वेस्ट कामेंग में 458 एकड़ गांजा नष्ट: एनसीबी व सहयोगी एजेंसियों का बड़ा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ईटानगर जोनल यूनिट ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अरुणाचल प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कामेंग जिले के कालाकटंग सब-डिवीजन में लगभग 458 एकड़ भूमि पर फैली अवैध गांजा की खेती को नष्ट कर दिया है। यह अभियान 26 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चलाया गया और इसमें 1.37 लाख किलोग्राम से अधिक गांजे के पौधों को नष्ट किया गया।
अभियान का विस्तार और कार्यप्रणाली
इस पहले चरण के अभियान में कुल 118 कर्मियों और कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया। इसमें अरुणाचल प्रदेश एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, वेस्ट कामेंग पुलिस और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी रही। संयुक्त दलों ने मुख्य रूप से सामुदायिक भूमि पर उगाई गई इस खेती को चिह्नित कर नष्ट किया।
दुर्गम पहाड़ी इलाकों में खेती के स्थलों तक पहुँचने के लिए वेस्ट कामेंग पुलिस और जिला प्रशासन के जमीनी सर्वेक्षण तथा एनसीबी द्वारा उपलब्ध कराई गई सैटेलाइट तस्वीरों का उपयोग किया गया। यह तकनीकी-जमीनी समन्वय इस अभियान की एक महत्वपूर्ण विशेषता रही।
2025 की तुलना में 2026 में आठ गुना अधिक सफाई
आँकड़ों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में 2026 में अब तक अवैध गांजे की खेती से साफ किया गया क्षेत्र 2025 के पूरे वर्ष के आँकड़े से आठ गुना से अधिक है। यह वृद्धि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बढ़ते समन्वय और नशे के खिलाफ अभियान में आई तेज़ी को दर्शाती है।
गौरतलब है कि यह अभियान नारकोटिक्स नियंत्रण पर विजन दस्तावेज (2026-2029) के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसमें खेती के हॉटस्पॉट की मैपिंग और केंद्र, राज्य व जिला एजेंसियों के माध्यम से फसल नष्ट करने के समन्वित प्रयासों का आह्वान किया गया है।
आगामी अभियानों के लक्ष्य क्षेत्र
एनसीबी ने पूरे अरुणाचल प्रदेश में गांजा और अफीम पोस्त की खेती वाले क्षेत्रों की पहचान कर ली है। आगामी संयुक्त अभियान लोहित, लोअर दिबांग वैली, दिबांग वैली, नामसाई, अंजाव, तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों में अफीम पोस्त के स्थलों को निशाना बनाएंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व भारत को नशे की तस्करी के प्रमुख गलियारे के रूप में चिह्नित किया जाता रहा है, और इस क्षेत्र में अवैध खेती एक लंबे समय से चली आ रही समस्या है।
राष्ट्रीय स्तर पर एनसीबी की व्यापक कार्रवाई
इससे पहले, एनसीबी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की पार्वती घाटी में लगभग 592 एकड़ क्षेत्र को अवैध गांजे की खेती से मुक्त कराया था। ओडिशा में, एनसीबी कंधमाल और बौध में राज्य के मिशन जीरो कैनबिस कल्टीवेशन अभियान में शामिल हुई, जिसके तहत कंधमाल में लगभग 30 एकड़ क्षेत्र को साफ किया गया।
आम नागरिक अवैध गांजे की खेती या मादक पदार्थों की तस्करी की जानकारी टोल-फ्री मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर गोपनीय रूप से दे सकते हैं। आने वाले महीनों में अभियान के अगले चरण में अरुणाचल के शेष संवेदनशील जिलों को कवर किए जाने की उम्मीद है।