19 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी को सीआईडी नोटिस पर लॉकेट चटर्जी का हमला: 'गलत काम का फल मिलेगा'

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अभिषेक बनर्जी को सीआईडी नोटिस पर लॉकेट चटर्जी का हमला: 'गलत काम का फल मिलेगा'

सारांश

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP की लॉकेट चटर्जी ने TMC पर सबसे तीखा हमला बोला — अभिषेक बनर्जी को सीआईडी नोटिस को 'गलत कामों का फल' बताया और ममता बनर्जी के धरने को राजनीतिक विफलता का प्रतीक करार दिया।

मुख्य बातें

लॉकेट चटर्जी ने 2 जून 2026 को कहा कि अभिषेक बनर्जी को सीआईडी कार्यालय जाना अनिवार्य है।
चटर्जी का आरोप — पहले सीआईडी TMC के प्रभाव में थी, अब वही एजेंसी नोटिस भेज रही है।
ममता बनर्जी के धरने पर कटाक्ष — 'जनता के लिए काम करतीं तो धरने की नौबत नहीं आती।' सिग्नेचर विवाद पर चटर्जी का दावा — 'नकली हस्ताक्षर नहीं, पूरी सरकार ही नकली चल रही थी।' सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार को जनसेवा का उदाहरण बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी ने 2 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उसके नेताओं पर तीखे आरोप लगाए। अभिषेक बनर्जी को सीआईडी द्वारा भेजे गए नोटिस, TMC के विरोध प्रदर्शन, सिग्नेचर विवाद और पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर चटर्जी ने कहा कि कानून के सामने किसी को भी जवाब देने से छूट नहीं मिलेगी।

सीआईडी नोटिस पर चटर्जी का तीखा बयान

लॉकेट चटर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभिषेक बनर्जी को सीआईडी कार्यालय जाना ही होगा। उनके अनुसार, नोटिस बिना कारण नहीं भेजा गया — यह उनके कथित गलत कार्यों का परिणाम है। चटर्जी ने आरोप लगाया कि इससे पहले सीआईडी TMC के प्रभाव में काम करती थी और सरकारी संस्थाओं को मनमाने ढंग से चलाया जा रहा था। उन्होंने कहा, 'अभी तक सीआईडी उनके हाथ में थी, अब वही सीआईडी उन्हें नोटिस भेज रही है।'

चटर्जी ने यह भी कहा कि आज नहीं तो कल, अभिषेक बनर्जी को सीआईडी के सामने पेश होना ही पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के साथ अन्याय हुआ है और अब उसका हिसाब होगा।

ममता बनर्जी के धरने पर कटाक्ष

TMC की विरोध प्रदर्शन योजना पर चटर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि एक महीने में राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। उनके अनुसार, ममता बनर्जी ने कभी नहीं सोचा था कि उनके कार्यों का परिणाम इतनी जल्दी सामने आएगा। चटर्जी ने कहा कि यदि पार्टी ने जनता के लिए काम किया होता, तो शायद आज धरना देने की नौबत नहीं आती।

उन्होंने यह भी दावा किया कि TMC नेताओं को अपने ही कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं मिल रहा और पार्टी का कैडर बिखर रहा है। उनके शब्दों में, 'चुनाव हारते ही पार्टी खत्म हो गई।'

सिग्नेचर विवाद पर BJP नेता की प्रतिक्रिया

सिग्नेचर विवाद के संदर्भ में चटर्जी ने कहा कि मामला केवल नकली हस्ताक्षर तक सीमित नहीं है — कथित तौर पर पूरी सरकार ही नकली तरीके से चलाई जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC नेता अब आपस में ही एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जो पार्टी की आंतरिक दरारों को उजागर करता है।

सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार की सराहना

BJP नेता ने सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार की सराहना करते हुए कहा कि पहले लोग मुख्यमंत्री से मिलने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर चटर्जी ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और गौ माता के प्रति आस्था सदा बनी रहनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब BJP सांस्कृतिक मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP और TMC के बीच राजनीतिक टकराव तेज़ हो गया है। आने वाले दिनों में सीआईडी जाँच और TMC के विरोध प्रदर्शन — दोनों ही राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी को सीआईडी नोटिस क्यों भेजा गया?
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सीआईडी ने TMC नेता अभिषेक बनर्जी को एक जाँच के सिलसिले में नोटिस भेजा है। BJP नेता लॉकेट चटर्जी ने इसे उनके कथित गलत कार्यों का परिणाम बताया है, हालाँकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी के धरने पर क्या कहा?
चटर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी को जनता के लिए काम करना चाहिए था, तब धरने की ज़रूरत नहीं पड़ती। उन्होंने इसे TMC की राजनीतिक विफलता का प्रतीक बताया।
सिग्नेचर विवाद क्या है जिसका चटर्जी ने ज़िक्र किया?
चटर्जी ने एक सिग्नेचर विवाद का उल्लेख किया जिसमें कथित तौर पर नकली हस्ताक्षर का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने इसे TMC शासन की व्यापक अनियमितताओं का हिस्सा बताया, हालाँकि विवाद के विस्तृत तथ्य स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
सुवेंदु अधिकारी का जनता दरबार क्या है?
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने जनता दरबार की शुरुआत की है, जहाँ आम नागरिक सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याएँ रख सकते हैं। लॉकेट चटर्जी ने इसे जनसेवा का सकारात्मक उदाहरण बताया।
पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच मौजूदा विवाद किस बात को लेकर है?
सत्ता परिवर्तन के बाद BJP सरकार ने TMC नेताओं के खिलाफ जाँच एजेंसियों की कार्रवाई तेज़ की है। TMC इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है जबकि BJP इसे कानूनी जवाबदेही करार दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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