खड़गे के विवादित बयान पर भड़के मंत्री दानिश अंसारी, कांग्रेस से माफी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश अंसारी ने 26 अक्टूबर 2026 को बलिया में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान की कड़ी निंदा की और माँग की कि खड़गे सार्वजनिक रूप से माफी माँगें। अंसारी ने कहा कि यह बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएँ लाँघता है।
मुख्य बयान और आरोप
मंत्री अंसारी ने कहा, 'आप राजनीतिक हताशा में इतने डूब गए हैं कि राजनीतिक मर्यादा की सीमाएँ ही भूल गए हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की भाषा इस स्तर की हो, तो पार्टी के आम कार्यकर्ताओं की सोच का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मंच से भी पीएम मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणियाँ हो चुकी हैं और अब खड़गे भी उसी कड़ी में शामिल हो गए हैं।
सपा के 'पीडीए' पर निशाना
मंत्री अंसारी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा का 'पीडीए' वास्तव में 'परिवार विकास प्राधिकरण' है — एक ऐसा तंत्र जो केवल एक परिवार के विकास और उसी के लिए संपत्ति संग्रह का काम करता है। उनके अनुसार, इस नारे में न तो पिछड़े वर्ग को स्थान मिला है, न दलितों को और मुस्लिम अल्पसंख्यकों को तो कभी प्राथमिकता दी ही नहीं गई।
राज्यसभा उम्मीदवारी और 2027 के चुनाव
अंसारी ने राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन के मुद्दे पर सपा पर प्रहार करते हुए कहा कि सपा के मुखिया किसी गरीब मुसलमान को राज्यसभा में भेज सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की डबल इंजन सरकार तीसरी बार बनेगी और सपा का 'सूपड़ा साफ' हो जाएगा।
इंडिया ब्लॉक की रैली पर तंज
इंडिया ब्लॉक द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रस्तावित रैली पर भी अंसारी ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि दीपावली के नजदीक इस रैली का आयोजन आम जनता और व्यापारियों को परेशान करने की कोशिश है। उनके अनुसार, जनता अब विपक्षी रैलियों से दूरी बना चुकी है और इंडिया ब्लॉक के नेता जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सभी दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज कर रहे हैं। गौरतलब है कि खड़गे के बयान पर न केवल BJP बल्कि कई अन्य दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।