क्या उद्धव ठाकरे ने सत्ता के लिए हिंदुत्व छोड़ा और इंडिया गठबंधन में दरार आई?
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मुंबई, 20 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने उद्धव ठाकरे पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने 'सामना' के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए गए साक्षात्कार में यह स्वीकार किया है कि उन्होंने सत्ता के लिए बाला साहेब ठाकरे के विचारों और हिंदुत्व को छोड़ दिया।
शाइना एनसी ने कहा, "उद्धव ठाकरे का यह बयान यह दर्शाता है कि उन्होंने सत्ता के लालच में अपने मूल सिद्धांतों को त्याग दिया। वे अब चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं और दावा करते हैं कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई। क्या लोकसभा चुनाव के दौरान ईवीएम सही थे?"
शाइना एनसी ने इंडिया गठबंधन में उभरती दरार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गठबंधन में अब मात्र कांग्रेस, टीएमसी, एनसीपी (एसपी) और राजद जैसी कुछ पार्टियां ही बची हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने खुद को गठबंधन से अलग कर लिया है। 'आप' का कहना है कि गठबंधन में तालमेल की कमी है। इंडिया गठबंधन की 24 पार्टियों में से अब केवल कुछ ही बची हैं। 'आप' का अलग होना गठबंधन की कमजोरी को उजागर करता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री पर की गई विवादित टिप्पणी पर शाइना एनसी ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, "मल्लिकार्जुन खड़गे को यह समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री किसी पार्टी के नहीं, पूरे देश के होते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस हताशा में गलत और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर रही है।"
शाइना एनसी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "इस ऑपरेशन की हर जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है, लेकिन राहुल गांधी उसे पढ़ना या समझना नहीं चाहते। वे डोनाल्ड ट्रंप की ओर क्यों आकर्षित हो रहे हैं? उन्हें देश की सेना और प्रधानमंत्री की बात माननी चाहिए।"
शाइना एनसी ने सुझाव दिया कि राहुल गांधी को एक बार आरएसएस की शाखा में जाना चाहिए। आरएसएस का मूल सिद्धांत 'देश सर्वप्रथम' है। राहुल गांधी को वहां जाकर यह समझना चाहिए कि आरएसएस देशहित को सर्वोपरि मानता है।