फ्यूल सेविंग अभियान: एकनाथ शिंदे ने निजी जेट छोड़ा, एयर इंडिया से दिल्ली रवाना; सुनेत्रा पवार ने अपनाया EV
सारांश
मुख्य बातें
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार, 19 मई को मुंबई से दिल्ली की अपनी निर्धारित यात्रा के लिए निजी जेट का उपयोग न करते हुए एयर इंडिया की कमर्शियल फ्लाइट से सफर किया। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस 'फ्यूल सेविंग' आह्वान के अनुरूप उठाया गया, जो अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
मुख्य घटनाक्रम
शिंदे शाम 4 बजे एयर इंडिया की उड़ान से मुंबई से दिल्ली रवाना हुए। वे केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित 'स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0' की दो दिवसीय विशेष समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली गए हैं और बुधवार को बैठक में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
मुंबई हवाई अड्डे पर पहुँचने पर नागरिकों और सहयात्रियों ने शिंदे का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जबकि कुछ नागरिकों ने अपनी शिकायतों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपे।
शिंदे के पर्यावरण-अनुकूल प्रयास
उपमुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, शिंदे पर्यावरण-अनुकूल उपायों को लागू करने में पहले से ही सक्रिय रहे हैं। उन्होंने इससे पहले इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग शुरू किया, अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाई और हेलीकॉप्टर यात्राओं में भी कटौती की।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि निजी जेट के बजाय कमर्शियल एयरलाइन को चुनकर शिंदे ने प्रधानमंत्री की अपील के प्रति अपनी व्यावहारिक प्रतिबद्धता एक बार फिर रेखांकित की।
सुनेत्रा पवार का EV अपनाने का कदम
इसी क्रम में, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने भी मंगलवार को अपने दैनिक उपयोग के लिए एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाया और अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी। उनके कार्यालय के अनुसार, यह कदम हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में उठाया गया है।
पवार ने इस कदम के ज़रिए यह संदेश दिया कि वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर ईंधन संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है और छोटे-छोटे प्रयास भी सार्थक बदलाव ला सकते हैं।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और भारत सरकार ने नागरिकों से ईंधन की बचत का आग्रह किया है। वरिष्ठ नेताओं के इस तरह के प्रतीकात्मक कदम सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं।
क्या होगा आगे
शिंदे बुधवार को 'स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0' की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे, जिसमें शहरी स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यह देखना बाकी है कि महाराष्ट्र सरकार के अन्य मंत्री और अधिकारी भी इसी तरह के ईंधन-बचत उपाय अपनाते हैं या नहीं।