7 नवंबर 2026
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पटियाला का AQI 221 'खराब' श्रेणी में, दिल्ली में GRAP-3 लागू; प्रदूषण संकट गहराया

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पटियाला का AQI 221 'खराब' श्रेणी में, दिल्ली में GRAP-3 लागू; प्रदूषण संकट गहराया

सारांश

पटियाला में AQI 221 और दिल्ली में 365 — उत्तर भारत में सर्दी की दस्तक के साथ प्रदूषण का संकट भी गहराता जा रहा है। CAQM ने दीपावली से पहले GRAP-3 लागू कर दिया है, जो बताता है कि हालात कितने नाज़ुक हैं।

मुख्य बातें

पटियाला का AQI 7 नवंबर 2026 को 221 दर्ज, 'खराब' श्रेणी में।
पिछले चार दिनों में AQI: 4 नवंबर — 191 , 5 नवंबर — 240 , 6 नवंबर — 201 , 7 नवंबर — 221 ।
आंकड़े PPCB के मॉडल टाउन, पटियाला स्थित स्टेशन से।
दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 365 — 'बहुत खराब' श्रेणी; शुक्रवार शाम 382 था।
CAQM ने दिल्ली-NCR में GRAP चरण-3 लागू किया।
बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन-हृदय रोगियों को बाहर न निकलने की सलाह।

पंजाब के पटियाला में वायु प्रदूषण शनिवार को भी राहत देने का नाम नहीं ले रहा। 7 नवंबर 2026 को सुबह 11:05 बजे IST तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 221 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वर्गीकरण के अनुसार 'खराब' श्रेणी में आता है। यह स्तर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन रोगियों के लिए विशेष रूप से हानिकारक माना जाता है।

पिछले चार दिनों का उतार-चढ़ाव

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के मॉडल टाउन, पटियाला स्थित निगरानी केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता में पिछले चार दिनों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ है। 4 नवंबर को AQI 191, 5 नवंबर को 240, 6 नवंबर को 201 और 7 नवंबर को यह फिर बढ़कर 221 पर पहुंच गया। गौरतलब है कि 200 से ऊपर का AQI 'खराब' श्रेणी में आता है, जहाँ लंबे समय तक संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

स्वास्थ्य चेतावनी — किसे है सबसे ज़्यादा खतरा

जारी स्वास्थ्य सलाह के अनुसार, 221 AQI के स्तर पर बाहरी गतिविधियाँ घटाने और मास्क पहनने की सिफारिश की गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों तथा सांस और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों को घर के भीतर रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी इलाकों में पराली जलाने और सर्दियों की धुंध के मिलेजुले प्रभाव से वायु गुणवत्ता तेज़ी से बिगड़ रही है।

दिल्ली में स्थिति और भी गंभीर, GRAP-3 लागू

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की स्थिति पटियाला से भी अधिक चिंताजनक है। दिल्ली सरकार के वायु गुणवत्ता निगरानी डेटा के अनुसार, 7 नवंबर को 24 घंटे का औसत AQI 365 रहा, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले, शुक्रवार शाम दिल्ली का AQI 382 था। लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को दीपावली से पहले एहतियातन दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-3 लागू कर दिया।

GRAP-3 का मतलब क्या है

GRAP चरण-3 लागू होने पर दिल्ली-NCR में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध, डीज़ल जनरेटर के उपयोग पर रोक और प्रदूषणकारी उद्योगों की निगरानी बढ़ाई जाती है। यह Nवीं बार है जब सर्दियों के मौसम में राजधानी को इस स्तर के आपात उपायों का सहारा लेना पड़ा है, जो दर्शाता है कि दीर्घकालिक प्रदूषण नियंत्रण नीतियाँ अभी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाई हैं।

आगे क्या उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में तेज़ हवाओं की अनुपस्थिति और तापमान में गिरावट के कारण आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर में और वृद्धि की आशंका है। पटियाला के निवासियों को PPCB के रियल-टाइम डेटा पर नज़र रखने और स्वास्थ्य एजेंसियों की सलाह का पालन करने की ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस नीतिगत विफलता के प्रमाण हैं जो हर सर्दी में दोहराई जाती है। पराली जलाने पर रोक के वर्षों के वादों और GRAP जैसे आपात उपायों के बावजूद, उत्तर भारत हर नवंबर में उसी जहरीली हवा में साँस लेता है। GRAP-3 एक बैंड-एड है, न इलाज — असली सवाल यह है कि पंजाब-हरियाणा में पराली प्रबंधन और दिल्ली में वाहन व औद्योगिक प्रदूषण पर दीर्घकालिक नीतियाँ कब अमल में आएंगी।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला का AQI 221 कितना खतरनाक है?
AQI 201 से 300 के बीच होने पर उसे 'खराब' श्रेणी में रखा जाता है, जो अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी दे सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन या हृदय रोगियों के लिए यह स्तर विशेष रूप से हानिकारक है।
GRAP-3 क्या है और दिल्ली में इसे क्यों लागू किया गया?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-3 तब लागू होता है जब दिल्ली का AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच जाए। CAQM ने शुक्रवार को AQI 382 के बाद और दीपावली से पहले एहतियातन GRAP-3 लागू किया, जिसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक और डीज़ल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध शामिल हैं।
पटियाला में वायु प्रदूषण के आंकड़े कहाँ से मिलते हैं?
पटियाला में वायु गुणवत्ता की निगरानी PPCB (पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के मॉडल टाउन स्थित स्टेशन से होती है। यह डेटा रियल-टाइम में अपडेट किया जाता है और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर भी उपलब्ध रहता है।
प्रदूषित हवा से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य एजेंसियों की सलाह के अनुसार, AQI 200 से ऊपर होने पर बाहरी गतिविधियाँ सीमित करें और N95 मास्क पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन-हृदय रोगियों को घर के भीतर रहना चाहिए और वायु शोधक का उपयोग करना चाहिए।
क्या आने वाले दिनों में पटियाला और दिल्ली में प्रदूषण और बढ़ेगा?
मौसम संबंधी स्थितियों — तेज़ हवाओं की अनुपस्थिति और तापमान में गिरावट — के कारण उत्तर भारत में आने वाले दिनों में AQI और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। दीपावली के बाद पटाखों से उत्पन्न धुएँ से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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