खड़गे से माफी की माँग: NDA नेताओं ने कहा — PM मोदी पर अनुचित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले समेत कई एनडीए (NDA) नेताओं ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी की मांग की। आठवले ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा अस्वीकार्य है और एनडीए इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेगा।
आठवले की सीधी चेतावनी
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे एक ऐसी बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं जो 60-70 वर्षों तक सत्ता में रही है। ऐसी पार्टी के अध्यक्ष का प्रधानमंत्री का अपमान करना उचित नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां करना बिल्कुल अनुचित है और खड़गे ने प्रधानमंत्री का भारी अपमान किया है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने जिस तरह से समय-समय पर प्रधानमंत्री मोदी के माता-पिता के बारे में टिप्पणियाँ की हैं, वह भारत की संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। पाठक ने कहा, 'इस देश की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्हें माफी माँगनी चाहिए।' उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि सत्ता न मिलने के कारण वे बौखला गए हैं।
मध्य प्रदेश मंत्री और विधायकों का आक्रोश
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार मोदी के दिवंगत माता-पिता का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में ऐसी भाषा के लिए कोई जगह नहीं है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी लंबे समय से ऐसा करते आ रहे हैं और अब खड़गे ने भी यही किया है।' सारंग ने यह भी कहा कि गलती से कोई बात एक बार निकल सकती है, लेकिन खड़गे ने तीन बार ऐसा कहा।
महाराष्ट्र भाजपा (BJP) के विधायक राम कदम ने सवाल उठाया कि क्या किसी नेता के दिवंगत माता-पिता राजनीति का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर खड़गे के मन में थोड़ी भी लज्जा बची है तो उन्हें हाथ जोड़कर माफी माँग लेनी चाहिए।' कदम ने आगे कहा कि खड़गे ने केवल प्रधानमंत्री की भावनाओं को ही नहीं, बल्कि समूचे देश की भावनाओं को आहत किया है।
भाजपा विधायक पलटू राम ने कहा कि मोदी के दिवंगत पिता के बारे में खड़गे की टिप्पणी अत्यंत निंदनीय है। उनके अनुसार विपक्षी नेताओं में इस बात की होड़ है कि कौन प्रधानमंत्री और एनडीए नेताओं के खिलाफ सबसे आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर सकता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भी कांग्रेस और भाजपा के बीच प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को लेकर तीखे शाब्दिक संघर्ष हुए हैं, जो राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं।
आगे क्या
एनडीए नेताओं की एकजुट माफी माँग के बावजूद कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावी प्रचार में दोनों पक्षों के लिए एक महत्वपूर्ण नैरेटिव बन सकता है।