दिल्ली-एनसीआर में AQI 400 पार, अलिपुर में 415; डॉक्टरों ने घर से बाहर न निकलने की सलाह दी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 3 नवंबर 2026 को बारिश थमते ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया, जिसमें अलिपुर में 415 का सर्वाधिक स्तर दर्ज किया गया। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के आँकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों और पड़ोसी शहरों में हवा 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और श्वास रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों का AQI
DPCC और IITM के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाके 'गंभीर' और 'अत्यंत खराब' श्रेणी में बने हुए हैं। अलिपुर में AQI 415 के साथ सबसे अधिक दर्ज किया गया, जबकि बवाना में यह 409 तक पहुँचा। बुराड़ी क्रॉसिंग में AQI 383, अशोक विहार में 350, बुराड़ी में 348, आया नगर में 310 और बदरपुर में 300 रिकॉर्ड किया गया। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब मौसम विभाग के अनुसार 3 नवंबर से 8 नवंबर 2026 तक आसमान मुख्यतः साफ रहने और तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है।
नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण के दावे फेल
नोएडा में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के प्रदूषण नियंत्रण के दावे आँकड़ों के अनुसार खोखले साबित हो रहे हैं। सेक्टर-62 में AQI 406 के साथ 'गंभीर' श्रेणी में है। सेक्टर-39 में 364, सेक्टर-150 में 343, सेक्टर-116 में 270, सेक्टर-125 में 250 और सेक्टर-1 में 201 AQI दर्ज किया गया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नोएडा में निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों के दौरान उड़ती धूल एवं धुएँ से वायु प्रदूषण में इज़ाफा हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लागू निर्माण कार्यों पर रोक के नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा।
गाजियाबाद में भी बिगड़ते हालात
गाजियाबाद में भी वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। अधिकांश स्टेशनों पर AQI 200 से 300 के बीच है। वेव सिटी में AQI 314 और संजय नगर में 306 दर्ज किया गया। इंदिरापुरम में 275, वसुंधरा में 260, वेद विहार-लोनी में 212 और लोनी में 293 AQI रहा। गौरतलब है कि यह वह दौर है जब सर्दी की शुरुआत और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं के कारण हर वर्ष एनसीआर की वायु गुणवत्ता तेज़ी से गिरती है।
स्वास्थ्य पर असर और डॉक्टरों की सलाह
AQI के 400 के पार पहुँचने पर चिकित्सा विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस दौरान बाहर निकलने से बचें — विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा एवं श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग। मास्क पहनना अनिवार्य बताया गया है।
आगे राहत के आसार कम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तेज़ हवाओं के आसार नहीं हैं, जिससे प्रदूषण फैलाव में कमी आने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वायु प्रवाह सामान्य नहीं होता और निर्माण कार्यों पर प्रभावी रोक नहीं लगती, एनसीआर में राहत मिलने में वक्त लग सकता है।