मोहम्मद शमी को अफगानिस्तान सीरीज में भी नहीं मिला मौका, चयनकर्ताओं ने युवाओं को दी तरजीह
सारांश
मुख्य बातें
अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। बीसीसीआई की अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने मंगलवार, 19 मई को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम की घोषणा की, लेकिन शमी का नाम इस सूची में नहीं था। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन और घरेलू क्रिकेट में निरंतर उपस्थिति के बावजूद उनकी अनदेखी ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है।
मुख्य घटनाक्रम
चयन समिति ने 6 से 10 जून के बीच होने वाले टेस्ट मैच के लिए शमी की जगह मानव सुथार, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे जैसे युवा गेंदबाजों को मौका दिया है। अफगानिस्तान सीरीज की घोषणा से पहले व्यापक अटकलें थीं कि शमी की राष्ट्रीय टीम में वापसी इसी टेस्ट से हो सकती है, लेकिन चयनकर्ताओं ने अलग राह चुनी।
शमी का हालिया प्रदर्शन
लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के लिए आईपीएल 2026 में 12 मैचों में 10 विकेट लेने वाले शमी घरेलू क्रिकेट के हर फॉर्मेट में लगातार खेल रहे हैं। फिटनेस और फॉर्म — दोनों मोर्चों पर वे सशक्त नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि 35 वर्षीय शमी ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट जून 2023 में, आखिरी वनडे 9 मार्च 2025 को और आखिरी टी20 2 फरवरी 2025 को खेला था।
करियर के आँकड़े
शमी का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड उनकी विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने 64 टेस्ट में 229 विकेट, 108 वनडे में 206 विकेट और 25 टी20 मैचों में 27 विकेट लिए हैं। यह आँकड़े उन्हें भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में से एक बनाते हैं।
चयन नीति और युवाओं को तरजीह
बीसीसीआई की मौजूदा नीति के अनुसार राष्ट्रीय टीम में जगह के लिए घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन अनिवार्य है। इसी नीति के तहत ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के बाद टीम में वापसी की। शमी भी इस शर्त को पूरा कर रहे हैं, फिर भी उनकी अनदेखी जारी है। आलोचकों का कहना है कि अनुभव की जगह युवाओं को प्राथमिकता देना यह संकेत देता है कि चयनकर्ता शमी से आगे बढ़ने पर विचार कर रहे हैं।
आगे की राह
अफगानिस्तान के खिलाफ यह सीरीज युवा गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का अवसर होगी। शमी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है — क्या वे आगामी बड़ी सीरीज में टीम में जगह बना पाएँगे, यह देखना बाकी है।