शानदार प्रदर्शन के बावजूद मोहम्मद शमी को चयनकर्ताओं ने क्यों किया नजरअंदाज?
सारांश
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नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'सैयद मुश्ताक अली 2025' प्रतियोगिता में खेले गए 7 मैचों में मोहम्मद शमी ने 16 विकेट लिए। रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में 7 मैचों में उन्होंने 16.72 की औसत से 37 विकेट चटकाए। आईपीएल 2026 में अब तक खेले गए 2 मैचों में उन्होंने 3 विकेट लिए और उनकी इकोनॉमी महज 4.62 रही। ये सभी आंकड़े तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के हैं, जो पिछले एक साल से भारतीय टीम में अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं।
चाहे लाल गेंद का क्रिकेट हो या टी20, शमी ने पिछले एक साल में अपनी क्षमता को हर स्थिति में साबित किया है। इसके बावजूद, भारतीय टीम के चयनकर्ताओं ने उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया है। पिछले साल, पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर इंग्लैंड दौरे के लिए शमी को टीम में जगह नहीं दी गई। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कहना है कि शमी पूरी तरह से फिट नहीं हैं और जैसे ही वह फिट होंगे, उनकी वापसी होगी।
हर किसी को उम्मीद थी कि एशिया कप 2025 के लिए चुनी जाने वाली भारतीय टीम में शमी को मौका मिलेगा, लेकिन उन्हें फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। टी20 फॉर्मेट की बात छोड़िए, शमी को घरेलू सरजमीं पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज के लिए भी नहीं चुना गया। चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि शमी इंटरनेशनल मुकाबले के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं। इसके बाद, शमी ने रणजी ट्रॉफी में बंगाल की ओर से खेलते हुए 7 मैचों में 16.72 की औसत से 37 विकेट लेकर अपनी फिटनेस साबित की।
फिर भी, शमी चयनकर्ताओं का भरोसा हासिल नहीं कर सके। टी20 फॉर्मेट में उनकी आलोचना करने वालों को उन्होंने सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में 16 विकेट लेकर करारा जवाब दिया। इसके बावजूद, उन्हें 2026 की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया। भारत में हुए टी20 विश्व कप 2026 के लिए भी शमी को मौका नहीं दिया गया, जबकि साल 2023 में वनडे वर्ल्ड कप में शमी सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे।
हालांकि, शमी हर टूर्नामेंट और लीग में अपनी क्षमता को साबित करते आ रहे हैं। आईपीएल 2026 के पहले दो मुकाबलों में भी उन्होंने अपनी शानदार फिटनेस और फॉर्म दिखा दी है। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम के लिए खेलते हुए, दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उन्होंने 4 ओवर में मात्र 28 रन देकर केएल राहुल का महत्वपूर्ण विकेट लिया। दूसरे मुकाबले में, सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाजों के लिए शमी की तेज गेंदों का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने 4 ओवर में मात्र 9 रन देकर 2 विकेट लिए, और उनकी इकोनॉमी 2.20 रही, जो किसी गेंदबाज के लिए टेस्ट क्रिकेट में भी असामान्य है। अगर शमी इसी फॉर्म को बनाए रखने में सफल रहे, तो इस बार उन्हें नजरअंदाज करना बेहद मुश्किल होगा।