बैंक ऑफ इंडिया धोखाधड़ी: सीबीआई ने दो आरोपी गिरफ्तार, ₹64.82 करोड़ की फर्जी ट्रांसफर का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुई ₹64 करोड़ 82 लाख की बड़ी धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी केवाईसी दस्तावेजों और जाली बोर्ड प्रस्तावों के ज़रिए उत्तर प्रदेश वन निगम के नाम पर एक फर्जी बैंक खाता खुलवाकर यह रकम हड़पी। यह मामला 15 जनवरी को बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
कैसे रची गई साजिश
जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर सुनियोजित षड्यंत्र रचा। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा, लखनऊ में उत्तर प्रदेश वन निगम के नाम पर फर्जी केवाईसी दस्तावेज, नकली अधिकार पत्र और जाली बोर्ड प्रस्ताव प्रस्तुत कर एक धोखाधड़ी वाला बैंक खाता खुलवाया।
इसके बाद सावधि जमा (Fixed Deposit) कराने का बहाना बनाकर उस खाते में ₹64 करोड़ 82 लाख ट्रांसफर करवाए गए। तत्काल धन अंतरण प्रणाली (RTGS/NEFT) के माध्यम से ₹6 करोड़ 95 लाख रुपए कोलकाता और नई दिल्ली की छह अलग-अलग फर्मों के खातों में भेज दिए गए।
धोखाधड़ी का खुलासा कैसे हुआ
इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब उत्तर प्रदेश वन निगम के अधिकारियों ने बैंक को स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई अधिकार पत्र जारी नहीं किया था और गिरफ्तार आरोपियों का निगम से कोई संबंध नहीं है। यह खुलासा होते ही बैंक ने सीबीआई से शिकायत की।
गौरतलब है कि इस तरह की सरकारी संस्थाओं के नाम पर फर्जी खाते खोलकर बैंकों को ठगने की यह पहली घटना नहीं है — विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में आंतरिक मिलीभगत की आशंका हमेशा बनी रहती है।
सीबीआई की कार्रवाई
मामले की जाँच के दौरान सीबीआई की टीम ने कई राज्यों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। लगातार निगरानी, समन्वित छापेमारी और फील्ड स्तर पर गहन कार्रवाई के बाद फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
अदालती कार्यवाही
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें 16 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
आगे क्या होगा
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों — विशेषकर अज्ञात सरकारी कर्मचारियों — की भूमिका की जाँच अभी जारी है। जाँच एजेंसी के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।