने इस स्थिति को 'पागलपन' करार देते हुए कहा कि उन्होंने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और आठ युद्ध सुलझाने का अनुभव रखने के बावजूद इस संघर्ष को सुलझाना अपेक्षा से अधिक कठिन पाया। उन्होंने कहा, 'दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ऐसा कुछ नहीं हुआ है।' ट्रंप ने यह भी बताया कि वे उसी दिन बाद में जेलेंस्की से पुनः मुलाकात करने वाले थे।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जी-7 मंच पर यूक्रेन संकट केंद्र में रहा हो, लेकिन इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सक्रिय भागीदारी और रूस पर दबाव की खुली वकालत इसे पहले के सत्रों से अलग बनाती है। विश्लेषकों के अनुसार, जी-7 का एकजुट रुख रूस के लिए कूटनीतिक दबाव का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है।

आगे की बैठकों में यह देखना अहम होगा कि शांति प्रस्तावों को ठोस कार्ययोजना का रूप मिलता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 सैनिक हर महीने' वाला बयान युद्ध की भीषण मानवीय कीमत को रेखांकित करता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जी-7 का यह 'एकजुट रुख' केवल कूटनीतिक बयानबाजी है या इसके पीछे ठोस दबाव तंत्र भी है। ट्रंप का पुतिन से सीधे संवाद और जेलेंस्की से एक ही दिन मुलाकात का कार्यक्रम संकेत देता है कि अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका में आना चाहता है — जो नाटो सहयोगियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है। शांति के लिए 'दबाव' और 'समझौते' की भाषा में फर्क है, और यही फर्क यूक्रेन के लिए सब कुछ तय करेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी-7 शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की ने क्या माँग की?
जेलेंस्की ने जी-7 नेताओं से रूस को शांति की दिशा में कदम उठाने के लिए मजबूर करने की अपील की। उन्होंने वायु रक्षा मिसाइलों की संख्या बढ़ाने, उत्पादन लाइसेंस उपलब्ध कराने और सर्दियों के लिए सहायता पैकेज तैयार करने को यूक्रेन की प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया।
ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पिछले महीने दोनों देशों के मिलाकर 35,000 सैनिक मारे गए और इस स्थिति को 'पागलपन' बताया। उन्होंने रूस से समझौता करने का आग्रह किया और बताया कि उन्होंने रविवार को राष्ट्रपति पुतिन से बात की।
जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 कहाँ हो रहा है?
जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 फ्रांस में आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में यूक्रेन को भी बहुपक्षीय बैठक सत्र में शामिल किया गया।
जेलेंस्की ने किन नेताओं को धन्यवाद दिया?
जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, इटली की जियोर्जिया मेलोनी, कनाडा के मार्क कार्नी, जर्मनी के फ्रेडरिक मर्ज, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, जापान की साने ताकाइची, यूरोपियन काउंसिल के एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की उर्सुला वॉन डेर लेयेन को धन्यवाद दिया।
रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की संभावना कितनी है?
फिलहाल शांति की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। जी-7 नेताओं ने रूस पर दबाव बढ़ाने के सुझाव दिए हैं, और ट्रंप ने पुतिन से सीधी बातचीत का जिक्र किया है, लेकिन ठोस युद्धविराम प्रस्ताव अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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