दिल्ली-एनसीआर में बारिश से AQI ग्रीन जोन में, 31 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 24°C; सर्दी की दस्तक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 31 अक्टूबर 2026 को बारिश और तेज हवाओं ने वायु प्रदूषण से बड़ी राहत दिलाई है, और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को ग्रीन जोन में पहुँचा दिया है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के निवासियों को कई दिनों की जहरीली हवा के बाद शुद्ध वायु में सांस लेने का अवसर मिला है। मौसम में आए इस बदलाव ने सर्दी की भी दस्तक दे दी है।
वायु गुणवत्ता में सुधार
बारिश और तेज हवाओं के चलते वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण बड़े पैमाने पर साफ हो गए हैं। इसका सीधा असर AQI पर देखने को मिला — दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सभी में प्रदूषण स्तर गिरकर ग्रीन जोन में पहुँच गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इन शहरों में AQI खराब से बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ था।
बीते दिनों घनी प्रदूषित हवा के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आँखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और श्वास संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों की परेशानियाँ अधिक थीं — बारिश के बाद वातावरण साफ होने से इन सभी को राहत मिली है।
तापमान और मौसम का हाल
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नज़र आ रहा है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह ठंडक बनी रही और दिन के समय भी गर्मी से राहत महसूस हुई। अधिकतम तापमान गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आई इस ठंडक ने सर्दी के मौसम की आहट दे दी है।
IMD का आगामी मौसम पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 31 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 1 नवंबर को तापमान में मामूली बढ़ोतरी का अनुमान है — अधिकतम 29 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
2 नवंबर को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है तथा आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। 3, 4 और 5 नवंबर को भी मौसम लगभग इसी तरह बना रहेगा — अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस के साथ साफ आसमान का अनुमान है।
आम जनता पर असर
प्रदूषण में कमी आने से दिल्ली-एनसीआर के लाखों निवासियों को बड़ी राहत मिली है, विशेष रूप से उन लोगों को जो अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली हर साल अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने और त्योहारी मौसम के चलते गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आती है।
आने वाले दिनों में तापमान दोबारा बढ़ने और आसमान साफ रहने के पूर्वानुमान के साथ यह देखना होगा कि AQI में यह सुधार कितने समय तक बरकरार रह पाता है।