27 अक्टूबर 2026
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हरियाणा को गुजरात दौरे में ₹12,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सैनी सरकार ने साइन किए अहम MOU

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हरियाणा को गुजरात दौरे में ₹12,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सैनी सरकार ने साइन किए अहम MOU

सारांश

गुजरात दौरे के पहले ही दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हरियाणा ने ₹12,000 करोड़ के निवेश MOU हासिल किए — रक्षा वस्त्र से लेकर वेस्ट-टू-एनर्जी तक। अप्रैल 2027 के 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट' से पहले यह राज्य की निवेश-प्रमोशन मुहिम का अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा प्रतिनिधिमंडल ने 27 अक्टूबर 2026 को गुजरात दौरे के पहले दिन ₹12,000 करोड़ के निवेश MOU पर हस्ताक्षर किए।
रक्षा वस्त्र क्षेत्र में ₹5,000 करोड़ और वेस्ट-टू-एनर्जी में ₹4,000 करोड़ सबसे बड़े निवेश प्रस्ताव हैं।
तकनीकी वस्त्र में ₹2,000 करोड़ , सौर ऊर्जा व कॉस्मेटिक विनिर्माण में ₹400 करोड़ और औद्योगिक मशीनरी में ₹500 करोड़ के समझौते भी शामिल।
सरकार ने अप्रैल 2027 में 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट' का आमंत्रण दिया।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह और HSIIDC के MD विनय प्रताप सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हरियाणा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात दौरे के पहले ही दिन, 27 अक्टूबर 2026 को, विभिन्न कंपनियों के साथ ₹12,000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों से जुड़े समझौता-ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। यह दौरा हरियाणा को देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने और राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

मुख्य समझौते और क्षेत्र

इस दौरान हस्ताक्षरित MOU में क्षेत्रवार निवेश इस प्रकार रहे: रक्षा वस्त्र (डिफेंस टेक्सटाइल्स) क्षेत्र में ₹5,000 करोड़, तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल्स) में ₹2,000 करोड़, और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्र में ₹500 करोड़ का निवेश शामिल है। इसके अतिरिक्त, सौर ऊर्जा और सौंदर्य प्रसाधन (कॉस्मेटिक) विनिर्माण में ₹400 करोड़ तथा वेस्ट-टू-एनर्जी क्षेत्र में ₹4,000 करोड़ के निवेश समझौते किए गए।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी इन वार्ताओं के दौरान उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सैनी ने विभिन्न कंपनियों के संस्थापकों, प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक-पर-एक बैठकें कीं, जिनमें हरियाणा में नई औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने तथा मौजूदा कारोबार का विस्तार करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

सरकार का रुख और नीतिगत प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों और उद्यमियों के साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने कहा, 'सरकार का लक्ष्य राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर बनाना है।' सरकार राज्य में 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा देने और निवेशकों को अनुकूल माहौल प्रदान करने की दिशा में सतत प्रयासरत है।

सरकार ने औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, समय पर अनुमोदन सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर करने पर विशेष जोर दिया है। हरियाणा की उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, निवेश प्रोत्साहन योजनाएँ और सिंगल विंडो सिस्टम उद्यमियों को परियोजनाएँ स्थापित करने और संचालित करने में सहायता कर रहे हैं।

हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट 2027 का निमंत्रण

मुख्यमंत्री सैनी ने सभी उद्योगपतियों और निवेशकों को अप्रैल 2027 में हरियाणा में आयोजित होने वाले 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट' में भाग लेने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य को निवेश, नवाचार, उद्यमिता और रोज़गार सृजन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए दीर्घकालिक साझेदारी बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध यादव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक मानव मलिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आम जनता और रोज़गार पर असर

गौरतलब है कि ये MOU अभी निवेश इरादे दर्शाते हैं; वास्तविक धरातल पर लागू होने पर ही रोज़गार सृजन और औद्योगिक क्षमता विस्तार का सटीक आकलन संभव होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य की औद्योगिक क्षमता में वृद्धि होगी। हरियाणा सरकार निवेशकों को नियमानुसार प्रोत्साहन, आवश्यक अनुमतियाँ और विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ के MOU प्रभावशाली दिखते हैं, लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि ये इरादे हैं, गारंटी नहीं — भारत में निवेशक-रोडशो MOU और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रही है। हरियाणा के लिए असली परीक्षा यह होगी कि सिंगल विंडो सिस्टम और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' के दावे धरातल पर कितने तेज़ी से परियोजनाओं को उत्पादन तक पहुँचाते हैं। रक्षा वस्त्र और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश राज्य के लिए रणनीतिक विविधीकरण का संकेत देते हैं, पर रोज़गार सृजन का वास्तविक आकलन अप्रैल 2027 के 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट' के बाद ही स्पष्ट होगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा को गुजरात दौरे में कितने करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले?
हरियाणा को 27 अक्टूबर 2026 को गुजरात दौरे के पहले दिन विभिन्न कंपनियों के साथ लगभग ₹12,000 करोड़ के निवेश MOU हस्ताक्षरित हुए। इनमें रक्षा वस्त्र, वेस्ट-टू-एनर्जी, तकनीकी वस्त्र, सौर ऊर्जा और औद्योगिक मशीनरी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
किन क्षेत्रों में सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव आए हैं?
सबसे बड़े प्रस्ताव रक्षा वस्त्र (₹5,000 करोड़) और वेस्ट-टू-एनर्जी (₹4,000 करोड़) क्षेत्रों में आए हैं। इसके अलावा तकनीकी वस्त्र में ₹2,000 करोड़, औद्योगिक मशीनरी में ₹500 करोड़ और सौर ऊर्जा व कॉस्मेटिक विनिर्माण में ₹400 करोड़ के समझौते हुए।
हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट कब और कहाँ होगा?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि 'हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल समिट' अप्रैल 2027 में हरियाणा में आयोजित होगा। इस समिट में सभी उद्योगपतियों और निवेशकों को आमंत्रित किया गया है।
इन MOU से हरियाणा के युवाओं को क्या फ़ायदा होगा?
सरकार के अनुसार, इन निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वित होने पर युवाओं के लिए नए रोज़गार अवसर उत्पन्न होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी। हालाँकि MOU इरादे का संकेत हैं और वास्तविक रोज़गार सृजन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गुजरात दौरे में हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
प्रतिनिधिमंडल में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, HSIIDC के MD विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त MD अनिरुद्ध यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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