जीतू पटवारी का मध्य प्रदेश सरकार पर हमला: जहरीली शराब, दूषित पानी और भ्रष्टाचार पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी 26 अक्टूबर 2026 को छतरपुर के अल्प प्रवास पर पहुँचे, जहाँ खेल ग्राम में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं को लेकर तीखा हमला बोला।
सामूहिक मौतों पर गंभीर आरोप
पटवारी ने सागर, मुरैना, देवास, छिंदवाड़ा, बालाघाट और इंदौर में जहरीली शराब तथा दूषित पानी से हुई मौतों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, देवास के पास जहरीले पानी से 36 लोगों की जान गई, छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत हुई, और बालाघाट में 40 बच्चों के मारे जाने का रिकॉर्ड है।
पटवारी ने कहा, 'एक बार फिर साबित हो गया है कि मध्य प्रदेश सामूहिक मौतों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। सागर और उससे पहले मुरैना में जहरीली शराब पीने से 36 लोगों की मौतें हुईं, लेकिन सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया।'
केन-बेतवा पीड़ितों से मुलाकात
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि वे केन-बेतवा परियोजना के पीड़ितों और आंदोलनकारियों से मिलने आए थे। उन्होंने जिला जेल में बंद प्रदर्शनकारी दिव्या अहिरवार से भी मुलाकात की। पटवारी ने आरोप लगाया, 'इस सरकार में अंग्रेजों से बदतर हालात हैं। पूरे प्रदेश में अराजकता चरम पर है। मुख्यमंत्री हर तरफ विफल होते नज़र आ रहे हैं।'
किसानों की समस्याएँ भी उठाईं
पटवारी ने किसानों को खाद और बिजली की समस्या, फसलों के उचित दाम न मिलने, कर्ज के बोझ और किसान आत्महत्याओं के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि राज्य के अन्नदाता उपेक्षित हैं और सरकार उनकी पीड़ा के प्रति संवेदनशील नहीं है।
1 नवंबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान
पटवारी ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की घोषणा करते हुए 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया। उन्होंने ब्लॉक, मंडल और पंचायत स्तर के पदाधिकारियों के साथ महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) तथा वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित 30 हज़ार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर पहले से ही तेज है। पटवारी की इस यात्रा और दिल्ली प्रदर्शन की घोषणा से प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के संकेत हैं।