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नेपाल सुप्रीम कोर्ट का आदेश: भांग की नियंत्रित खेती के लिए तीन महीने में नियम बनाए सरकार

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नेपाल सुप्रीम कोर्ट का आदेश: भांग की नियंत्रित खेती के लिए तीन महीने में नियम बनाए सरकार

सारांश

पाँच दशकों के प्रतिबंध के बाद नेपाल सर्वोच्च न्यायालय ने भांग की नियंत्रित खेती का रास्ता खोल दिया है — सरकार को तीन महीने में नियामक ढाँचा बनाना होगा। 18 मई 2025 का यह ऐतिहासिक फैसला न्यायालय में आग लगने के बाद दस्तावेज़ नष्ट होने से अब सार्वजनिक हो सका है।

मुख्य बातें

नेपाल सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को तीन महीने के भीतर भांग की नियंत्रित खेती और उत्पादन के लिए नियामक ढाँचा बनाने का आदेश दिया।
फैसला 18 मई 2025 को सुनाया गया था, लेकिन 9 सितंबर 2024 की आग में दस्तावेज़ नष्ट होने से पूर्ण पाठ हाल ही में सार्वजनिक हुआ।
1976 से लागू नारकोटिक ड्रग्स (कंट्रोल) एक्ट के तहत भांग की खेती, बिक्री और सेवन अपराध है; जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
नई व्यवस्था में औषधीय, वैज्ञानिक, कृषि, बागवानी और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए लाइसेंस प्रणाली और सख्त निगरानी शामिल होगी।
9 जुलाई 2026 को गंडकी प्रांत विधानसभा पहले ही भांग-खेती लाइसेंसिंग विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर चुकी है।

नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने नेपाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह औषधीय, वैज्ञानिक, कृषि, बागवानी और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती और उत्पादन हेतु तीन महीने के भीतर एक नियामक ढाँचा तैयार करे। यह आदेश करीब पाँच दशकों के बाद नेपाल में कानूनी रूप से भांग की खेती का रास्ता खोल सकता है, जहाँ 1976 से यह गतिविधि अपराध की श्रेणी में है।

मुख्य घटनाक्रम

सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला मूलतः 18 मई 2025 को सुनाया गया था, लेकिन इसका पूर्ण पाठ हाल ही में सार्वजनिक हो सका। इसमें देरी की वजह यह रही कि 9 सितंबर 2024 को जेनजी प्रदर्शनों के दौरान सर्वोच्च न्यायालय परिसर में लगी आग से संबंधित दस्तावेज़ नष्ट हो गए थे, जिस कारण अभिलेखों की पुनर्प्राप्ति में काफी समय लगा।

अदालत ने स्पष्ट किया कि नारकोटिक ड्रग्स (कंट्रोल) एक्ट, 1976 भले ही भांग पर सामान्य प्रतिबंध लगाता है, परंतु इस कानून के भीतर औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए नियंत्रित खेती की कानूनी गुंजाइश मौजूद है। सरकार की ओर से आवश्यक नियम और प्रक्रियाएँ न बनाए जाने के कारण यह प्रावधान अब तक अमल में नहीं आ सका।

नियामक ढाँचे की रूपरेखा

न्यायालय के निर्देश के अनुसार नई नियामक व्यवस्था में औषधीय, वैज्ञानिक, कृषि, बागवानी और औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की व्यावसायिक खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, बिक्री, वितरण, निर्यात और आयात हेतु लाइसेंस या अनुमति प्रणाली शामिल होगी।

साथ ही यह ढाँचा अवैध खेती, उत्पादन, बिक्री और वितरण जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त निगरानी भी सुनिश्चित करेगा। वर्तमान में भांग की खेती पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1970 के दशक की शुरुआत तक नेपाल में भांग की खेती और बिक्री पूरी तरह कानूनी थी। उस समय पश्चिमी देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक नेपाल आने लगे, जिससे मारिजुआना और हशीश का एक बड़ा बाज़ार विकसित होने लगा। कई शोधकर्ताओं का कथित तौर पर मानना है कि उस दौर में अमेरिका की ओर से चलाए जा रहे 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण नेपाल ने 1976 में भांग को अपराध की श्रेणी में रखा।

गौरतलब है कि आज की वैश्विक स्थिति उस दौर से बिल्कुल भिन्न है — अमेरिका के अनेक राज्यों और दुनिया के कई देशों ने चिकित्सा एवं कुछ मामलों में मनोरंजक उपयोग के लिए कैनाबिस को कानूनी मान्यता दे दी है।

