चक्रवात 'अर्नब' का असर: 28 अक्टूबर से बिहार में बारिश, 29 को पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के अप्रत्यक्ष प्रभाव से बिहार में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को पूरे राज्य के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जबकि 28 अक्टूबर को कुछ चुनिंदा जिलों में 'येलो अलर्ट' प्रभावी रहेगा।
तूफान की स्थिति और बिहार पर असर
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। हालाँकि, बिहार पर इस तूफान का सीधा लैंडफॉल नहीं होगा, फिर भी इससे जुड़े मौसम तंत्र के चलते राज्य में आंधी-तूफान और तेज हवाएँ चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य में पूर्वी हवाएँ तेज हो गई हैं और वातावरण में नमी का स्तर भी तेज़ी से बढ़ रहा है।
मुख्य मौसम पूर्वानुमान
29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है और उत्तर बिहार के जिलों में मौसम की गतिविधियाँ अधिक तीव्र रहने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं 26 और 27 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा।
पटना, मुजफ्फरपुर और अन्य इलाकों में फिलहाल धूप खिली रहने की उम्मीद है। अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी 55 से 75 प्रतिशत के बीच रह सकती है, जो मौसम प्रणाली के विकसित होने के साथ और बढ़ सकती है।
किसानों और आम जनता पर असर
संभावित बारिश और तेज हवाओं से खड़ी फसलों तथा फलों के पेड़ों को नुकसान पहुँचने का खतरा है। अस्थायी ढाँचे, टीन की छत वाले घर और कच्चे मकानों को भी क्षति की आशंका जताई गई है। आकाशीय बिजली से लोगों, पशुओं और संपत्ति को नुकसान हो सकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर नज़र रखें और अपनी फसलों तथा कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी एहतियात बरतें।
सरकारी सावधानी और दिशा-निर्देश
लोगों से अपील की गई है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न रुकें और बिजली कड़कने पर किसी मज़बूत इमारत में शरण लें। भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य बताया गया है।
आगे का मौसम
यह ऐसे समय में आया है जब अक्टूबर के अंत में बिहार में आमतौर पर मौसम शीतकाल की ओर बढ़ रहा होता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 1 नवंबर के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। निवासियों और किसानों को सलाह है कि वे मौसम विभाग के ताज़ा अपडेट नियमित रूप से देखते रहें।