क्या उत्तर प्रदेश में सीबीआई ने रिश्वत लेते यूपी ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
- ब्रांच मैनेजर और एक चपरासी को रंगेहाथ पकड़ा गया।
- मामला 5 जनवरी को दर्ज हुआ था।
- रिश्वत की राशि 10 हजार रुपए तय की गई थी।
- यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है।
बस्ती, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस कार्रवाई में सीबीआई ने यूपी ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार किया।
सीबीआई ने यूपी ग्रामीण बैंक की बेरता ब्रांच (मखौड़ा धाम) के ब्रांच मैनेजर और एक निजी व्यक्ति को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। यह निजी व्यक्ति बैंक में चपरासी के रूप में कार्यरत था। दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
यह मामला 5 जनवरी को दर्ज किया गया, जब एक शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बैंक से 5 लाख रुपए का लोन लिया था। लोन मंजूर हो गया और उसे पहली किस्त में 2 लाख 72 हजार रुपए मिले, लेकिन बाकी रकम जारी करने के लिए ब्रांच मैनेजर ने निजी व्यक्ति के माध्यम से 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद यह राशि 10 हजार रुपए पर तय हुई।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और 6 जनवरी को जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने ब्रांच मैनेजर और निजी व्यक्ति को 10 हजार रुपए की रिश्वत दी। जैसे ही उन्होंने पैसे लिए, वैसे ही सीबीआई की टीम ने दोनों को मौके पर धर दबोचा। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है।
बताया जा रहा है कि सीबीआई की इस कार्रवाई से अन्य बैंक कर्मियों को सबक मिलेगा। इस मामले में जांच जारी है और जल्द ही दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बस्ती जिले में यह पहली बड़ी सीबीआई कार्रवाई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।