क्या विकेट मुश्किल था? टिकने का जज्बा होता तो आप रन बना सकते थे : गौतम गंभीर

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क्या विकेट मुश्किल था? टिकने का जज्बा होता तो आप रन बना सकते थे : गौतम गंभीर

सारांश

गौतम गंभीर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय टीम की हार पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अगर बल्लेबाजों में टिकने का जज्बा होता, तो रन बनाना संभव था। जानिए क्या कहना है उनके और पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का इस मुद्दे पर।

मुख्य बातें

गौतम गंभीर का मानना है कि टिकने का जज्बा जरूरी है।
पिच की मदद के बावजूद भारत ने मैच गंवाया।
मोंटी पनेसर ने टर्निंग पिचों पर चिंता जताई।
साउथ अफ्रीका ने भारत को 124 रन का लक्ष्य दिया था।
भारत को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है।

कोलकाता, 16 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट में 30 रन से हार का सामना किया। हेड कोच गौतम गंभीर का मानना है कि यदि खिलाड़ियों में लंबे समय तक टिकने और बल्लेबाजी करने का जज्बा होता, तो निश्चित रूप से वे यहां रन बना सकते थे, लेकिन आक्रामक शैली में खेलते रहने की कोशिश में कठिनाई आती है।

गंभीर ने ईडन गार्डन्स के क्यूरेटर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें वही मिला जिसकी उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके बल्लेबाज तीसरे दिन पूरी तरह से लय में नहीं थे।

मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने बताया, "यह बिल्कुल वैसी ही पिच थी जैसी हमें चाहिए थी। मुझे लगता है कि क्यूरेटर ने काफी मदद की। यही हमें चाहिए था और यही हमें मिला। इस विकेट में कोई कमी नहीं थी। टेंबा बावुमा ने अच्छे रन बनाए। अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने भी योगदान दिया। पिच की बात करने का कोई फायदा नहीं है। अधिकांश विकेट तेज गेंदबाजों के खाते में गए।"

कोच ने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह कोई मुश्किल विकेट था। यह एक पिच थी, जहां आपकी तकनीक की परीक्षा होती, आपकी मानसिक दृढ़ता को चुनौती मिलती। अगर आपके पास लंबे समय तक टिकने और बल्लेबाजी करने की इच्छा है, तो आप रन बना सकते हैं। लेकिन यदि आप आक्रामक क्रिकेट खेलने की कोशिश करते हैं, तो यह कठिन हो जाता है।"

उन्होंने कहा, "आपको टर्न खेलने में सक्षम होना चाहिए। यही हमने मांगा था और हमें प्राप्त हुआ। मुझे लगता है कि क्यूरेटर ने अच्छा सहयोग किया। मेरा मानना है कि चाहे विकेट कैसा भी हो, 124 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था। अगर आप पूरी ताकत से खेलते हैं, आपका डिफेंस मजबूत है, और आपमें धैर्य है, तो आप इस विकेट पर रन बना सकते हैं।"

हालांकि गौतम गंभीर ने पिच का समर्थन किया है, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर का मानना है कि इस प्रकार की पिचें भारत की रणनीति पर विपरीत प्रभाव डाल रही हैं।

मोंटी पनेसर ने कहा, "साउथ अफ्रीका को जीत की बधाई। टर्निंग पिचें बनाने की रणनीति भारतीय टीम के लिए चुनौती बन रही है। मुझे लगता है कि भारत को सपाट विकेट बनाने की आवश्यकता है। टेस्ट मैच तीसरे, चौथे दिन तक चलने चाहिए। मुझे नहीं लगता कि टर्निंग पिचें भारतीय टीम के लिए आगे बढ़ने का रास्ता हैं। इसलिए भारत को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। हर कोई यही सोचेगा कि टर्निंग पिचों पर भारत को हराना आसान है। विदेशी टीमें यहां स्पिनर्स लेकर आएंगी। उन्हें पता है कि यहां टर्निंग पिचें मिलेंगी। अब उन्हें भारत को हराने का डर नहीं रहेगा।"

कोलकाता में खेले गए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए। इसके जवाब में भारत ने 189 रन बनाकर 30 रन की बढ़त हासिल की।

दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका ने 153 रन बनाकर भारत को जीत के लिए 124 रन का लक्ष्य दिया, लेकिन टीम इंडिया 93 रन से ज्यादा नहीं बना सकी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक जीत की संभावनाएं सीमित रहेंगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम गंभीर ने पिच के बारे में क्या कहा?
गौतम गंभीर ने कहा कि पिच बिल्कुल वैसी थी जैसी उन्हें चाहिए थी और इसमें कोई कमी नहीं थी।
भारतीय टीम ने किस टीम के खिलाफ टेस्ट मैच खेला?
भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच खेला।
भारत ने कितने रन से मैच गंवाया?
भारत ने मैच 30 रन से गंवाया।
मोंटी पनेसर का इस पर क्या मत है?
मोंटी पनेसर का मानना है कि टर्निंग पिचें भारतीय टीम की रणनीति पर विपरीत प्रभाव डाल रही हैं।
साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में कितने रन बनाए?
साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए।
राष्ट्र प्रेस
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