28 अक्टूबर 2026
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चक्रवात 'अर्णब': NDRF की 39 टीमें तैनात, आंध्र प्रदेश में 3 की मौत, विशाखापत्तनम में 300mm बारिश

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चक्रवात 'अर्णब': NDRF की 39 टीमें तैनात, आंध्र प्रदेश में 3 की मौत, विशाखापत्तनम में 300mm बारिश

सारांश

चक्रवात 'अर्णब' ने तटीय आंध्र को हिला दिया है — विशाखापत्तनम में 300 मिमी से अधिक बारिश, 3 मौतें और संचार व्यवस्था ठप। NDRF की 39 टीमें मैदान में हैं, 22 रिजर्व में — और ज़रूरत पड़ी तो एयरलिफ्ट का भी विकल्प तैयार है।

मुख्य बातें

चक्रवात अर्णब के मद्देनज़र NDRF ने 28 अक्टूबर 2026 को विभिन्न राज्यों और पुडुचेरी में कुल 39 टीमें तैनात कीं।
आंध्र प्रदेश में सर्वाधिक 16 NDRF टीमें तैनात; राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि।
विशाखापत्तनम में 300 मिमी से अधिक वर्षा; बिजली खंभे उखड़े, संचार लाइनें बाधित।
अतिरिक्त 10 रिजर्व टीमें ओडिशा-तमिलनाडु में और 12 टीमें तीन स्थानों पर एयरलिफ्ट के लिए तैयार।
NDRF के डीआईजी एसएस सूदन ने कहा — राज्य सरकारों की माँग पर तत्काल अतिरिक्त सहायता भेजी जाएगी।

चक्रवात अर्णब के तटीय इलाकों से टकराने की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने 28 अक्टूबर 2026 को अपनी तैयारियाँ चरम पर पहुँचा दी हैं। NDRF के डीआईजी एसएस सूदन ने बताया कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी सहित विभिन्न राज्यों में कुल 39 टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात कर दी गई हैं। राज्य के आपदा नियंत्रण केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, आंध्र प्रदेश में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक 16 टीमें तैनात की गई हैं, जो सर्वाधिक प्रभावित ज़िलों में राहत कार्य संभाल रही हैं। विशाखापत्तनम क्षेत्र में पिछले एक दिन में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो असाधारण रूप से भारी मानी जाती है। कई स्थानों पर बिजली एवं संचार खंभे उखड़ने की सूचना मिली है, और दूरसंचार व्यवस्था बाधित होने से राहत समन्वय में कठिनाई आ रही है।

डीआईजी सूदन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में संचार लाइनें बहाल करने का काम तेज़ी से जारी है। संबंधित एजेंसियों से लगातार सूचनाएँ एकत्र कर स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

रिजर्व और एयरलिफ्ट की तैयारी

तैनात 39 टीमों के अतिरिक्त 10 रिजर्व टीमें ओडिशा और तमिलनाडु सहित संबंधित स्थानों पर सतर्क अवस्था में रखी गई हैं। इसके अलावा 12 अतिरिक्त रिजर्व टीमें तीन अलग-अलग स्थानों पर तैयार हैं, जिन्हें यदि ज़रूरत पड़े तो हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाया जा सकता है।

डीआईजी सूदन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी राज्य सरकार अतिरिक्त सहायता की माँग करती है, तो NDRF तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए पूरी तरह तैयार है। चक्रवात की गति और तीव्रता के अनुसार टीमों की पुनर्तैनाती भी की जा सकती है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि विशाखापत्तनम और तटीय आंध्र के कई ज़िले पहले से ही मानसून के कारण जलभराव से जूझ रहे थे। 300 मिमी से अधिक की एकल-दिवसीय वर्षा ने निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा कर दिया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से हज़ारों घर अंधेरे में हैं और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी में अक्टूबर-नवंबर का मौसम ऐतिहासिक रूप से चक्रवाती गतिविधि के लिए सबसे संवेदनशील रहा है। पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में कई विनाशकारी चक्रवात — 'हुदहुद' (2014) और 'तितली' (2018) — आ चुके हैं।

NDRF की प्राथमिकता और रणनीति

डीआईजी एसएस सूदन ने कहा कि NDRF की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में समय पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है। टीमें अपने निर्धारित क्षेत्रों में तैनात रहकर स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही हैं।

स्थिति की निगरानी 24 घंटे जारी है और राज्यों के राज्य आपदा नियंत्रण केंद्रों (SCOC) से लगातार अपडेट प्राप्त किए जा रहे हैं। आने वाले घंटों में चक्रवात के कमज़ोर पड़ने या दिशा बदलने की स्थिति में रणनीति में बदलाव किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

समन्वय है: विशाखापत्तनम में संचार व्यवस्था ठप होने की खबर बताती है कि अंतिम-छोर तक पहुँच अभी भी कमज़ोर कड़ी बनी हुई है। जब तक ज़िला प्रशासन और NDRF के बीच रीयल-टाइम सूचना प्रवाह सुनिश्चित नहीं होता, तब तक रिजर्व टीमों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्णब' क्या है और यह किन राज्यों को प्रभावित कर रहा है?
चक्रवात 'अर्णब' बंगाल की खाड़ी में उठा एक चक्रवाती तूफान है जो 28 अक्टूबर 2026 को तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पुडुचेरी को प्रभावित कर रहा है। विशाखापत्तनम क्षेत्र में सबसे अधिक असर देखा जा रहा है, जहाँ 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
NDRF ने चक्रवात 'अर्णब' के लिए कितनी टीमें तैनात की हैं?
NDRF ने विभिन्न राज्यों और पुडुचेरी में कुल 39 टीमें तैनात की हैं, जिनमें से 16 अकेले आंध्र प्रदेश में हैं। इसके अलावा 10 रिजर्व टीमें और 12 अतिरिक्त रिजर्व टीमें एयरलिफ्ट के लिए तैयार रखी गई हैं।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्णब' से कितनी जनहानि हुई है?
राज्य के आपदा नियंत्रण केंद्र (SCOC) से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार आंध्र प्रदेश में अब तक 3 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। स्थिति की निगरानी जारी है और आँकड़े बदल सकते हैं।
क्या NDRF अतिरिक्त टीमें भेज सकता है?
हाँ, NDRF के डीआईजी एसएस सूदन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित राज्य सरकारें अतिरिक्त सहायता की माँग करती हैं, तो रिजर्व टीमों को तत्काल भेजा जाएगा। दूरस्थ स्थानों पर मौजूद 12 अतिरिक्त टीमों को हवाई मार्ग से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाने की व्यवस्था पहले से तैयार है।
विशाखापत्तनम में स्थिति कितनी गंभीर है?
विशाखापत्तनम क्षेत्र में पिछले एक दिन में 300 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो असाधारण रूप से भारी मानी जाती है। बिजली और संचार खंभे उखड़ने से दूरसंचार व्यवस्था बाधित है और बहाली का काम जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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