7 नवंबर 2026
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अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर BJP-TMC झड़प, सांसद बोले — 'जान लेने की सातवीं कोशिश'

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अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर BJP-TMC झड़प, सांसद बोले — 'जान लेने की सातवीं कोशिश'

सारांश

अभिषेक बनर्जी का 39वाँ जन्मदिन रात को सियासी संघर्ष में बदल गया — कालीघाट आवास के बाहर BJP-TMC झड़प, पत्थरबाजी, लाठीचार्ज। सांसद का दावा: छह महीने में सातवीं बार जान लेने की कोशिश, पुलिस और न्यायपालिका दोनों पर निशाना।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी के कालीघाट, कोलकाता स्थित आवास के बाहर 7 नवंबर 2026 की रात BJP और MAITC समर्थकों में हिंसक झड़पें हुईं।
झड़पें रात 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच कई चरणों में हुईं; दोनों पक्षों के कई लोग घायल।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया; अभिषेक की पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई।
अभिषेक ने आरोप लगाया — 'पिछले छह महीनों में जान लेने की सातवीं कोशिश' ; पुलिस और न्यायपालिका पर निष्क्रियता का आरोप।
सांसद शनिवार सुबह 6:30 बजे पुलिस हस्तक्षेप के बाद अपने घर में प्रवेश कर पाए।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट, कोलकाता स्थित आवास के बाहर शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। अभिषेक ने आरोप लगाया कि यह उनकी जान लेने की सुनियोजित साजिश थी और पिछले छह महीनों में यह सातवीं ऐसी कोशिश है।

घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ

पुलिस सूत्रों के अनुसार, झड़पें रात लगभग 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच कई चरणों में हुईं। उस समय अभिषेक के आवास के बाहर MAITC कार्यकर्ता और समर्थक उनका 39वाँ जन्मदिन मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोप है कि BJP कार्यकर्ता अचानक मौके पर पहुँचे और 'चोर-चोर' के नारे लगाने लगे। तृणमूल समर्थकों का दावा है कि BJP कार्यकर्ताओं ने अभिषेक की तस्वीरें, कटआउट और जन्मदिन के बैनर फाड़ दिए।

विरोध के चलते बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हाथापाई और पत्थरबाजी में बदल गई। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा और दोनों गुटों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

अभिषेक बनर्जी का आरोप

झड़पों की जानकारी मिलते ही अभिषेक बनर्जी घर से बाहर निकले और घायल समर्थकों से मिले। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा — 'मुझ पर हमला करने और मुझे जान से मारने की साजिश रची जा रही है।' इसके बाद उन्होंने अपने घर के बाहर धरने पर बैठ गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटने के लिए कहा, जिस पर सांसद और पुलिस के बीच बहस भी हुई। अंततः शनिवार की सुबह लगभग 6:30 बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे अपने घर में प्रवेश कर पाए।

सोशल मीडिया पर तीखा बयान

बाद में अभिषेक ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने BJP और पुलिस पर कड़ा प्रहार किया। उनके अनुसार — 'दो दिनों की लगातार रेकी के बाद आज सुबह 2 बजे मेरे घर पर हमला किया गया। अगर एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल के आम आदमी की हालत का अंदाजा लगाइए।'

उन्होंने आगे दावा किया — 'पिछले छह महीनों में यह मेरी जान लेने की सातवीं कोशिश है। फिर भी न पुलिस ने कोई कार्रवाई की है और न ही न्यायपालिका ने हस्तक्षेप किया है।' अपने पोस्ट के साथ उन्होंने झड़पों की एक तस्वीर और एक वीडियो भी संलग्न किया।

BJP का पक्ष और पुलिस की भूमिका

इस मामले में BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालाँकि अभिषेक के बयानों में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से चरम पर है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और तीखे टकराव की कड़ी बनती है। अभिषेक बनर्जी की शिकायत के आधार पर पुलिस जाँच की संभावना है। उनके आरोपों की गंभीरता — विशेष रूप से 'सातवें हमले' का दावा — आने वाले दिनों में राज्य और केंद्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — और यही इस ख़बर का सबसे महत्त्वपूर्ण पक्ष है जिसे मुख्यधारा की कवरेज में नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में BJP-TMC की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में हिंसा की लंबी और दस्तावेज़ी इतिहास है, लेकिन एक बैठे हुए सांसद पर बार-बार हमलों के आरोप — यदि सच हैं — तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर गहरा सवाल उठाते हैं। दूसरी ओर, जन्मदिन की रात भीड़ जमा करना और फिर उसे राजनीतिक हमले का रूप देना — दोनों पक्षों के इस नैरेटिव को परखने की ज़रूरत है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर क्या हुआ?
7 नवंबर 2026 की रात कोलकाता के कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर BJP और MAITC समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। रात 2:30 से 3:30 बजे के बीच हाथापाई और पत्थरबाजी की घटनाएँ हुईं जिनमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए।
अभिषेक बनर्जी ने किस पर आरोप लगाए हैं?
अभिषेक ने BJP कार्यकर्ताओं पर उनकी जान लेने की साजिश का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि यह पिछले छह महीनों में सातवीं ऐसी कोशिश है। उन्होंने पुलिस पर निष्क्रियता और न्यायपालिका पर अनदेखी का भी आरोप लगाया।
झड़प के बाद पुलिस ने क्या किया?
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों गुटों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। बाद में जब अभिषेक धरने पर बैठे, तो पुलिस ने उन्हें हटने को कहा, जिस पर दोनों में बहस हुई। शनिवार सुबह 6:30 बजे पुलिस हस्तक्षेप के बाद अभिषेक अपने घर में प्रवेश कर पाए।
झड़प के समय अभिषेक बनर्जी के घर पर भीड़ क्यों थी?
7 नवंबर को अभिषेक बनर्जी का 39वाँ जन्मदिन था। आधी रात के बाद MAITC कार्यकर्ता और समर्थक जन्मदिन मनाने के लिए उनके कालीघाट आवास के बाहर एकत्रित हुए थे, उसी दौरान झड़प शुरू हुई।
इस घटना का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह घटना BJP और TMC के बीच पहले से तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल को और भड़का सकती है। अभिषेक के सोशल मीडिया बयान और हमले के गंभीर आरोप आने वाले दिनों में राज्य और केंद्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को तेज़ कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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