हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का गुजरात दौरा: निवेश से परे सांस्कृतिक और सामाजिक सहयोग पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि गुजरात की उनकी दो दिवसीय यात्रा केवल निवेश के अवसर तलाशने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और जन-स्तरीय संबंधों को मज़बूत करना था। सूरत और अहमदाबाद में हरियाणवी समुदाय से सीधे संवाद कर, सैनी ने राज्य से बाहर बसे नागरिकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
मुख्य घटनाक्रम
अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने सूरत और अहमदाबाद में हरियाणवी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इन बैठकों में समुदाय के सदस्यों ने अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ विभिन्न चिंताओं और अपेक्षाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रवासी हरियाणवियों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए सुविधाओं का विस्तार करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
समर्पित ऑनलाइन पोर्टल की घोषणा
सूरत में हरियाणवी समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने एक समर्पित ऑनलाइन शिकायत पोर्टल विकसित करने की घोषणा की। इस पोर्टल के ज़रिये राज्य के बाहर रहने वाले हरियाणवी अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर उनके समाधान की गारंटी मिलेगी। यह पहल प्रवासी नागरिकों और हरियाणा सरकार के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
गुजरात में 'हरियाणा भवन' की स्थापना
यात्रा की एक अन्य महत्त्वपूर्ण घोषणा थी — गुजरात में 'हरियाणा भवन' की स्थापना, जो महाराष्ट्र में मौजूद इसी तरह की सुविधा के मॉडल पर आधारित होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार इस दिशा में प्रारंभिक कदम उठाए जा चुके हैं। यह प्रस्तावित भवन हरियाणवी समुदाय की सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, साथ ही दोनों राज्यों के बीच एक सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा।
दोनों राज्यों के बीच द्विपक्षीय सहयोग
मुख्यमंत्री सैनी ने अपने गुजराती समकक्ष भूपेंद्र पटेल से भी मुलाकात की, जिसमें दोनों राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा हुई। विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव साझा करने और नए सहयोग के अवसर तलाशने पर भी बातचीत हुई। सैनी ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि गुजरात के साथ बढ़ती यह साझेदारी, हरियाणा की विकास यात्रा को नई गति देगी।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि हरियाणा-गुजरात सहयोग अब आर्थिक निवेश की परिधि से बाहर निकलकर सामाजिक और सांस्कृतिक आयामों तक विस्तृत होगा। ऑनलाइन पोर्टल और हरियाणा भवन जैसी पहलें इसी व्यापक दृष्टिकोण की परिणति हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि ये घोषणाएँ किस रूप में ज़मीनी स्तर पर साकार होती हैं और प्रवासी हरियाणवी समुदाय को इनका वास्तविक लाभ किस हद तक मिलता है।