क्या इंदौर में मौतें हत्या हैं? एफआईआर दर्ज हो : जीतू पटवारी
सारांश
Key Takeaways
- इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें चिंता का विषय हैं।
- कांग्रेस ने इसे हत्या करार दिया है।
- महापौर और अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी है।
- भ्रष्टाचार और सत्ता का अहंकार इस घटना के पीछे हो सकता है।
- यूथ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया है।
भोपाल, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों पर कांग्रेस ने एक बार फिर हमला किया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन मौतों को सीधे तौर पर हत्या करार दिया है और प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग की है। वहीं यूथ कांग्रेस ने इंदौर की घटना पर विरोध प्रदर्शन भी किया है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार की ओर से जो बयान आ रहे हैं, वह पूरे घटनाक्रम को छिपाने की कोशिश हैं। जहरीला पानी पीने से 15 लोगों की मौत हुई है और यदि इसके लिए किसी को दोषी ठहराया जाए, तो इसके पीछे सत्ता का अहंकार और भ्रष्टाचार सबसे बड़ा कारण हैं। ये हत्या हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अधिकारियों और महापौर के बीच समन्वय की कमी है और सीएम मोहन यादव ने भी अधिकारियों की कमी की बात कही है। महापौर ने भी आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी।
जीतू पटवारी का आरोप है कि भाजपा अधिकारियों के माध्यम से अपने भ्रष्टाचार को छिपाना चाहती है। अधिकारी भी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं, भाजपा नेता अधिकारियों को टारगेट कर रहे हैं, ये अपने पाप को छुपा रहे हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है, महापौर पर एफआईआर होनी चाहिए। जो अधिकारी इसमें शामिल हैं, उन पर भी एफआईआर होनी चाहिए। इसके साथ-साथ गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए।
जीतू पटवारी ने इंदौर के विकास और उस पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इंदौर जितना टैक्स देता है, उसके अनुसार इस क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। वहीं, भोपाल की युवा कांग्रेस इकाई ने इंदौर की घटना के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छोटे तालाब के गंदे पानी में नाव पर बैठकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले को दूषित पानी पिलाया और उसी पानी में पुतले को डुबाकर विरोध जताया।