दिल्ली-एनसीआर में तापमान 35°C पार, गाजियाबाद के वेव सिटी में AQI 291 — 'बहुत खराब' की दहलीज पर
सारांश
मुख्य बातें
मानसून की विदाई के बाद दिल्ली-एनसीआर में गर्मी और प्रदूषण का दोहरा संकट गहराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़े पूर्वानुमानों और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़ों के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को राजधानी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद के कई क्षेत्रों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया जा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की रफ्तार में कमी और तापमान में बढ़ोतरी के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जो आने वाले दिनों में स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।
आगामी सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 3 और 4 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम क्रमशः 23°C व 24°C रहने का अनुमान है। आसमान मुख्यतः साफ रहेगा।
5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35°C पर स्थिर रहने के बावजूद आर्द्रता 60% से 85% तक बढ़ सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी का एहसास होगा। इसके बाद 6 से 8 अक्टूबर के बीच मामूली राहत मिल सकती है — 6 अक्टूबर को पारा 33°C और 7-8 अक्टूबर को 32°C तक आ सकता है। हालाँकि 7 और 8 अक्टूबर को आंशिक बादल छाने का अनुमान है, लेकिन आर्द्रता 75% से 85% के बीच बनी रहेगी।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI की स्थिति
दिल्ली के अधिकांश क्षेत्रों में AQI फिलहाल 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार: अलीपुर — 198, बवाना — 185, चांदनी चौक — 178, बुराड़ी क्रॉसिंग — 173, आया नगर — 149, कैंटोनमेंट एरिया — 146, आनंद विहार — 143, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स — 144 और अशोक विहार — 134 दर्ज किए गए हैं।
गौरतलब है कि अलीपुर का AQI 198 — 'खराब' श्रेणी की दहलीज पर — सबसे ऊँचे स्तरों में से एक है, जो दर्शाता है कि राजधानी के बाहरी इलाके तेज़ी से प्रभावित हो रहे हैं।
नोएडा और गाजियाबाद — 'बहुत खराब' की ओर
नोएडा के सभी सक्रिय स्टेशनों पर हवा 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है। सेक्टर-62 में AQI 222, सेक्टर-125 में 217, सेक्टर-116 में 216 और सेक्टर-1 में 202 रिकॉर्ड किया गया।
गाजियाबाद में स्थिति और भी चिंताजनक है। वेव सिटी में AQI 291 — 'बहुत खराब' श्रेणी की सीमा के अत्यंत करीब — पहुँच गया है। इसके अलावा लोनी में 252, वसुंधरा में 219 और संजय नगर में 217 दर्ज हुआ। तुलनात्मक रूप से गोविंदपुरम में 173 और इंदिरापुरम में 138 है। यह ऐसे समय में आया है जब हर वर्ष अक्टूबर की शुरुआत से ही एनसीआर में प्रदूषण का स्तर तेज़ी से बढ़ने लगता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून की विदाई के बाद हवा की रफ्तार में गिरावट और तापमान में वृद्धि की वजह से प्रदूषक कण वातावरण की निचली परतों में जमा हो जाते हैं। यह प्रक्रिया विशेष रूप से एनसीआर के उन क्षेत्रों में अधिक तेज़ होती है जहाँ निर्माण कार्य, यातायात और औद्योगिक गतिविधियाँ सघन हैं।
आंकड़ों के अनुसार, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में AQI पहले ही 200 का आँकड़ा पार कर चुका है, जो 'रेड लाइन' यानी 'बहुत खराब' श्रेणी की ओर संकेत करता है। यदि यही प्रवृत्ति जारी रही, तो आगामी हफ्तों में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों, बुजुर्गों और श्वास-रोगियों को इस दौरान बाहरी गतिविधियाँ सीमित रखने की सलाह देते हैं। AQI के 'खराब' और 'बहुत खराब' स्तर पर पहुँचने से श्वसन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, अगले सप्ताह तापमान में मामूली गिरावट संभव है, परन्तु यदि हवा की गति कम बनी रही, तो प्रदूषण स्तर में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नोएडा और गाजियाबाद के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की ज़रूरत होगी।