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दिल्ली-एनसीआर में AQI 400 पार, अलिपुर में 415; डॉक्टरों ने घर से बाहर न निकलने की सलाह दी

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दिल्ली-एनसीआर में AQI 400 पार, अलिपुर में 415; डॉक्टरों ने घर से बाहर न निकलने की सलाह दी

सारांश

बारिश थमते ही दिल्ली-एनसीआर फिर जहरीली धुंध की चपेट में आ गया। अलिपुर में AQI 415, नोएडा सेक्टर-62 में 406 — आँकड़े बताते हैं कि प्रदूषण नियंत्रण के दावे ज़मीन पर कमज़ोर हैं। अगले कई दिनों तक राहत के आसार नहीं।

मुख्य बातें

3 नवंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर में AQI 400 के पार; अलिपुर में सर्वाधिक 415 दर्ज।
बवाना में AQI 409 , बुराड़ी क्रॉसिंग में 383 , अशोक विहार में 350 ।
नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 406 ; UPPCB के प्रदूषण नियंत्रण दावों पर सवाल।
गाजियाबाद के वेव सिटी में 314 और संजय नगर में 306 AQI।
मौसम विभाग के अनुसार 8 नवंबर तक तेज़ हवाएँ नहीं, प्रदूषण में राहत की उम्मीद कम।
डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा रोगियों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी।

नई दिल्ली में 3 नवंबर 2026 को बारिश थमते ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया, जिसमें अलिपुर में 415 का सर्वाधिक स्तर दर्ज किया गया। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के आँकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों और पड़ोसी शहरों में हवा 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और श्वास रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों का AQI

DPCC और IITM के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाके 'गंभीर' और 'अत्यंत खराब' श्रेणी में बने हुए हैं। अलिपुर में AQI 415 के साथ सबसे अधिक दर्ज किया गया, जबकि बवाना में यह 409 तक पहुँचा। बुराड़ी क्रॉसिंग में AQI 383, अशोक विहार में 350, बुराड़ी में 348, आया नगर में 310 और बदरपुर में 300 रिकॉर्ड किया गया। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब मौसम विभाग के अनुसार 3 नवंबर से 8 नवंबर 2026 तक आसमान मुख्यतः साफ रहने और तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।

नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण के दावे फेल

नोएडा में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के प्रदूषण नियंत्रण के दावे आँकड़ों के अनुसार खोखले साबित हो रहे हैं। सेक्टर-62 में AQI 406 के साथ 'गंभीर' श्रेणी में है। सेक्टर-39 में 364, सेक्टर-150 में 343, सेक्टर-116 में 270, सेक्टर-125 में 250 और सेक्टर-1 में 201 AQI दर्ज किया गया।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नोएडा में निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान उड़ती धूल एवं धुएँ से वायु प्रदूषण में इज़ाफा हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लागू निर्माण कार्यों पर रोक के नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा।

गाजियाबाद में भी बिगड़ते हालात

गाजियाबाद में भी वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। अधिकांश स्टेशनों पर AQI 200 से 300 के बीच है। वेव सिटी में AQI 314 और संजय नगर में 306 दर्ज किया गया। इंदिरापुरम में 275, वसुंधरा में 260, वेद विहार-लोनी में 212 और लोनी में 293 AQI रहा। गौरतलब है कि यह वह दौर है जब सर्दी की शुरुआत और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं के कारण हर वर्ष एनसीआर की वायु गुणवत्ता तेज़ी से गिरती है।

स्वास्थ्य पर असर और डॉक्टरों की सलाह

AQI के 400 के पार पहुँचने पर चिकित्सा विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस दौरान बाहर निकलने से बचें — विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा एवं श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग। मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है।

आगे राहत के आसार कम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तेज़ हवाओं के आसार नहीं हैं, जिससे प्रदूषण फैलाव में कमी आने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वायु प्रवाह सामान्य नहीं होता और निर्माण कार्यों पर प्रभावी रोक नहीं लगती, एनसीआर में राहत मिलने में वक्त लग सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

AQI उछलता है, चेतावनियाँ जारी होती हैं और प्रशासनिक दावे हवा में घुल जाते हैं। नोएडा में निर्माण कार्यों पर रोक के नियमों का पालन न होना बताता है कि नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी भी बनी हुई है। असली सवाल यह नहीं कि AQI कितना ऊँचा गया, बल्कि यह है कि GRAP जैसे ढाँचे लागू होने के बाद भी इस स्तर तक पहुँचना क्यों रुक नहीं पाता। जब तक जवाबदेही सिर्फ आँकड़ों तक सीमित रहेगी और ज़मीनी निगरानी कमज़ोर रहेगी, हर सर्दी यही कहानी दोहराती रहेगी।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली-एनसीआर में आज AQI कितना है?
3 नवंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुँच गया है। DPCC और IITM के आँकड़ों के अनुसार अलिपुर में सर्वाधिक 415 और बवाना में 409 AQI दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है।
AQI 400 होने पर स्वास्थ्य पर क्या असर होता है?
AQI 400 से ऊपर जाने पर हवा 'गंभीर' श्रेणी में आती है, जो सामान्य लोगों के लिए भी हानिकारक हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार इस स्तर पर बाहर निकलने से फेफड़ों को सीधा नुकसान होता है और बुजुर्गों, बच्चों व अस्थमा रोगियों को विशेष खतरा रहता है।
नोएडा में प्रदूषण इतना क्यों बढ़ रहा है?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नोएडा में निर्माण कार्यों पर प्रशासनिक रोक के नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा। सड़क निर्माण और मरम्मत से उड़ती धूल और धुआँ AQI को और बढ़ा रहे हैं, जिससे UPPCB के दावे संदिग्ध हो गए हैं।
दिल्ली में प्रदूषण कब तक कम होगा?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 8 नवंबर 2026 तक तेज़ हवाओं के आसार नहीं हैं, इसलिए निकट भविष्य में प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी की संभावना कम है। जब तक हवा का प्रवाह नहीं बढ़ता, धुंध और प्रदूषण बना रह सकता है।
प्रदूषण के दौरान क्या सावधानियाँ बरतें?
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस दौरान बाहर निकलने से बचें और बाहर जाना ज़रूरी हो तो मास्क अवश्य पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को घर के अंदर रहना चाहिए और एयर प्यूरिफायर का उपयोग करना उचित रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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