विधायी प्रयास और प्रांतीय पहल

मार्च 2020 में तत्कालीन प्रतिनिधि सभा सदस्य शेर बहादुर तामांग ने एक निजी विधेयक पेश किया था, जिसमें मुख्यतः औषधीय उपयोग और निर्यात के लिए भांग को कानूनी मान्यता देने की माँग की गई थी। विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका, लेकिन इसने राष्ट्रीय बहस को नई दिशा दी।

इसी कड़ी में 9 जुलाई 2026 को नेपाल की गंडकी प्रांत विधानसभा ने औषधीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती को लाइसेंस देने संबंधी एक विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया — जो प्रांतीय स्तर पर इस दिशा में उठाया गया अब तक का सबसे ठोस कदम है।

क्या होगा आगे

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में नेपाल सरकार को तीन महीने के भीतर आवश्यक नियम, मानक और प्रक्रियाएँ अधिसूचित करनी होंगी। यह कदम नेपाल के किसानों, दवा उद्योग और निर्यात क्षेत्र के लिए नई संभावनाएँ खोल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियाँ औषधीय-गुणवत्ता वाली कैनाबिस की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु असली चुनौती अनुपालन की है — तीन महीने की समयसीमा तब और कठिन लगती है जब सरकार पाँच दशकों में एक बार भी ऐसा ढाँचा नहीं बना सकी, जबकि कानून में यह गुंजाइश पहले से मौजूद थी। गंडकी प्रांत का प्रांतीय विधेयक और 2020 का निजी विधेयक संकेत देते हैं कि राजनीतिक इच्छाशक्ति धीरे-धीरे बन रही है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रशासनिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय संधि-दायित्वों के बीच तालमेल बिठाना अभी बाकी है। वैश्विक रुझान नेपाल के पक्ष में हैं — पर नीति से व्यवहार तक की दूरी अक्सर सबसे कठिन होती है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने भांग खेती पर क्या आदेश दिया है?
सर्वोच्च न्यायालय ने नेपाल सरकार को तीन महीने के भीतर औषधीय, वैज्ञानिक, कृषि, बागवानी और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती और उत्पादन हेतु नियम, मानक और प्रक्रियाएँ तैयार करने का निर्देश दिया है। यह आदेश 18 मई 2025 को सुनाया गया था और हाल ही में इसका पूर्ण पाठ सार्वजनिक हुआ।
नेपाल में भांग की खेती पर प्रतिबंध कब और क्यों लगाया गया था?
1976 में नारकोटिक ड्रग्स (कंट्रोल) एक्ट के तहत नेपाल में भांग की खेती, बिक्री और सेवन को अपराध घोषित किया गया था। कई शोधकर्ताओं के अनुसार उस समय अमेरिका के 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के अंतरराष्ट्रीय दबाव और 1960-70 के दशक में पश्चिमी पर्यटकों के कारण बढ़े मारिजुआना व्यापार ने इस निर्णय को प्रभावित किया।
फैसले का पूर्ण पाठ इतनी देरी से क्यों सार्वजनिक हुआ?
9 सितंबर 2024 को जेनजी प्रदर्शनों के दौरान नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय परिसर में लगी आग में संबंधित दस्तावेज़ नष्ट हो गए थे। इन अभिलेखों की पुनर्प्राप्ति में समय लगा, जिस कारण 18 मई 2025 को सुनाए गए फैसले का पूरा पाठ कुछ समय पहले ही उपलब्ध हो सका।
नई नियामक व्यवस्था में क्या प्रावधान होंगे?
अदालत के निर्देश के अनुसार नई व्यवस्था में व्यावसायिक खेती, उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, बिक्री, वितरण, निर्यात और आयात के लिए लाइसेंस या अनुमति प्रणाली शामिल होगी। साथ ही अवैध खेती और वितरण पर रोक के लिए सख्त निगरानी तंत्र भी बनाया जाएगा।
नेपाल में इससे पहले भांग को कानूनी मान्यता देने के क्या प्रयास हुए?
मार्च 2020 में तत्कालीन सांसद शेर बहादुर तामांग ने औषधीय उपयोग और निर्यात के लिए भांग को कानूनी मान्यता देने का निजी विधेयक पेश किया था, जो संसद में पारित नहीं हो सका। इसके अलावा 9 जुलाई 2026 को गंडकी प्रांत विधानसभा ने औषधीय और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग खेती-लाइसेंसिंग विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया।
राष्ट्र प्रेस
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