26 अक्टूबर 2026
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जीतू पटवारी का मध्य प्रदेश सरकार पर हमला: जहरीली शराब, दूषित पानी और भ्रष्टाचार पर सवाल

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जीतू पटवारी का मध्य प्रदेश सरकार पर हमला: जहरीली शराब, दूषित पानी और भ्रष्टाचार पर सवाल

सारांश

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छतरपुर में सरकार पर सामूहिक मौतों, किसान संकट और भ्रष्टाचार को लेकर तीखा हमला बोला। देवास में 36, छिंदवाड़ा में 26 बच्चों और बालाघाट में 40 बच्चों की मौतों का हवाला देते हुए उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली में 30 हज़ार कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन का ऐलान किया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 26 अक्टूबर 2026 को छतरपुर का दौरा किया और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए।
देवास में दूषित पानी से 36 मौतें , छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत और बालाघाट में 40 बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया।
सागर और मुरैना में जहरीली शराब से 36 लोगों की मौत का भी उल्लेख किया।
केन-बेतवा परियोजना की पीड़िता दिव्या अहिरवार से जिला जेल में मुलाकात की।
1 नवंबर 2026 को दिल्ली में 30 हज़ार कार्यकर्ताओं के साथ बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी 26 अक्टूबर 2026 को छतरपुर के अल्प प्रवास पर पहुँचे, जहाँ खेल ग्राम में उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं को लेकर तीखा हमला बोला।

सामूहिक मौतों पर गंभीर आरोप

पटवारी ने सागर, मुरैना, देवास, छिंदवाड़ा, बालाघाट और इंदौर में जहरीली शराब तथा दूषित पानी से हुई मौतों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, देवास के पास जहरीले पानी से 36 लोगों की जान गई, छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत हुई, और बालाघाट में 40 बच्चों के मारे जाने का रिकॉर्ड है।

पटवारी ने कहा, 'एक बार फिर साबित हो गया है कि मध्य प्रदेश सामूहिक मौतों का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। सागर और उससे पहले मुरैना में जहरीली शराब पीने से 36 लोगों की मौतें हुईं, लेकिन सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया।'

केन-बेतवा पीड़ितों से मुलाकात

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि वे केन-बेतवा परियोजना के पीड़ितों और आंदोलनकारियों से मिलने आए थे। उन्होंने जिला जेल में बंद प्रदर्शनकारी दिव्या अहिरवार से भी मुलाकात की। पटवारी ने आरोप लगाया, 'इस सरकार में अंग्रेजों से बदतर हालात हैं। पूरे प्रदेश में अराजकता चरम पर है। मुख्यमंत्री हर तरफ विफल होते नज़र आ रहे हैं।'

किसानों की समस्याएँ भी उठाईं

पटवारी ने किसानों को खाद और बिजली की समस्या, फसलों के उचित दाम न मिलने, कर्ज के बोझ और किसान आत्महत्याओं के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि राज्य के अन्नदाता उपेक्षित हैं और सरकार उनकी पीड़ा के प्रति संवेदनशील नहीं है।

1 नवंबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान

पटवारी ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की घोषणा करते हुए 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया। उन्होंने ब्लॉक, मंडल और पंचायत स्तर के पदाधिकारियों के साथ महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI) तथा वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित 30 हज़ार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर पहले से ही तेज है। पटवारी की इस यात्रा और दिल्ली प्रदर्शन की घोषणा से प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

किसान संकट और केन-बेतवा विस्थापन को एक सूत्र में पिरोकर कांग्रेस शासन-विफलता का एकजुट आख्यान बना रही है। लेकिन यह भी गौरतलब है कि इनमें से कई घटनाएँ अलग-अलग समय की हैं और सरकार उनके कारणों पर अपना पक्ष रखती रही है। असली कसौटी यह होगी कि क्या 1 नवंबर का दिल्ली प्रदर्शन वास्तव में 30 हज़ार की भीड़ जुटा पाता है — क्योंकि विपक्ष की विश्वसनीयता अब सड़क पर उपस्थिति से मापी जाएगी, न केवल प्रेस वार्ताओं से।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतू पटवारी ने छतरपुर दौरे में क्या कहा?
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 26 अक्टूबर 2026 को छतरपुर में राज्य सरकार पर जहरीली शराब, दूषित पानी से सामूहिक मौतों, किसान संकट और भ्रष्टाचार को लेकर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने देवास, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर और मुरैना की घटनाओं का विस्तृत हवाला दिया।
कांग्रेस का 1 नवंबर को दिल्ली प्रदर्शन क्यों है?
पटवारी ने मध्य प्रदेश में सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने के इरादे से 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसमें ब्लॉक, मंडल, पंचायत स्तर के पदाधिकारियों सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और NSUI से 30 हज़ार कार्यकर्ताओं को शामिल करने का लक्ष्य है।
मध्य प्रदेश में जहरीली शराब और दूषित पानी से कितनी मौतें हुई हैं?
पटवारी के अनुसार, देवास के पास दूषित पानी से 36 लोगों की, सागर और मुरैना में जहरीली शराब से 36 लोगों की, छिंदवाड़ा में कफ सिरप से 26 बच्चों की और बालाघाट में 40 बच्चों की मौत हुई है। ये आँकड़े कांग्रेस नेता के बयान पर आधारित हैं।
केन-बेतवा मुद्दा क्या है और पटवारी का इससे क्या संबंध है?
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लेकर प्रभावित क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। पटवारी ने बताया कि वे इन पीड़ितों और आंदोलनकारियों से मिलने छतरपुर आए थे और जिला जेल में बंद प्रदर्शनकारी दिव्या अहिरवार से भी मुलाकात की।
पटवारी ने किसानों की किन समस्याओं को उठाया?
पटवारी ने खाद और बिजली की किल्लत, फसलों का उचित मूल्य न मिलना, कर्ज के बोझ और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दे उठाए। उनका आरोप है कि राज्य सरकार किसानों की पीड़ा के प्रति उदासीन बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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