कोलकाता: प्रेम प्रसंग में युवक और पिता को निर्वस्त्र कर घुमाया, युवती के पिता-चाचा समेत तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में एक युवक और उसके पिता को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना रविवार, 26 अक्टूबर 2026 को सरसुना थाना क्षेत्र के बसुंधरा पार्क इलाके में सामने आई। पुलिस के अनुसार इस मामले में युवती के पिता, चाचा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
बेहाला इलाके के सरसुना का रहने वाला एक युवक एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। पुलिस के मुताबिक, युवती के परिवार को यह रिश्ता शुरू से मंज़ूर नहीं था। रविवार को जब युवती के रिश्तेदारों ने दोनों को एक साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा, तो यह विवाद हिंसक रूप ले गया।
आरोप है कि युवती के पिता और चाचा ने युवक को घर के भीतर बंद कर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। इसके बाद युवक के पिता को भी वहाँ बुला लिया गया। पुलिस के अनुसार सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि कथित तौर पर युवक के पिता को बंदूक थमाकर अपने ही बेटे को गोली मारने के लिए कहा गया।
दो विकल्प, दोनों क्रूर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पिता-पुत्र के सामने दो ही रास्ते रखे — मौत या सार्वजनिक अपमान। परिणामस्वरूप युवक और उसके पिता को सड़क पर निर्वस्त्र होकर चलने पर मजबूर किया गया। बताया जा रहा है कि युवक के एक मित्र के साथ भी मारपीट की गई और उसे भी इसी प्रकार अपमानित किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'युवक के परिवार की शिकायत के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की माँग करेगी।' रविवार देर रात युवती के पिता और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जबकि चाचा को भीड़ ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
घटना की जानकारी फैलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने युवती के घर में तोड़फोड़ की। तनाव बढ़ने पर युवती के पिता और परिवार के अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए थे, हालाँकि बाद में गिरफ्तारी हुई।
राजनीतिक कोण और स्थानीय आक्रोश
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि युवती का परिवार स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के करीब था, जिसके चलते उनमें कथित तौर पर दुस्साहस आ गया था। निवासियों ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा की माँग की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण को लेकर बहस पहले से गर्म है।
सामाजिक चिंताएँ और विशेषज्ञ की राय
सामाजिक कार्यकर्ता शाश्वती घोष ने घटना को अंजाम देने वालों और मूकदर्शकों, दोनों के आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'जिन्होंने यह घटना की, वे मानसिक रूप से असंतुलित हैं। जो वहाँ मौजूद थे — क्या उन्हें इसमें मजा आ रहा था? या उन्होंने विरोध किया? इस पहलू की भी जाँच होनी चाहिए।' घोष की यह टिप्पणी उस व्यापक सामाजिक प्रश्न की ओर इशारा करती है कि भीड़ की निष्क्रियता भी एक तरह की सहभागिता है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ जारी रखे हुए है और मामले की आगे की जाँच की जा रही है।