31 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चक्रवात 'अर्नब' से आंध्र-ओडिशा में टेलीकॉम सेवाएं ठप, नेटवर्क बहाली में 99% से अधिक प्रगति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चक्रवात 'अर्नब' से आंध्र-ओडिशा में टेलीकॉम सेवाएं ठप, नेटवर्क बहाली में 99% से अधिक प्रगति

सारांश

चक्रवात 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में टेलीकॉम नेटवर्क को बुरी तरह प्रभावित किया, लेकिन आपातकालीन ICR और COW व्यवस्थाओं के बल पर आंध्र में नेटवर्क उपलब्धता 99.18% तक पहुँच गई है। गंजाम, गजपति और कंधमाल में बहाली जारी है।

मुख्य बातें

चक्रवात 'अर्नब' के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से टकराने के बाद दोनों राज्यों में टेलीकॉम सेवाएं बाधित हुईं।
आंध्र प्रदेश में टेलीकॉम नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है।
ओडिशा के गंजाम , गजपति और कंधमाल जिलों में बाढ़ का पानी घटने के साथ नेटवर्क में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
संचार सेवाएं जारी रखने के लिए इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) और Cell on Wheels (COW) आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
दूरसंचार विभाग और सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स प्राथमिकता के आधार पर नेटवर्क बहाली में जुटे हैं।

चक्रवात 'अर्नब' के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से टकराने के बाद दोनों राज्यों में टेलीकॉम सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसके बाद संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग (DoT) ने प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्क बहाली का युद्धस्तरीय काम शुरू कर दिया है। 31 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में टेलीकॉम नेटवर्क की उपलब्धता 99.18 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

भारी वर्षा, अचानक आई बाढ़, पेड़ों के गिरने और बिजली के बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचने के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के इलाकों में मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं बाधित हुईं। दूरसंचार विभाग टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSP) के साथ समन्वय करते हुए नेटवर्क को पुनः चालू करने में जुटा हुआ है।

संचार मंत्रालय ने बताया, 'आंध्र प्रदेश और ओडिशा में नेटवर्क कनेक्टिविटी को बहाल करने में काफी प्रगति हुई है। इसमें मुख्य रूप से बिजली आपूर्ति की समस्याओं को दूर करने और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी को फिर से चालू करने पर ध्यान दिया जा रहा है।'

आपातकालीन कनेक्टिविटी व्यवस्था

मंत्रालय के अनुसार, नागरिकों को निर्बाध संचार सेवाएं देने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बहाली कार्यों को सुगम बनाने के लिए इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) और Cell on Wheels (COW) जैसी आपातकालीन कनेक्टिविटी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें कोई मोबाइल उपयोगकर्ता उसी टेलीकॉम सर्कल के भीतर किसी दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ सकता है। यह प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विशेष रूप से उपयोगी होती है, जब किसी क्षेत्र का मोबाइल बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हो जाता है। आपदा की स्थिति में दूरसंचार विभाग सभी TSP को ICR लागू करने का निर्देश देता है, ताकि लोग किसी भी उपलब्ध नेटवर्क पर जुड़ सकें।

ओडिशा के प्रभावित जिलों की स्थिति

ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में वर्षा कम होने और बाढ़ का पानी घटने के साथ-साथ टेलीकॉम नेटवर्क की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। ये तीनों जिले चक्रवात के रास्ते में आने के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

गौरतलब है कि ओडिशा का तटीय क्षेत्र, विशेष रूप से गंजाम और गजपति, पिछले कई वर्षों में बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवातों की सबसे पहले चपेट में आता है। इस बार भी बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान ने दूरसंचार बहाली को चुनौतीपूर्ण बना दिया।

टेलीकॉम कंपनियों के प्रयास

सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी रखे हुए हैं। मंत्रालय ने बताया कि सभी TSP जल्द से जल्द सेवाएं सामान्य करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं ताकि लोगों को बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी मिल सके।

यह ऐसे समय में आया है जब आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में संचार सेवाओं की निरंतरता राहत और बचाव दलों के समन्वय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आगे के दिनों में मौसम के सुधरने और बाढ़ का पानी पूरी तरह हटने के साथ टेलीकॉम सेवाएं पूर्ण रूप से सामान्य होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ओडिशा के अंदरूनी जिलों — खासकर गंजाम और गजपति — में धीमी प्रगति यह सवाल उठाती है कि क्या 'अंतिम मील' कनेक्टिविटी को लेकर पर्याप्त पूर्व-तैयारी की गई थी। ICR जैसी व्यवस्था आपातकाल में तत्काल राहत देती है, पर यह ढाँचागत कमज़ोरी का स्थायी समाधान नहीं है। तटीय ओडिशा हर कुछ वर्षों में इसी तरह के चक्रवातों की चपेट में आता है, फिर भी बुनियादी दूरसंचार ढाँचे की भेद्यता बार-बार उजागर होती है। दीर्घकालिक समाधान के लिए भूमिगत फाइबर और आपदा-रोधी टॉवर बुनियादी ढाँचे में निवेश को प्राथमिकता दिए जाने की ज़रूरत है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्नब' से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में टेलीकॉम सेवाएं कितनी प्रभावित हुईं?
चक्रवात 'अर्नब' के कारण भारी बारिश, बाढ़, पेड़ों के गिरने और बिजली बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचने से दोनों राज्यों में टेलीकॉम सेवाएं बाधित हुईं। हालाँकि आंध्र प्रदेश में नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत तक बहाल हो चुकी है, जबकि ओडिशा के कुछ जिलों में अभी भी सुधार जारी है।
इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) क्या है और आपदा में यह कैसे मदद करती है?
इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) एक ऐसी टेलीकॉम व्यवस्था है जिसमें मोबाइल उपयोगकर्ता उसी सर्कल में किसी दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ सकता है। आपदा के दौरान जब किसी क्षेत्र का मोबाइल बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो दूरसंचार विभाग सभी TSP को ICR लागू करने का निर्देश देता है ताकि लोगों को किसी भी उपलब्ध नेटवर्क पर कनेक्टिविटी मिल सके।
ओडिशा के किन जिलों में टेलीकॉम सेवाएं सबसे अधिक प्रभावित हुईं?
ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में टेलीकॉम सेवाएं सर्वाधिक प्रभावित हुईं। इन जिलों में बारिश कम होने और बाढ़ का पानी घटने के साथ-साथ नेटवर्क की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
नेटवर्क बहाली के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग, सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी दुरुस्त करने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके साथ ही ICR और Cell on Wheels (COW) जैसी आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
आंध्र प्रदेश में टेलीकॉम सेवाएं कब तक पूरी तरह सामान्य होंगी?
आंध्र प्रदेश में नेटवर्क उपलब्धता पहले ही 99.18 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। मंत्रालय के अनुसार सभी TSP बाकी प्रभावित स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहे हैं और मौसम में सुधार के साथ सेवाएं जल्द ही पूर्ण रूप से सामान्य होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 5 दिन पहले