कुल्लू में NCB का बड़ा अभियान: 61 एकड़ अवैध गांजा खेती नष्ट, ITBP-हिमाचल पुलिस संयुक्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की दुर्गम पर्वतीय ऊँचाइयों पर चलाए जा रहे एक बड़े संयुक्त अभियान में अब तक 61 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली अवैध गांजा (कैनाबिस) की खेती को नष्ट कर दिया है। यह अभियान 27 सितंबर 2026 को भी जारी है और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
अभियान का स्वरूप और सहयोगी एजेंसियाँ
यह कार्रवाई NCB, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाई जा रही है। टीमें ऊँचाई वाले उन दूरदराज इलाकों तक पहुँच रही हैं जहाँ सामान्य रूप से गश्त नहीं होती और जहाँ अवैध खेती वर्षों से होती आ रही है।
पूरी कार्रवाई को जियो-टैगिंग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से दस्तावेजीकृत किया जा रहा है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और भविष्य में कानूनी कार्यवाही में साक्ष्य उपलब्ध रहें। अधिकारियों के अनुसार अवैध खेती के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करके उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार के 'विजन डॉक्यूमेंट' से जुड़ा अभियान
NCB के अनुसार यह अभियान केंद्र सरकार के 'विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-29)' के अंतर्गत संचालित है, जिसका मूल उद्देश्य 'नशा मुक्त भारत' का लक्ष्य प्राप्त करना है। इस रणनीति के तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ समन्वित ढंग से अवैध मादक पदार्थों की खेती को स्रोत पर ही समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश, विशेषतः कुल्लू-मनाली का पर्वतीय क्षेत्र, दशकों से अवैध कैनाबिस उत्पादन के लिए कुख्यात रहा है। ऊँचाई, घने जंगल और सीमित पहुँच इन इलाकों को उगाने वालों के लिए अनुकूल बनाते हैं, जो इस अभियान को तकनीकी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण बनाता है।
फिरोजाबाद तस्करी मामले में नौ दोषियों को कठोर सजा
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक अन्य बड़े मामले में न्यायिक कार्रवाई सामने आई है। 4 नवंबर 2021 को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन ने एक ट्रक से 441 किलोग्राम गांजा जब्त किया था। सह-चालक रिंकू शर्मा और चालक पंकज शर्मा को घटनास्थल पर ही गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में विशेष NDPS अदालत ने नौ तस्करों को 10 से 20 वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जाँच के दौरान दोषियों की ₹32.12 लाख की संपत्तियाँ फ्रीज की गई थीं और PITNDPS अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई।
आम जनता और नशा-विरोधी अभियान पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत में युवाओं में नशे की बढ़ती लत एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनती जा रही है। स्रोत पर ही खेती नष्ट करने की रणनीति आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने का प्रयास है, जो केवल जब्ती से अधिक प्रभावी मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएँ तो बाजार में आपूर्ति में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार अभियान अभी जारी है और अतिरिक्त क्षेत्रों में भी खेती की तलाश की जा रही है। दोषियों की पहचान के बाद NDPS अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। NCB की यह कार्रवाई 'विजन डॉक्यूमेंट 2026-29' के पहले वर्ष की सबसे बड़ी फील्ड कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।