7 नवंबर 2026
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रवि शास्त्री का बड़ा बयान: मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में मौका न मिलना दुखद

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रवि शास्त्री का बड़ा बयान: मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में मौका न मिलना दुखद

सारांश

पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने शमी को टेस्ट टीम से बाहर रखने पर खुलकर निराशा जताई — कहा, बंगाल के लिए हर मैच में 15-20 ओवर गेंदबाज़ी करना ही असली फिटनेस का पैमाना है। उनके अनुसार शमी में अभी भी 30-40 और टेस्ट विकेट लेने की काबिलियत है।

मुख्य बातें

पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने 7 नवंबर 2026 को मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में मौका न मिलने पर खुलकर निराशा जताई।
शास्त्री ने कहा — शमी बंगाल के लिए हर मैच में 15-20 ओवर गेंदबाज़ी कर रहे थे, यही असली फिटनेस का प्रमाण है।
शास्त्री के अनुसार शमी में अभी भी 30-40 विकेट लेने की क्षमता बाकी है और उन्हें पिछले 12 महीनों में खेलना चाहिए था।
पूर्व कोच ने कहा कि मैच में 10-12 ओवर न कर पाना जिम-फिटनेस की सीमा उजागर करता है।
यह बयान भारतीय क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ों के चयन और फिटनेस मानकों पर जारी बहस को और हवा देता है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने 7 नवंबर 2026 को मोहम्मद शमी को टेस्ट सेटअप से बाहर रखने के चयनकर्ताओं के फैसले पर कड़ी असहमति जताई। शास्त्री ने कहा कि शमी ने बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी फिटनेस और फॉर्म दोनों साबित की है, और उन्हें पिछले 12 महीनों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का अवसर दिया जाना चाहिए था।

शास्त्री की निराशा और दलील

सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर दूसरे वनडे से पूर्व बोलते हुए शास्त्री ने कहा, 'अगर आप मैच में 10 या 12 ओवर नहीं कर सकते तो जिम में फिट रहने का क्या मतलब है? यहाँ आपके पास एक मेहनती खिलाड़ी है जो आपके लिए गेंदबाज़ी कर रहा है। इसलिए, मैं थोड़ा निराश हूँ कि उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला।' पूर्व कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी तेज़ गेंदबाज़ की असली फिटनेस का पैमाना जिम में उसका प्रदर्शन नहीं, बल्कि मैच के दौरान लंबे स्पैल में टिके रहने की क्षमता है।

घरेलू क्रिकेट में शमी का काम का बोझ

शास्त्री ने शमी की फिटनेस को लेकर आई मीडिया रिपोर्टों पर सीधे जवाब देते हुए कहा, 'मैंने उनकी फिटनेस ठीक न होने के बारे में ये सारी प्रेस रिपोर्ट सुनी हैं, लेकिन वह बंगाल के लिए हर मैच खेल रहे थे। वह 15-20 ओवर गेंदबाज़ी कर रहे थे।' उन्होंने सवाल उठाया कि एक खिलाड़ी से फिटनेस साबित करने के लिए इससे बड़े सबूत की आखिर क्या ज़रूरत है।

शास्त्री के अनुसार, शमी का घरेलू काम का बोझ यह प्रमाणित करता है कि वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शारीरिक माँगों को भलीभाँति संभाल सकते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कठिन अंतरराष्ट्रीय सत्र में चोटों के बीच एक अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ की उपलब्धता टीम के लिए अमूल्य होती है।

शमी की काबिलियत पर भरोसा

शास्त्री ने शमी की गेंदबाज़ी क्षमता पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, 'यह दुख की बात है जब देश के लिए इतना अच्छा खेलने वाले को जाना पड़ता है। मुझे पक्का लगा था कि उनमें और 30 या 40 विकेट लेने की काबिलियत थी। उन्हें पिछले 12 महीनों में खेलना चाहिए था और शायद टेस्ट-मैच बॉलर के तौर पर टीम में होना चाहिए था।' यह बयान इस बात का संकेत है कि शास्त्री जैसे अनुभवी दिग्गज भी शमी की अनदेखी को टीम के लिए एक रणनीतिक चूक मानते हैं।

व्यापक संदर्भ: चयन विवाद

गौरतलब है कि मोहम्मद शमी लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हो चुके हैं। भारत के सबसे सफल टेस्ट तेज़ गेंदबाज़ों में शुमार शमी की वापसी की माँग क्रिकेट जगत में बार-बार उठती रही है। यह पहला मौका नहीं है जब किसी पूर्व दिग्गज ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हों — शास्त्री की टिप्पणी इस बहस को और पुख्ता करती है।

आगे क्या

शास्त्री की इस टिप्पणी के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि चयन समिति आगामी टेस्ट सत्र के लिए शमी की उपलब्धता और फॉर्म को लेकर क्या रुख अपनाती है। विशेषज्ञों की राय में यदि शमी घरेलू क्रिकेट में इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो उनकी वापसी की राह और मज़बूत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एनीमिया और चोट जैसी बाधाओं को पार कर घरेलू मैचों में लंबे स्पैल डाल रहा है, यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नज़रअंदाज़ किया जाता है तो यह प्रतिभा प्रबंधन की नाकामी भी है। असली सवाल यह है कि क्या बोर्ड और चयनकर्ताओं के पास फिटनेस मूल्यांकन का कोई पारदर्शी और एकसमान मानक है — या यह हर बार मनमाने ढंग से तय होता है? शमी का मामला इस प्रश्न को केंद्र में ले आता है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवि शास्त्री ने मोहम्मद शमी के बारे में क्या कहा?
रवि शास्त्री ने कहा कि शमी को टेस्ट टीम में दोबारा मौका न मिलना दुखद है और वे इससे निराश हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शमी बंगाल के लिए हर मैच में 15-20 ओवर गेंदबाज़ी कर रहे थे, जो उनकी फिटनेस का पर्याप्त प्रमाण है।
मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम से क्यों बाहर रखा गया?
चयनकर्ताओं ने शमी की फिटनेस को लेकर आई रिपोर्टों के आधार पर उन्हें टेस्ट सेटअप से बाहर रखा। हालाँकि शास्त्री के अनुसार शमी घरेलू क्रिकेट में नियमित और लंबे स्पैल डाल रहे थे, इसलिए यह फैसला उचित नहीं था।
शास्त्री के अनुसार तेज़ गेंदबाज़ की फिटनेस का असली पैमाना क्या है?
शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि मैच के दौरान 10 से 12 ओवर तक लगातार गेंदबाज़ी कर पाना ही असली फिटनेस का पैमाना है, न कि जिम में उसका प्रदर्शन। उनके मुताबिक शमी यह कसौटी पहले ही पार कर चुके हैं।
क्या शमी भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम में वापसी कर सकते हैं?
शास्त्री का मानना है कि शमी में अभी भी 30-40 टेस्ट विकेट लेने की काबिलियत है और उन्हें पिछले 12 महीनों में खेलना चाहिए था। यदि वे घरेलू क्रिकेट में इसी प्रदर्शन को जारी रखते हैं, तो वापसी की संभावना बनी रहती है।
शास्त्री ने यह बयान कहाँ और कब दिया?
शास्त्री ने यह बयान 7 नवंबर 2026 को सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर दूसरे वनडे से पूर्व एक चर्चा के दौरान दिया। उन्होंने शमी की फिटनेस और चयन दोनों मुद्दों पर खुलकर अपने विचार साझा किए।
राष्ट्र प्रेस
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