क्या उद्धव ठाकरे बौखला गए हैं? बार-बार सेना का अपमान करते हैं: शाइना एनसी

सारांश
Key Takeaways
- उद्धव ठाकरे की टिप्पणियों पर शाइना एनसी का कड़ा पलटवार।
- भारतीय सेना के प्रति सम्मान की आवश्यकता।
- राज ठाकरे के आरोपों पर स्पष्टता की मांग।
- विपक्ष की चुनावी रणनीतियाँ संदिग्ध हैं।
- महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता।
मुंबई, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के उस बयान का कड़ा विरोध किया है, जिसमें उन्होंने एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। शाइना ने कहा कि उद्धव ठाकरे बौखला गए हैं और बार-बार सेना का अपमान कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ठाकरे को अपने सांसद को डेलिगेशन में नहीं भेजना चाहिए था, जहाँ वे सेना की तारीफ करते हैं, और अब ऑपरेशन सिंदूर को नजरअंदाज कर रहे हैं।
शाइना ने आगे कहा कि शिवसेना (यूबीटी) भारतीय सेना का सम्मान नहीं करती और प्रधानमंत्री के कार्यों को उनके सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
मनसे नेता राज ठाकरे के वोट चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी को आपत्ति है तो शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल करे, लेकिन राज ठाकरे ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।
शाइना ने तंज कसते हुए कहा कि राज ठाकरे वोट चोरी का मुद्दा उठाते हैं; यदि वोट चोरी हुई है, तो इसकी शिकायत कहाँ है? उन्होंने विपक्ष पर चुनाव आयोग पर बार-बार आधारहीन आरोप लगाने और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया की सराहना हो रही है, लेकिन जब विपक्ष हारता है, तो वह परिणाम स्वीकार नहीं करता।
विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव आयोग पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं, उन्हें बोलने से पहले सोचना चाहिए। चुनाव आयोग संवैधानिक ढंग से अपना काम कर रहा है, और जो लोग स्वयं बेशर्म हैं, वे आयोग को सर्टिफिकेट देने की कोशिश कर रहे हैं।
पीएम-सीएम बिल के खिलाफ विपक्ष की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि इस बिल के तहत, यदि कोई राजनेता ३० दिनों तक जेल में रहता है और उसे जमानत नहीं मिलती, तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि कई मुख्यमंत्री जेल से सरकार चलाते रहे हैं, लेकिन वर्क फ्रॉम होम चल सकता है, वर्क फ्रॉम जेल नहीं। उन्होंने दावा किया कि इस बिल के साथ लोग सच्चाई के साथ खड़े हैं, और यह बिल जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सर्वप्रथम है।
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू के कांग्रेस और राहुल गांधी पर दिए बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि कई शक्तियां भारत को अस्थिर करना चाहती हैं, और यदि राहुल गांधी उनका साथ दे रहे हैं, तो यह दुखद है। उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हमेशा चुनाव आयोग, संविधान और सरकार पर हमला करते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है, तो वे ईवीएम हैक होने का आरोप लगाते हैं, जो उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
भारत-पाक मैच पर विपक्ष की आपत्ति पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के बयान पर उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सच्चे मुद्दों पर टिप्पणी करना नहीं है, बल्कि वे केवल मैच जैसे मुद्दों को हाईलाइट करते हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई में कई जरूरी मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देना चाहिए। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बरसात के दिनों में जमीन पर उतरकर काम कर रहे हैं।
शाइना एनसी ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि विपक्ष को महत्वपूर्ण मुद्दों पर फोकस करना चाहिए, न कि क्रिकेट मैच पर।