अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर BJP-TMC झड़प, सांसद बोले — 'जान लेने की सातवीं कोशिश'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट, कोलकाता स्थित आवास के बाहर शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। अभिषेक ने आरोप लगाया कि यह उनकी जान लेने की सुनियोजित साजिश थी और पिछले छह महीनों में यह सातवीं ऐसी कोशिश है।
घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, झड़पें रात लगभग 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच कई चरणों में हुईं। उस समय अभिषेक के आवास के बाहर MAITC कार्यकर्ता और समर्थक उनका 39वाँ जन्मदिन मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। आरोप है कि BJP कार्यकर्ता अचानक मौके पर पहुँचे और 'चोर-चोर' के नारे लगाने लगे। तृणमूल समर्थकों का दावा है कि BJP कार्यकर्ताओं ने अभिषेक की तस्वीरें, कटआउट और जन्मदिन के बैनर फाड़ दिए।
विरोध के चलते बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हाथापाई और पत्थरबाजी में बदल गई। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा और दोनों गुटों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
अभिषेक बनर्जी का आरोप
झड़पों की जानकारी मिलते ही अभिषेक बनर्जी घर से बाहर निकले और घायल समर्थकों से मिले। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा — 'मुझ पर हमला करने और मुझे जान से मारने की साजिश रची जा रही है।' इसके बाद उन्होंने अपने घर के बाहर धरने पर बैठ गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटने के लिए कहा, जिस पर सांसद और पुलिस के बीच बहस भी हुई। अंततः शनिवार की सुबह लगभग 6:30 बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे अपने घर में प्रवेश कर पाए।
सोशल मीडिया पर तीखा बयान
बाद में अभिषेक ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने BJP और पुलिस पर कड़ा प्रहार किया। उनके अनुसार — 'दो दिनों की लगातार रेकी के बाद आज सुबह 2 बजे मेरे घर पर हमला किया गया। अगर एक निर्वाचित सांसद के साथ ऐसा हो सकता है, तो पश्चिम बंगाल के आम आदमी की हालत का अंदाजा लगाइए।'
उन्होंने आगे दावा किया — 'पिछले छह महीनों में यह मेरी जान लेने की सातवीं कोशिश है। फिर भी न पुलिस ने कोई कार्रवाई की है और न ही न्यायपालिका ने हस्तक्षेप किया है।' अपने पोस्ट के साथ उन्होंने झड़पों की एक तस्वीर और एक वीडियो भी संलग्न किया।
BJP का पक्ष और पुलिस की भूमिका
इस मामले में BJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालाँकि अभिषेक के बयानों में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से चरम पर है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह घटना पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और तीखे टकराव की कड़ी बनती है। अभिषेक बनर्जी की शिकायत के आधार पर पुलिस जाँच की संभावना है। उनके आरोपों की गंभीरता — विशेष रूप से 'सातवें हमले' का दावा — आने वाले दिनों में राज्य और केंद्रीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को तेज़ कर सकता है।