17 अक्टूबर 2026
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हरियाणा को स्वीडन-सिंगापुर दौरों से ₹9,500 करोड़ निवेश प्रस्ताव, 11,000 से अधिक रोज़गार की उम्मीद: सीएम नायब सैनी

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हरियाणा को स्वीडन-सिंगापुर दौरों से ₹9,500 करोड़ निवेश प्रस्ताव, 11,000 से अधिक रोज़गार की उम्मीद: सीएम नायब सैनी

सारांश

सीएम नायब सैनी ने सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर स्वीडन से ₹4,000 करोड़ और सिंगापुर से ₹5,500 करोड़ — कुल ₹9,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों का ऐलान किया। अगला पड़ाव: अप्रैल 2027 में हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट।

मुख्य बातें

सीएम नायब सैनी ने 17 अक्टूबर 2026 को स्वीडन और सिंगापुर दौरों से प्राप्त ₹9,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों की घोषणा की।
स्वीडन से ₹4,000 करोड़ के सैद्धांतिक समझौते; सिंगापुर से ₹5,500 करोड़ के प्रस्ताव — स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और शिक्षा में।
इन निवेशों से हरियाणा में 11,000 से अधिक रोज़गार सृजित होने की उम्मीद।
'मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026' का लक्ष्य पाँच वर्षों में ₹5 लाख करोड़ निवेश और 10 लाख रोज़गार ।
अप्रैल 2027 में 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027' का आयोजन प्रस्तावित।
किसानों को पिछले दो वर्षों में ₹7,882 करोड़ सीधे बैंक खातों में; 1.56 लाख किसानों को ₹360 करोड़ बाजरा मूल्य-अंतर योजना के तहत।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 17 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए घोषणा की कि स्वीडन और सिंगापुर की उनकी हालिया सरकारी यात्राओं के बाद राज्य को कुल ₹9,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सैनी के अनुसार इन निवेशों से हरियाणा में 11,000 से अधिक रोज़गार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। यह घोषणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई।

स्वीडन यात्रा से ₹4,000 करोड़ का सैद्धांतिक समझौता

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि स्वीडन दौरे के दौरान प्रमुख औद्योगिक कंपनियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप ₹4,000 करोड़ के निवेश के लिए सैद्धांतिक समझौते हुए। उनके अनुसार इन्हीं निवेशों के माध्यम से राज्य में 11,000 से अधिक रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।

सिंगापुर से ₹5,500 करोड़ के बहु-क्षेत्रीय निवेश प्रस्ताव

सिंगापुर यात्रा के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ चर्चाओं के परिणामस्वरूप ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें स्वास्थ्य सेवा और कल्याण क्षेत्र में ₹3,000 करोड़, जल उपचार और प्रबंधन में ₹1,500 करोड़, और शिक्षा क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ का निवेश शामिल है। सरकार की योजना सिंगापुर की कंपनियों के सहयोग से पंचकुला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक को वैश्विक क्षमता केंद्र और प्रौद्योगिकी-आधारित व्यवसायों के उभरते केंद्रों के रूप में विकसित करने की है।

हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की तैयारी

सैनी ने बताया कि दोनों विदेशी दौरों के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों को अप्रैल 2027 में होने वाले 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027' में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने राज्य की 'मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026' और 10 क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख रोज़गार सृजित करना है। गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देश भर के राज्य वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने की होड़ में हैं।

किसान कल्याण और बुनियादी ढाँचे पर भी ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना की शुरुआत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य ने सभी 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के लिए एक प्रणाली अपनाई है। 2024 की खरीफ फसल में देरी से हुई बारिश से प्रभावित किसानों को ₹2,000 प्रति एकड़ की दर से ₹1,345 करोड़ का बोनस दिया गया है। पिछले दो वर्षों में किसानों के बैंक खातों में कुल ₹7,882 करोड़ हस्तांतरित किए गए हैं, जबकि बाजरा मूल्य-अंतर क्षतिपूर्ति योजना के तहत लगभग 1.56 लाख किसानों को सीधे ₹360 करोड़ मिले हैं।

आवास योजनाएँ और केंद्र से मिली सहायता

सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.56 लाख घर गरीब परिवारों को उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 वर्ग गज और शहरी क्षेत्रों में 30 वर्ग गज के भूखंडों के पंजीकरण पर स्टांप शुल्क माफ किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हरियाणा को ₹7 लाख करोड़ से अधिक की राशि मिली है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को ₹86,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ प्रदान की हैं। सरकार 2047 तक विकसित भारत के विज़न में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 करोड़ के ये निवेश प्रस्ताव प्रभावशाली संख्या हैं, लेकिन 'सैद्धांतिक समझौते' और वास्तविक ज़मीनी निवेश के बीच की खाई भारतीय राज्यों के निवेश सम्मेलनों में बार-बार देखी गई है। असली कसौटी यह होगी कि अप्रैल 2027 के समिट तक इनमें से कितने प्रस्ताव औपचारिक अनुबंधों में बदलते हैं और 'मेक इन हरियाणा' नीति के तहत रोज़गार सृजन की स्वतंत्र निगरानी की व्यवस्था क्या होगी। पंचकुला से रोहतक तक 'ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर' की महत्वाकांक्षा तब ही पूरी होगी जब राज्य में जमीन अधिग्रहण, अवसंरचना और कुशल जनशक्ति की वास्तविक तैयारी हो।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा को स्वीडन और सिंगापुर दौरों से कितना निवेश मिला?
सीएम नायब सैनी के अनुसार स्वीडन से ₹4,000 करोड़ के सैद्धांतिक समझौते और सिंगापुर से ₹5,500 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं — कुल ₹9,500 करोड़। इनसे राज्य में 11,000 से अधिक रोज़गार सृजित होने की उम्मीद जताई गई है।
सिंगापुर निवेश प्रस्ताव किन क्षेत्रों में हैं?
सिंगापुर से प्राप्त ₹5,500 करोड़ के प्रस्तावों में स्वास्थ्य सेवा और कल्याण में ₹3,000 करोड़, जल उपचार और प्रबंधन में ₹1,500 करोड़, और शिक्षा क्षेत्र में ₹1,000 करोड़ शामिल हैं। इनके अलावा पंचकुला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक में वैश्विक क्षमता केंद्र विकसित करने की भी योजना है।
हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 कब होगा?
यह समिट अप्रैल 2027 में आयोजित होने की घोषणा की गई है। विदेश दौरों के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों को इस समिट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 का लक्ष्य क्या है?
इस नीति का उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 10 लाख रोज़गार सृजित करना है। इसके साथ 10 क्षेत्र-विशिष्ट नीतियाँ भी लागू की गई हैं।
हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए क्या किया है?
पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में ₹7,882 करोड़ हस्तांतरित किए गए हैं। 2024 की खरीफ फसल में देरी से बारिश से प्रभावित किसानों को ₹2,000 प्रति एकड़ की दर से ₹1,345 करोड़ का बोनस दिया गया, और बाजरा मूल्य-अंतर योजना के तहत 1.56 लाख किसानों को ₹360 करोड़ सीधे खातों में मिले हैं।
राष्ट्र प्रेस
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