क्या एसआईआर पर अभिषेक बनर्जी के बयान में उनकी हताशा छिपी है? सुकांत मजूमदार का जवाब
सारांश
Key Takeaways
- अभिषेक बनर्जी का बयान उनकी हताशा का संकेत है।
- सुकांत मजूमदार ने एसआईआर के तहत बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की बात की।
- २०२७ में पहला बुलेट ट्रेन आएगा।
- विकास कार्यों में प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता है।
- पश्चिम बंगाल में भी बुलेट ट्रेन का विस्तार होगा।
कोलकाता, २ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने चुनाव आयोग के साथ अपनी मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के बयान को उनकी हताशा का परिणाम बताया।
सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की जा रही है और उन्हें देश से बाहर निकाला जा रहा है।
इसी कारण से ये लोग (टीएमसी नेता) नाराज हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि यदि भारत में अवैध रूप से रह रहे सभी बांग्लादेशी नागरिकों को देश से बाहर किया गया, तो उनके पक्ष में मतदान करने वाला कोई नहीं बचेगा। यही वजह है कि वे अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, क्योंकि अब उनके लिए राजनीतिक स्थिति प्रतिकूल होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि २०२७ में देश में पहला बुलेट ट्रेन आएगा। यह भारत के लिए एक अद्भुत उपलब्धि है, और सभी को इसका स्वागत करना चाहिए। इससे देश के विकास की गति तेज होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में बुलेट ट्रेन का विस्तार अन्य राज्यों में भी होगा, जिससे समाज के विभिन्न तबकों को इसका लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव एक सक्षम मंत्री हैं, और मुझे यकीन है कि वे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश भर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। विकास के कार्यों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में हमने विकास को राजनीति से ज्यादा प्राथमिकता दी है। इसी का परिणाम है कि आज समाज के विभिन्न तबकों को विकास से संबंधित कार्यों का फायदा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में हम पश्चिम बंगाल में भी बुलेट ट्रेन का विस्तार करेंगे। इस दिशा में पूरी योजना बनाई जा चुकी है। इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने से पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ-साथ अन्य राज्यों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।