22 सितंबर 2026
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश थमते ही प्रदूषण का कहर, ग्रेटर नोएडा का AQI 330 पर पहुँचा

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दिल्ली-एनसीआर में बारिश थमते ही प्रदूषण का कहर, ग्रेटर नोएडा का AQI 330 पर पहुँचा

सारांश

बारिश रुकते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली होने लगी है। ग्रेटर नोएडा का AQI 330 'बहुत खराब' पर पहुँचा, दिल्ली के चाँदनी चौक और आनंद विहार सहित गाजियाबाद के कई इलाके भी 'खराब' श्रेणी में। अगले हफ्ते भी बारिश नहीं, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 का AQI 330 — 'बहुत खराब' श्रेणी में।
दिल्ली में चाँदनी चौक ( 235 ), आनंद विहार ( 208 ) और बवाना ( 203 ) के AQI 'खराब' दर्ज।
गाजियाबाद के लोनी का AQI 203 , वसुंधरा 187 , इंदिरापुरम 186 ।
IMD के अनुसार 22-27 सितंबर तक बारिश नहीं, तापमान 33-35°C के बीच रहेगा।
बारिश न होने से प्रदूषक कण हवा में जमा हो रहे हैं; AQI के और बढ़ने पर GRAP प्रतिबंध संभव।

नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026: बारिश का सिलसिला थमते ही दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर पकड़ मजबूत कर ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिन आसमान साफ रहेगा, और ठीक यही स्थिति प्रदूषक कणों के जमाव के लिए अनुकूल बन रही है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 330 तक पहुँच गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है।

मौसम का पूर्वानुमान

IMD के अनुसार, 22 सितंबर से 24 सितंबर के बीच आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। इन दिनों अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23-24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

25 सितंबर से 27 सितंबर के बीच आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है। इन दिनों तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस के दायरे में ही बना रहेगा।

ग्रेटर नोएडा और दिल्ली में AQI की स्थिति

आँकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 का AQI 330 — यानी 'बहुत खराब' — दर्ज किया गया है, जबकि नॉलेज पार्क-3 का AQI 209 ('खराब' श्रेणी) रहा।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के आँकड़ों के अनुसार राजधानी में भी कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक है। चाँदनी चौक का AQI 235, आनंद विहार का 208, बवाना का 203 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 162 दर्ज हुआ है। इसके अलावा बुराड़ी क्रॉसिंग (159), सीआरआरआई मथुरा रोड (159) और आया नगर (127) भी प्रदूषण की चपेट में हैं।

गाजियाबाद में भी बिगड़ी हवा

गाजियाबाद में भी वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। लोनी का AQI 203, वसुंधरा का 187, इंदिरापुरम का 186, वेद विहार-लोनी का 171, संजय नगर का 164 और गोविंदपुरम का 123 रिकॉर्ड किया गया है।

आम जनता पर असर और कारण

यह ऐसे समय में आया है जब NCR में मौसम शुष्क और साफ है — और यही स्थिति हवा में मौजूद प्रदूषक कणों के बिखराव को रोक रही है। बारिश न होने के कारण महीन कण (PM2.5 और PM10) वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है — विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से फेफड़े या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए।

गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून के बाद अक्टूबर-नवंबर में एनसीआर में प्रदूषण का संकट गहराता है। इस वर्ष सितंबर में ही AQI के 'बहुत खराब' श्रेणी तक पहुँचना यह संकेत देता है कि आने वाले हफ्तों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

क्या होगा आगे

IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए अगले सप्ताह भी बारिश की संभावना नहीं है, जिससे AQI में और वृद्धि हो सकती है। यदि AQI 400 के पार जाता है, तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंध लागू कर सकता है। फिलहाल नागरिकों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय मास्क पहनने और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीर्घकालिक स्रोत नियंत्रण — वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, पराली — पर ठोस कार्रवाई अब भी अधूरी है। GRAP जैसे तात्कालिक उपाय लक्षण दबाते हैं, जड़ नहीं। जब तक नीति केवल 'बहुत खराब' दिनों पर प्रतिक्रिया देती रहेगी — न कि साल भर के उत्सर्जन स्रोतों पर — NCR के नागरिक हर सर्दी एक ही खबर पढ़ते रहेंगे।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा का AQI कितना है?
आँकड़ों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 का AQI 330 दर्ज किया गया है, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। नॉलेज पार्क-3 का AQI 209 है, जो 'खराब' श्रेणी में है।
दिल्ली में कौन-से इलाके सबसे ज़्यादा प्रदूषित हैं?
DPCC के आँकड़ों के अनुसार, चाँदनी चौक (AQI 235), आनंद विहार (208) और बवाना (203) दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में हैं। बुराड़ी क्रॉसिंग और सीआरआरआई मथुरा रोड पर भी AQI 159 दर्ज हुआ है।
बारिश के बाद प्रदूषण क्यों बढ़ जाता है?
बारिश के दौरान पानी की बूँदें हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को जमीन पर खींच लेती हैं, जिससे AQI अस्थायी रूप से सुधर जाता है। जैसे ही बारिश रुकती है और मौसम शुष्क-साफ हो जाता है, वाहनों व उद्योगों से निकलने वाले कण वायुमंडल में जमा होने लगते हैं और AQI फिर से बढ़ता है।
अगले कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार, 22-24 सितंबर को आसमान साफ रहेगा और तापमान 34-35°C (अधिकतम) तथा 23-24°C (न्यूनतम) के बीच रहेगा। 25-27 सितंबर को आंशिक बादल संभव हैं, लेकिन बारिश की कोई चेतावनी नहीं है।
खराब AQI में बाहर जाते समय क्या सावधानियाँ बरतें?
जब AQI 'खराब' या 'बहुत खराब' श्रेणी में हो, तो बाहर निकलते समय N95 या FFP2 मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। बुजुर्गों, बच्चों और साँस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को सुबह-शाम की सैर से बचना चाहिए और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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