दिल्ली-एनसीआर में AQI खतरनाक स्तर पर: ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 376 तक पहुँचा, 26 अक्टूबर से ठंड बढ़ेगी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 23 अक्टूबर 2026 को वायु प्रदूषण संकटजनक स्तर पर पहुँच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जबकि हवा की रफ्तार में कमी के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 'गंभीर' श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-V में AQI 376 तक दर्ज किया गया है, जो इस क्षेत्र में सबसे अधिक है।
मौसम का मिजाज: अगले पाँच दिनों का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, 23 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, आकाश मुख्यतः साफ रहेगा। 24 और 25 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक जा सकता है।
हालाँकि, 26 अक्टूबर से मौसम करवट बदलेगा — न्यूनतम तापमान गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस पर आ जाएगा। 27 और 28 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री के आसपास बने रहने की उम्मीद है, साथ ही आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI की स्थिति
दिल्ली के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है। अलीपुर में AQI 260, आनंद विहार में 218, अशोक विहार में 193, आया नगर में 232, बवाना में 269, बुराड़ी क्रॉसिंग में 246 और कैंटोनमेंट एरिया में 159 रिकॉर्ड किया गया।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दीपावली उत्सव का मौसम नज़दीक है और पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएँ भी शुरू हो सकती हैं — दोनों कारक मिलकर AQI को और अधिक खतरनाक बना सकते हैं।
ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद: सबसे चिंताजनक स्थिति
एनसीआर में सबसे बुरी स्थिति ग्रेटर नोएडा की है। नॉलेज पार्क-III में AQI 337 और नॉलेज पार्क-V में 376 दर्ज किया गया — दोनों आँकड़े 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी की सीमा पर हैं।
गाजियाबाद में भी हालात चिंताजनक हैं। गोविंदपुरम में AQI 322, इंदिरापुरम में 281, संजय नगर में 291 और वसुंधरा में 304 रहा — सभी लाल श्रेणी में।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, तापमान में अचानक गिरावट और हवा की गति में कमी प्रदूषण के कणों को हवा में रोके रखती है, जिससे AQI तेज़ी से बढ़ता है। यह वही मौसमी पैटर्न है जो हर साल अक्टूबर के अंत से नवंबर के बीच देखा जाता है, और पिछले कई वर्षों में दिल्ली-एनसीआर में यही चक्र दोहराया जाता रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों, बुज़ुर्गों और साँस की बीमारियों से ग्रस्त लोगों को घर के बाहर कम समय बिताना चाहिए, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ AQI 300 से ऊपर है। आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने पर प्रदूषण की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।