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क्या दीपावली से पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण ने तोड़े रिकॉर्ड?

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क्या दीपावली से पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण ने तोड़े रिकॉर्ड?

सारांश

दीपावली के आगमन से पहले, एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। विभिन्न क्षेत्रों में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है, जो नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। जानिए अधिक जानकारी इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
एक्यूआई 300 से ऊपर पहुँच गया है।
GRAP स्टेज-1 लागू किया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान दें।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

नोएडा, 18 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दीपावली से पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से गंभीर होता जा रहा है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 के पार पहुँच गया है, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा जाता है।

कुछ इलाकों में तो स्थिति इतनी चिंताजनक है कि एक्यूआई ने लाल निशान को भी पार कर लिया है। नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ऊंचा है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 244, सेक्टर-1 में 286, जबकि सेक्टर-116 में 290 तक पहुँचा। सबसे गंभीर स्थिति सेक्टर-125 में देखने को मिली, जहाँ एक्यूआई 319 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी के बेहद करीब है।

राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ओखला फेज-2 में एक्यूआई 223, पुसा में 277 और मुनकद में 282 दर्ज हुआ। इसके अलावा, वज़ीरपुर में 359, बवाना में 312 और आनंद विहार में 379 तक जा पहुँचा, जो 'गंभीर' श्रेणी की चेतावनी देता है। गाजियाबाद के वासुंधरा में एक्यूआई 290, इंदिरापुरम में 298, संजय नगर में 325 और लोनी में 351 दर्ज किया गया। जिले में औसतन वायु गुणवत्ता 300 के पार है, जिससे आम नागरिकों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है।

वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-1 लागू हो चुका है। सुबह से ही सड़कों पर प्राधिकरण की टीमें वॉटर स्प्रिंकलर का उपयोग करके धूल नियंत्रण का प्रयास कर रही हैं। सड़कों की धुलाई, निर्माण स्थलों पर ढकने और कूड़ा जलाने पर सख्ती जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि बिना जरूरत के बाहर न निकलें और यदि निकलें तो मास्क का उपयोग करें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों के लिए यह समय अत्यंत संवेदनशील है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण क्या है?
एनसीआर में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक धुएं और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल है।
एक्यूआई 300 से अधिक होने का क्या मतलब है?
एक्यूआई 300 से अधिक होना 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
क्या हमें मास्क पहनना चाहिए?
जी हाँ, बाहर निकलते समय मास्क पहनना अत्यंत आवश्यक है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) क्या है?
GRAP एक योजना है जो वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न उपायों को लागू करती है।
क्या वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है?
हाँ, वायु प्रदूषण से सांस की समस्याएं, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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