क्या मोरिंगा वजन घटाने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है?
सारांश
Key Takeaways
- मोरिंगा वजन घटाने में सहायक है।
- यह पाचन को सुधारता है और टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है।
- फाइबर से भरा होने के कारण यह भूख को कम करता है।
- रक्त शुगर स्तर को स्थिर रखने में मददगार है।
- इसका नियमित सेवन ऊर्जा और स्टैमिना बढ़ाता है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज के समय में बढ़ता वजन और पेट की चर्बी स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याओं का سبب बनती है। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय संबंधित समस्याएं आमतौर पर लोगों में देखने को मिलती हैं। अधिकतर लोग फिट रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाते हैं, लेकिन सभी को इसका लाभ नहीं मिलता। ऐसे में कुछ प्राकृतिक उपाय हैं, जो वजन घटाने में मददगार साबित होते हैं।
इनमें से एक उपाय है मोरिंगा, जिसे आयुर्वेद में सहजन के नाम से जाना जाता है। यह हर उम्र के लोगों के लिए पेट की चर्बी कम करने का एक सुरक्षित उपाय है।
आयुर्वेद के अनुसार, मोरिंगा वात और कफ दोष को संतुलित करता है और पाचन को तेज बनाता है। विज्ञान भी मानता है कि मोरिंगा में एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर से टॉक्सिन्स निकालने, मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और अतिरिक्त चर्बी घटाने में सहायक हैं।
मोरिंगा के पत्ते शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, जिससे भोजन जल्दी पचता है और शरीर उसे ऊर्जा में बदल देता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की कैलोरी घटाने की क्षमता बढ़ती है और पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
मोरिंगा में स्वाभाविक रूप से फाइबर होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे भूख कम लगती है। इससे बार-बार खाने की आदत में बदलाव आता है। आयुर्वेद में भी फाइबर को पाचन और आंतों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना गया है, क्योंकि यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाता है।
कई बार शरीर में अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं, जिससे शरीर भारी और सूजा हुआ महसूस होता है। मोरिंगा स्वाभाविक रूप से शरीर से पानी और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह न केवल सूजन कम करता है बल्कि बॉडी को हल्का और ताजगी भरा भी बनाता है। आयुर्वेद इसे शरीर की सफाई के लिए महत्वपूर्ण मानता है क्योंकि यह शरीर को अंदर से डिटॉक्स करता है।
बढ़ता वजन अक्सर शुगर लेवल की समस्या से जुड़ा होता है। मोरिंगा के पत्ते रक्त में शुगर के स्तर को स्थिर रखने में मदद करते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो वजन घटाते समय मीठे की क्रेविंग से परेशान रहते हैं।
वजन घटाने के दौरान अक्सर कमजोरी महसूस होती है, क्योंकि कैलोरी कम होती है और शरीर थक जाता है। मोरिंगा में दूध से ज्यादा कैल्शियम और संतरे से ज्यादा विटामिन सी होता है, जो शरीर में ऊर्जा और स्टैमिना बनाए रखता है। इसका सेवन करने से आप दिनभर ताजगी महसूस करते हैं और थकान कम होती है।
मोरिंगा ड्रिंक बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच मोरिंगा पाउडर या मुट्ठी भर ताजे पत्ते डालकर उबालें। इसमें थोड़ी देर के लिए नींबू का रस मिलाएं और आवश्यकता अनुसार शहद डालकर हल्का गुनगुना करके पिएं। इसे सुबह खाली पेट पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है।