जी-7 शिखर सम्मेलन: जेलेंस्की ने रूस को शांति के लिए मजबूर करने की अपील की, ट्रंप बोले — 'यह पागलपन है'
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस में जारी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 16 जून 2026 को जी-7 नेताओं से रूस को शांति की दिशा में कदम उठाने के लिए बाध्य करने की जोरदार अपील की। जेलेंस्की ने बहुपक्षीय बैठक सत्र में शामिल सभी नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस युद्ध को कभी भी सामान्य स्थिति नहीं माना जा सकता।
बहुपक्षीय बैठक में यूक्रेन की भागीदारी
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज जी-7 प्रारूप में पहला बहुपक्षीय बैठक सत्र हुआ, जिसमें यूक्रेन भी शामिल था। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ग्रेट ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची, यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को उनकी भागीदारी और रूस पर दबाव बनाने के सुझावों के लिए धन्यवाद दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में युद्धविराम को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है।
यूक्रेन की प्राथमिकताएँ
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की प्राथमिकताएँ पूरी तरह तय हैं — वायु रक्षा मिसाइलों की संख्या बढ़ाना, उनके उत्पादन के लिए लाइसेंस उपलब्ध कराना, सर्दियों के लिए सहायता पैकेज तैयार करना और रूस पर दबाव को और सघन करना। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अमेरिका इन सभी क्षेत्रों में सहयोग देने के लिए तैयार है।
जेलेंस्की ने जोर देकर कहा, 'सबसे जरूरी बात यह है कि जिन मुद्दों पर चर्चा हुई है, उन्हें वास्तव में लागू किया जाए। रूस को यह समझना होगा कि उसका यह युद्ध कभी भी सामान्य स्थिति नहीं बन सकता।'
ट्रंप का बयान — 'हर महीने 35,000 सैनिक मारे जा रहे हैं'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी-7 सम्मेलन में रूस पर युद्ध समाप्त कर समझौते के लिए दबाव बनाया। ट्रंप ने कहा, 'रूस को समझौता कर लेना चाहिए। रूस ने बहुत सारे लोग खोए हैं, और यूक्रेन ने भी। पिछले महीने, दोनों देशों के कुल मिलाकर 35,000 सैनिक मारे गए। यह हर महीने हो रहा है।'
ट्रंप ने इस स्थिति को 'पागलपन' करार देते हुए कहा कि उन्होंने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और आठ युद्ध सुलझाने का अनुभव रखने के बावजूद इस संघर्ष को सुलझाना अपेक्षा से अधिक कठिन पाया। उन्होंने कहा, 'दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ऐसा कुछ नहीं हुआ है।' ट्रंप ने यह भी बताया कि वे उसी दिन बाद में जेलेंस्की से पुनः मुलाकात करने वाले थे।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जी-7 मंच पर यूक्रेन संकट केंद्र में रहा हो, लेकिन इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सक्रिय भागीदारी और रूस पर दबाव की खुली वकालत इसे पहले के सत्रों से अलग बनाती है। विश्लेषकों के अनुसार, जी-7 का एकजुट रुख रूस के लिए कूटनीतिक दबाव का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है।
आगे की बैठकों में यह देखना अहम होगा कि शांति प्रस्तावों को ठोस कार्ययोजना का रूप मिलता है या नहीं।