उपराज्यपाल टीएस संधू ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर, ईंधन बचत के लिए दिल्लीवासियों से की अपील

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उपराज्यपाल टीएस संधू ने दिल्ली मेट्रो में किया सफर, ईंधन बचत के लिए दिल्लीवासियों से की अपील

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने मेट्रो में सफर कर ईंधन बचत का संदेश दिया — यह कदम पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण अभियान का हिस्सा है, जिसमें PM मोदी के काफिले की कटौती और दिल्ली सरकार का वर्क फ्रॉम होम आदेश भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल टीएस संधू ने 14 मई को मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में यात्रा कर नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया।
संधू ने एक्स पर पोस्ट कर मेट्रो को 'कुशल, सुलभ और लाखों लोगों को जोड़ने वाली' बताया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कार्यालयों के लिए दो दिन का अनिवार्य वर्क फ्रॉम होम घोषित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले का आकार घटाया; एसपीजी को वाहन संख्या न्यूनतम रखने का निर्देश।
यह कदम पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच राष्ट्रीय ईंधन संरक्षण अभियान के तहत उठाए गए हैं।

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने गुरुवार, 14 मई को मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में स्वयं यात्रा कर नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया। एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उन्होंने निजी वाहन की बजाय मेट्रो को चुना और इस तरह व्यक्तिगत उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम ऐसे समय आया है जब केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ईंधन संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठा रही हैं।

मेट्रो यात्रा और नागरिकों से संवाद

मेट्रो में सफर के दौरान संधू ने सहयात्रियों से खुलकर बातचीत की। कई यात्रियों ने उनके साथ सेल्फी लेने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे मेट्रो के ज़रिए एक बार फिर शहर की धड़कन को महसूस कर रहे हैं — एक ऐसी प्रणाली जो कुशल, सुलभ और प्रतिदिन लाखों लोगों को जोड़ने वाली है।

संधू ने अपनी हालिया यात्राओं का हवाला देते हुए कहा, 'मैंने पाया है कि यह हमारे शहर में घूमने का सबसे कुशल तरीका है और साथ ही यह एक स्थायी पर्यावरण में योगदान भी देता है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि जहां भी संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं।'

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण अभियान से जुड़ाव

संधू का यह आह्वान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न 'चुनौतीपूर्ण अवधि' के लिए तैयार रहने की बात कही थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन बचाने के उद्देश्य से सरकारी कार्यालयों के लिए दो दिन का अनिवार्य 'वर्क फ्रॉम होम' का आदेश जारी किया है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले का आकार भी काफी कम कर दिया है और विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) को काफिले की संख्या न्यूनतम रखने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार, असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह और गुजरात में सोमनाथ अमृत महोत्सव के दौरान भी प्रधानमंत्री के काफिलों की संख्या सामान्य से कम रखी गई थी।

एसपीजी का अनुपालन और सुरक्षा व्यवस्था

एसपीजी ने वाहनों की संख्या घटाकर निर्देशों का पालन शुरू कर दिया है; हालांकि, प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बरकरार रखी गई है। यह संतुलन — ईंधन बचत और सुरक्षा — सरकार की प्राथमिकता बताया जा रहा है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

आलोचकों का कहना है कि ये कदम विपक्ष की उस आलोचना के बाद उठाए गए हैं, जिसमें मोदी सरकार पर नागरिकों पर कठोर उपाय थोपने और स्वयं को वैश्विक तेल संकट से अछूता रखने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

आगे क्या

संधू ने कहा कि सामूहिक प्रयास — चाहे वे सरल ही क्यों न हों — ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित व स्वच्छ दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह देखना बाकी है कि दिल्लीवासी इस अपील को किस हद तक अपनाते हैं और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में कोई मापनीय बदलाव आता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये इशारे नीतिगत ढाँचे में तब्दील होंगे। दिल्ली में वायु प्रदूषण और यातायात संकट वर्षों पुरानी समस्याएँ हैं — कभी-कभार की मेट्रो यात्राएँ और अस्थायी वर्क फ्रॉम होम आदेश इन्हें हल नहीं कर सकते। पश्चिम एशिया संघर्ष ने ईंधन संरक्षण को अचानक राजनीतिक प्राथमिकता बना दिया है, जबकि यही एजेंडा जलवायु नीति के रूप में वर्षों से लंबित था। यदि यह अभियान संकट टलने के बाद भी जारी रहे, तभी इसकी विश्वसनीयता साबित होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराज्यपाल टीएस संधू ने मेट्रो में यात्रा क्यों की?
उपराज्यपाल टीएस संधू ने 14 मई को एक आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मेट्रो के नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में यात्रा की, ताकि नागरिकों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। यह कदम पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच राष्ट्रीय ईंधन संरक्षण अभियान का हिस्सा है।
दिल्ली सरकार ने ईंधन बचत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी कार्यालयों के लिए दो दिन का अनिवार्य वर्क फ्रॉम होम घोषित किया है। इसके अलावा उपराज्यपाल संधू ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी के काफिले में क्या बदलाव आया है?
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने काफिले का आकार काफी कम कर दिया है और एसपीजी को वाहन संख्या न्यूनतम रखने का निर्देश दिया है। असम और गुजरात की हालिया यात्राओं में भी काफिलों की संख्या सामान्य से कम रखी गई, हालांकि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था बरकरार है।
विपक्ष ने इन ईंधन बचत उपायों पर क्या कहा है?
आलोचकों का कहना है कि ये कदम विपक्ष की उस आलोचना के बाद उठाए गए हैं जिसमें मोदी सरकार पर नागरिकों पर कठोर उपाय थोपने और स्वयं को वैश्विक तेल संकट से अछूता रखने का आरोप लगाया गया था। सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
संधू ने दिल्लीवासियों से क्या अपील की?
संधू ने नागरिकों से आग्रह किया कि जहाँ भी संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि ये सामूहिक प्रयास ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित व स्वच्छ दिल्ली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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