अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की सौगत रॉय ने निंदा की, बोले — 'विरोधियों को मिटाने की कोशिश'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 7 नवंबर 2026 को पार्टी नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की। रॉय ने कहा कि यह राज्य में विरोधियों को 'नामोनिशान मिटाने' की सोची-समझी कोशिश है और TMC समर्थकों से आह्वान किया कि वे डरें नहीं।
क्या हुई घटना
शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के आवास के सामने TMC और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच झड़प हुई। यह झड़प रात 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच कई चरणों में हुई — ठीक उस वक्त जब अभिषेक बनर्जी अपना 39वाँ जन्मदिन मना रहे थे। अभिषेक ने अपनी जान पर कथित हमले का आरोप लगाया और BJP समर्थकों पर पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया है।
सौगत रॉय का बयान
सांसद सौगत रॉय ने कहा, 'यह बहुत बुरा है। अभिषेक पर हमला होने की यह छठी घटना है। कल रात 2 बजे अभिषेक के घर पर हमला हुआ। इन लोगों ने पहले ही रेकी (निगरानी) की थी। इसकी सूचना पहले ही पुलिस को दे दी गई थी, फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रात 2 बजे अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। मैं इसकी निंदा करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि पुलिस उचित कार्रवाई करेगी।'
रॉय ने आगे कहा, 'यही राज्य में कानून की स्थिति है। विरोधियों का नामोनिशान मिटाने के प्रयास चल रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं।' उन्होंने पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए जोड़ा, 'आज अभिषेक का जन्मदिन है। उनके समर्थक जुटेंगे। डराने की कोशिश की गई है, लेकिन जिनका आना है वो आएगा। हमारा उन समर्थकों के लिए यही संदेश है — डरिए मत।'
पुलिस की भूमिका पर सवाल
गौरतलब है कि रॉय के अनुसार, हमले की पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस ने कोई निवारक कार्रवाई नहीं की। यह आरोप पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह कथित तौर पर अभिषेक पर हमले की छठी घटना बताई जा रही है, जो राज्य में राजनीतिक हिंसा के व्यापक पैटर्न की ओर इशारा करती है।
डॉक्टरों के दस्तावेज़ जाँच पर भी बोले रॉय
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के दस्तावेज़ों की जाँच को लेकर राज्य सरकार के कथित फैसले पर रॉय ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं। ऐसा कभी नहीं होता कि किसी डॉक्टर का SIR किया जाए।' उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी के बयान से अनजान होने की बात कही।
आगे क्या
इस मामले में पुलिस की जाँच का इंतज़ार है। TMC नेतृत्व द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।