नेताजी की टोपी लाल किला म्यूजियम से गायब, चंद्र कुमार बोस ने पीएम मोदी से मांगी मदद

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नेताजी की टोपी लाल किला म्यूजियम से गायब, चंद्र कुमार बोस ने पीएम मोदी से मांगी मदद

सारांश

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की टोपी लाल किला म्यूजियम से गायब हो गई है। उनके परपोते चंद्र कुमार बोस ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। क्या नेताजी की विरासत को बचाने में मदद मिलेगी?

Key Takeaways

  • नेताजी की टोपी लाल किला म्यूजियम से गायब है।
  • चंद्र कुमार बोस ने पीएम मोदी से मदद मांगी है।
  • यह मामला इतिहास और संस्कृति की सुरक्षा का है।
  • एएसआई के अधिकारियों को टोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत की सुरक्षा आवश्यक है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है और इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सहायता मांगी है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि नेताजी की जो टोपी उन्होंने प्रधानमंत्री को सौंपी थी और जो लाल किले के म्यूजियम में रखी गई थी, वह अब गायब है। उन्होंने पीएम मोदी से इस मामले में ध्यान देने की गुहार लगाई है।

चंद्र कुमार ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपको याद होगा कि मैंने और मेरे परिवार वालों ने मिलकर नेताजी की टोपी आपको सौंपी थी। आपने इसे 23 जनवरी 2019 को नेताजी जयंती (भारत के देशभक्त दिवस) के अवसर पर दिल्ली के लाल किले में स्थित नेताजी संग्रहालय में समर्पित किया था।

पोस्ट में आगे बताया गया है कि हाल ही में ओपीएन के सदस्य एडवोकेट नवीन बामेल ने संग्रहालय का दौरा किया, जहां उन्होंने पाया कि नेताजी की वह टोपी वहां से गायब है। एएसआई के किसी भी अधिकारी को नहीं पता कि वह अब कहां है। नेताजी हमारे सबसे महान नेताओं में से हैं, और यह स्थिति बेहद शर्मनाक है। कृपया इस मामले को गंभीरता से लें।

गौरतलब है कि साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस टोपी को स्वीकार करने के बाद सोशल मीडिया पर बोस परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया था और इसे लाल किले में स्थित क्रांति मंदिर की प्रदर्शनी में रखने की जानकारी दी थी।

प्रधानमंत्री ने अपने एक पोस्ट में लिखा था कि मैं बोस परिवार का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे नेताजी बोस द्वारा पहनी गई टोपी भेंट की। टोपी को तुरंत लाल किले स्थित क्रांति मंदिर की प्रदर्शनी में रखा गया है। मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक युवा क्रांति मंदिर आएंगे और नेताजी बोस के जीवन से प्रेरणा लेंगे।

Point of View

बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी ऐतिहासिक वस्तुएं कितनी सुरक्षित हैं।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

नेताजी की टोपी कब और किसने पीएम मोदी को सौंपी थी?
नेताजी की टोपी 23 जनवरी 2019 को चंद्र कुमार बोस और उनके परिवार ने पीएम मोदी को सौंपी थी।
टोपी के गायब होने के कारण क्या हैं?
टोपी के गायब होने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इसे लेकर एएसआई के अधिकारियों को भी जानकारी नहीं है।
क्या पीएम मोदी ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
फिलहाल, पीएम मोदी ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
लाल किला म्यूजियम में और क्या खास है?
लाल किला म्यूजियम में कई ऐतिहासिक वस्तुएं और exhibits हैं, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को दर्शाते हैं।
नेताजी की टोपी का महत्व क्या है?
नेताजी की टोपी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है और यह उनके योगदान को दर्शाती है।
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