28 अक्टूबर 2026
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चक्रवात 'अर्नब' का राजस्थान पर असर: 29-30 अक्टूबर को 8 संभागों में येलो अलर्ट, 40 किमी/घंटा तक हवाएं

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चक्रवात 'अर्नब' का राजस्थान पर असर: 29-30 अक्टूबर को 8 संभागों में येलो अलर्ट, 40 किमी/घंटा तक हवाएं

सारांश

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'अर्नब' 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश से टकराएगा — लेकिन इसकी आंच राजस्थान तक पहुंचेगी। 29-30 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर यह 8 संभागों में बारिश, बिजली और 40 किमी/घंटा की हवाओं का कारण बन सकता है। 30 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट जारी।

मुख्य बातें

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है।
29-30 अक्टूबर को राजस्थान के 8 संभागों — भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर के पूर्वी हिस्से — में बारिश और गरज-तूफान की आशंका।
मौसम विभाग ने 30 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट जारी किया; 40 किमी/घंटा तक हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी।
31 अक्टूबर को आठ जिलों में अलग येलो अलर्ट; 1-2 नवंबर को पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान।
27 अक्टूबर को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.8°C , सीकर में न्यूनतम 12.2°C दर्ज।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बने अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पूर्वी हवाएं तेज होंगी और 29-30 अक्टूबर को बारिश, गरज-तूफान और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है।

चक्रवात 'अर्नब' की स्थिति और दिशा

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात 'अर्नब' फिलहाल पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में अत्यंत गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराने के बाद यह पुनः समुद्र में लौटेगा, उत्तर की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा। यह प्रक्रिया राजस्थान तक इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव को सुनिश्चित करती है।

पश्चिमी विक्षोभ और संयुक्त प्रभाव

चक्रवात के प्रभाव के साथ ही 29-30 अक्टूबर को एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की आशंका है। इन दोनों मौसम तंत्रों के संयुक्त असर से राज्य के बड़े हिस्से में बादल छाने, बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गौरतलब है कि इस दोहरे मौसमी दबाव से पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान — दोनों प्रभावित होंगे।

संभागवार मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी राजस्थान में भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभागों में 29-30 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-तूफान और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं की आशंका है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभागों के कुछ पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश संभव है, जबकि अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।

31 अक्टूबर को जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग में भी बारिश की संभावना बनी रहेगी। 1 और 2 नवंबर को पूरे राजस्थान में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।

येलो अलर्ट: प्रभावित जिले

मौसम विभाग ने 29-30 अक्टूबर के लिए निम्नलिखित जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है — अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, नागौर और पाली। इस अलर्ट में तूफान, बिजली गिरने और 40 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं की चेतावनी शामिल है। इसके अलावा, 31 अक्टूबर को आठ जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका को लेकर अलग येलो अलर्ट जारी किया गया है।

सोमवार का तापमान और आम जनता पर असर

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 27 अक्टूबर को राजस्थान भर में मौसम शुष्क और धूप वाला रहा। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.8°C दर्ज किया गया — जो राज्य में सर्वाधिक रहा। जोधपुर और पाली के जवाई में 36.4°C, जालोर में 35.9°C, डूंगरपुर और जैसलमेर में 35.5°C, चित्तौड़गढ़ में 35.2°C, फलोदी में 34.6°C, कोटा में 34.3°C और उदयपुर में 34.0°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं, सीकर में न्यूनतम तापमान 12.2°C तक गिर गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।

प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक मौसम अपडेट पर नज़र रखें और आंधी-तूफान के दौरान ज़रूरी सावधानियां बरतें। आने वाले दो-तीन दिन राज्य के लिए मौसमी दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजस्थान जैसे भूमि-बद्ध राज्य तक इसकी पहुंच यह दर्शाती है कि समुद्री चक्रवातों का अप्रत्यक्ष असर अब अंतर्देशीय क्षेत्रों तक कितनी तेज़ी से पहुंचता है। गौरतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ का एक साथ सक्रिय होना इस असर को कई गुना बढ़ा देता है — यह संयोग अक्टूबर-नवंबर में दुर्लभ नहीं है, पर इस बार की तीव्रता असामान्य है। येलो अलर्ट जारी करना सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ज़िला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र मैदान में तैयार हैं — खासकर उन ग्रामीण इलाकों में जहां बिजली गिरने की घटनाएं हर साल जानें लेती हैं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्नब' क्या है और यह कहाँ से आया है?
चक्रवात 'अर्नब' पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान है। मौसम विभाग के अनुसार यह 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद पुनः समुद्र में लौटेगा और उत्तर की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा।
राजस्थान में चक्रवात 'अर्नब' का असर कब और कैसे होगा?
29-30 अक्टूबर को चक्रवात के प्रभाव से उठी पूर्वी हवाएं और एक पश्चिमी विक्षोभ मिलकर राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-तूफान और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं ला सकते हैं। 1-2 नवंबर तक मौसम फिर शुष्क होने का अनुमान है।
राजस्थान के किन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने 29-30 अक्टूबर के लिए अजमेर, अलवर, जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, नागौर, पाली सहित 30 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। 31 अक्टूबर को आठ जिलों में आंधी और बिजली गिरने के लिए अलग येलो अलर्ट भी जारी है।
येलो अलर्ट में किस तरह के खतरों की चेतावनी दी गई है?
येलो अलर्ट में तूफान, बिजली गिरने और 40 किमी/घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी शामिल है। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को आधिकारिक मौसम अपडेट पर नज़र रखने और एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
सोमवार 27 अक्टूबर को राजस्थान में तापमान कैसा रहा?
27 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम शुष्क और धूप वाला रहा। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.8°C दर्ज हुआ जो राज्य में सर्वाधिक था, जबकि सीकर में न्यूनतम तापमान 12.2°C तक गिरा।
राष्ट्र प्रेस
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