26 अक्टूबर 2026
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आगरा शिक्षक एमएलसी पुनर्मतदान: सैंया बूथ पर भाजपा-सपा समर्थक भिड़े, पुलिस ने किया हस्तक्षेप

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आगरा शिक्षक एमएलसी पुनर्मतदान: सैंया बूथ पर भाजपा-सपा समर्थक भिड़े, पुलिस ने किया हस्तक्षेप

सारांश

आगरा शिक्षक एमएलसी के पुनर्मतदान में सैंया बूथ पर भाजपा और सपा समर्थक भिड़ गए — नारेबाजी से शुरू हुआ तनाव पुलिस हस्तक्षेप तक पहुँचा। 2,346 मतदाताओं वाले तीन बूथों पर 23 अक्टूबर को मतपत्रों से छेड़छाड़ की शिकायत के बाद यह पुनर्मतदान कराया जा रहा है।

मुख्य बातें

26 अक्टूबर 2026 को आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ बूथों पर पुनर्मतदान हुआ।
सैंया बूथ पर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक, पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति नियंत्रित की।
तीनों बूथों पर कुल 2,346 मतदाता पंजीकृत; मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया; राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने आरोप खारिज किए।
आकाश अग्रवाल ने चुनाव आयोग से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई की माँग की।
पुनर्मतदान का आधार: 23 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान में मतपत्रों से छेड़छाड़ की शिकायत और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप को सौंपी गई वीडियो क्लिप।

आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर 26 अक्टूबर 2026 को हो रहे पुनर्मतदान के दौरान सैंया मतदान केंद्र पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थक आमने-सामने आ गए। तीखी नोकझोंक के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। सपा ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और शिक्षकों को धमकाने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया।

पुनर्मतदान का घटनाक्रम

फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के एक-एक बूथ पर सुबह आठ बजे से पुनर्मतदान शुरू हुआ। इन तीनों बूथों पर कुल 2,346 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं और मतदान शाम चार बजे तक निर्धारित था। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल तैनात किए गए।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। सैंया बूथ पर तनाव उस वक्त बढ़ा जब भाजपा समर्थकों ने नारेबाजी शुरू की, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

सुरक्षा व्यवस्था

डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्रों पर पुलिस बल के अलावा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और पीएसी की तैनाती की गई। केंद्रों के आसपास बैरियर लगाए गए, पैदल गश्त जारी रही और केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।

सियासी आरोप-प्रत्यारोप

सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और दबंगई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थकों की ओर से मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने सपा के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बूथ कैप्चरिंग सपा करती है, भाजपा नहीं। उन्होंने अपनी पार्टी की जीत का दावा भी किया।

सपा प्रत्याशी के आरोप

सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि तीन बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश उनकी शिकायतों की पुष्टि करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि औरैया जिले के तीन बूथों पर भी बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग हुई थी, लेकिन वहाँ पुनर्मतदान नहीं कराया गया। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने की माँग की।

डॉ. अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पुनर्मतदान के दौरान शिक्षकों पर दबाव बनाया जा रहा है और मतदान की गति जानबूझकर धीमी रखी जा रही है। उनके अनुसार, शिक्षकों को कथित तौर पर मतदान से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने स्थानीय विधायकों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुनर्मतदान की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 23 अक्टूबर 2026 को आगरा खंड शिक्षक और खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 12 जिलों में मतदान हुआ था। फतेहाबाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय स्थित बूथ संख्या 26 के कक्ष संख्या एक, खेरागढ़ तहसील परिसर स्थित बूथ संख्या 20 के कक्ष संख्या एक और सैंया क्षेत्र पंचायत कार्यालय स्थित बूथ संख्या 21 के कक्ष संख्या एक पर मतपत्रों से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी।

सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर एवं मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से शिकायत करते हुए वीडियो क्लिप साक्ष्य के रूप में सौंपी थी। अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट के आधार पर तीनों बूथों पर पुनर्मतदान का निर्णय लिया गया। इस चुनाव का परिणाम आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट के भविष्य को तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्तर प्रदेश विधान परिषद में इनकी संख्या सत्ता-संतुलन के लिए अहम होती है। यह घटना एक बड़े पैटर्न की ओर इशारा करती है — जहाँ चुनावी प्रतिस्पर्धा इतनी तीखी हो कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जैसी 'शांत' सीट भी सांप्रदायिक नारेबाजी और बल-प्रदर्शन का मंच बन जाए।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगरा शिक्षक एमएलसी में पुनर्मतदान क्यों कराया गया?
23 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान के दौरान फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के तीन बूथों पर मतपत्रों से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर को वीडियो क्लिप सहित शिकायत दी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान का आदेश दिया गया।
सैंया बूथ पर भाजपा-सपा समर्थकों के बीच क्या हुआ?
26 अक्टूबर को पुनर्मतदान के दौरान सैंया बूथ पर भाजपा समर्थकों की नारेबाजी के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
सपा ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने भाजपा पर बूथ कैप्चरिंग और शिक्षकों को धमकाने का आरोप लगाया। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षकों को मतदान से दूर रहने के लिए दबाव डाला जा रहा है और मतदान की गति जानबूझकर धीमी रखी जा रही है। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा ने सपा के आरोपों पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने सपा के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बूथ कैप्चरिंग सपा करती है और उन्होंने अपनी पार्टी की जीत का दावा भी किया।
पुनर्मतदान में कितने मतदाता और क्या सुरक्षा इंतजाम थे?
तीनों बूथों पर कुल 2,346 मतदाता पंजीकृत हैं। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य कुमार के अनुसार केंद्रों पर पुलिस बल के अलावा QRT और PAC की तैनाती की गई, बैरियर लगाए गए और केवल अधिकृत लोगों को प्रवेश दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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