दिल्ली-एनसीआर में AQI 300 पार: पंजाबी बाग में 304, ग्रेटर नोएडा में 315; रात को ठंड का दस्तक
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2026 को मौसम और प्रदूषण की दोहरी चुनौती सामने आई है — दिन में चुभती धूप के बाद रातें ठंडी हो रही हैं, जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आँकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 का स्तर पार कर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुँच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान जताया है।
मौसम का ताज़ा हाल और आगामी पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, 22 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता 60 से 90 प्रतिशत के बीच बनी रहेगी और आसमान मुख्यतः साफ रहेगा।
23 अक्टूबर को पारा 33 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है, जबकि न्यूनतम 19 डिग्री पर स्थिर रहेगा। 24 अक्टूबर तक आंशिक बादलों की संभावना है। 25 अक्टूबर से न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है और यह 18 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है, जिससे रात में हल्की ठंड का एहसास शुरू होगा।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों का AQI
CPCB के ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक, पूसा स्थित IITM में AQI 318 और पंजाबी बाग में 304 दर्ज किया गया — दोनों 'बहुत खराब' (लाल श्रेणी) में हैं। आर.के. पुरम में AQI 300, पटपड़गंज में 278, रोहिणी में 276, पूसा में 275, ओखला फेज-2 में 272, NSUT जाफरपुर में 264 और शादीपुर में 241 रहा।
यह ऐसे समय में आया है जब हर साल अक्टूबर के अंत में दिल्ली-एनसीआर की हवा पराली जलाने और मौसमी बदलाव के कारण बिगड़ने लगती है। गौरतलब है कि 'खराब' श्रेणी (AQI 200-300) में साँस की बीमारियों वाले लोगों को गंभीर परेशानी हो सकती है, जबकि 300 से ऊपर के स्तर पर सामान्य लोग भी प्रभावित होते हैं।
गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की स्थिति
गाजियाबाद में भी वायु प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर है। वेव सिटी में AQI 273, इंदिरापुरम में 258, संजय नगर में 255, लोनी में 250 और वेद विहार-लोनी में 213 दर्ज किया गया।
ग्रेटर नोएडा में स्थिति और गंभीर है — नॉलेज पार्क-5 में AQI 315 (लाल श्रेणी) पहुँच गया, जबकि नॉलेज पार्क-3 में यह 181 है। एनसीआर के ये आँकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का प्रसार दिल्ली की सीमाओं से बाहर तक फैला हुआ है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। उनके अनुसार सुबह और शाम के समय प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत अधिक रहता है। विशेषज्ञों ने बाहर निकलते समय N95 मास्क के इस्तेमाल की सलाह दी है और कहा है कि बच्चों एवं बुज़ुर्गों को यथासंभव घर के भीतर रहना चाहिए।
आने वाले हफ्तों में तापमान और गिरने के साथ हवा की गति में भी कमी आने की आशंका है, जिससे प्रदूषक कण वायुमंडल में और देर तक टिके रहेंगे। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो दीवाली के बाद AQI और ऊँचे स्तर तक पहुँच सकता है।