हरियाणा को स्वीडन-सिंगापुर दौरों से ₹9,500 करोड़ निवेश प्रस्ताव, 11,000 से अधिक रोज़गार की उम्मीद: सीएम नायब सैनी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 17 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए घोषणा की कि स्वीडन और सिंगापुर की उनकी हालिया सरकारी यात्राओं के बाद राज्य को कुल ₹9,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सैनी के अनुसार इन निवेशों से हरियाणा में 11,000 से अधिक रोज़गार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। यह घोषणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई।
स्वीडन यात्रा से ₹4,000 करोड़ का सैद्धांतिक समझौता
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि स्वीडन दौरे के दौरान प्रमुख औद्योगिक कंपनियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप ₹4,000 करोड़ के निवेश के लिए सैद्धांतिक समझौते हुए। उनके अनुसार इन्हीं निवेशों के माध्यम से राज्य में 11,000 से अधिक रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
सिंगापुर से ₹5,500 करोड़ के बहु-क्षेत्रीय निवेश प्रस्ताव
सिंगापुर यात्रा के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ चर्चाओं के परिणामस्वरूप ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें स्वास्थ्य सेवा और कल्याण क्षेत्र में ₹3,000 करोड़, जल उपचार और प्रबंधन में ₹1,500 करोड़, और शिक्षा क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ का निवेश शामिल है। सरकार की योजना सिंगापुर की कंपनियों के सहयोग से पंचकुला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक को वैश्विक क्षमता केंद्र और प्रौद्योगिकी-आधारित व्यवसायों के उभरते केंद्रों के रूप में विकसित करने की है।
हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की तैयारी
सैनी ने बताया कि दोनों विदेशी दौरों के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों को अप्रैल 2027 में होने वाले 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने राज्य की 'मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026' और 10 क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख रोज़गार सृजित करना है। गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देश भर के राज्य वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने की होड़ में हैं।
किसान कल्याण और बुनियादी ढाँचे पर भी ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना की शुरुआत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य ने सभी 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए एक प्रणाली अपनाई है। 2024 की खरीफ फसल में देरी से हुई बारिश से प्रभावित किसानों को ₹2,000 प्रति एकड़ की दर से ₹1,345 करोड़ का बोनस दिया गया है। पिछले दो वर्षों में किसानों के बैंक खातों में कुल ₹7,882 करोड़ हस्तांतरित किए गए हैं, जबकि बाजरा मूल्य-अंतर क्षतिपूर्ति योजना के तहत लगभग 1.56 लाख किसानों को सीधे ₹360 करोड़ मिले हैं।
आवास योजनाएँ और केंद्र से मिली सहायता
सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख घर गरीब परिवारों को उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 वर्ग गज और शहरी क्षेत्रों में 30 वर्ग गज के भूखंडों के पंजीकरण पर स्टांप शुल्क माफ किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हरियाणा को ₹7 लाख करोड़ से अधिक की राशि मिली है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को ₹86,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ प्रदान की हैं। सरकार 2047 तक विकसित भारत के विज़न में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।