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MP भ्रष्टाचार की राजधानी बना, बच्चों की मौत पर जीतू पटवारी का राज्य सरकार पर तीखा हमला

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MP भ्रष्टाचार की राजधानी बना, बच्चों की मौत पर जीतू पटवारी का राज्य सरकार पर तीखा हमला

सारांश

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत को लेकर BJP सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया है। राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट के प्रभावित आदिवासी इलाकों में पहुँचेंगे — 15 दिनों में यह उनका दूसरा मध्य प्रदेश दौरा है।

मुख्य बातें

MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 30 सितंबर 2026 को राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और बच्चों की मौत में प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए।
छिंदवाड़ा में कफ सिरप से कथित तौर पर 26 बच्चों की मौत; कुछ रिपोर्टों में यह संख्या करीब 100 बताई गई — सटीक आँकड़े विवादित हैं।
कांग्रेस का दावा — पार्टी ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी थी, बावजूद इसके प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिलने बालाघाट जाएंगे।
यह 15 दिनों में राहुल गांधी का मध्य प्रदेश का दूसरा दौरा होगा; पहला 19 सितंबर को इंदौर में था।
पटवारी ने बालाघाट और छिंदवाड़ा दोनों मामलों में निष्पक्ष जाँच और प्रभावित परिवारों को मुआवजे की माँग की।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 30 सितंबर 2026 को राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और बच्चों की मौत के मामलों में प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश अब 'भ्रष्टाचार की राजधानी' बन चुका है और छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत ने राज्य में कथित प्रशासनिक लापरवाही की परतें खोल दी हैं।

छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: क्या हैं आरोप

पटवारी के अनुसार छिंदवाड़ा में कफ सिरप के सेवन से 26 बच्चों की मौत हुई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या करीब 100 तक बताई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतकों की सटीक संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और इसीलिए निष्पक्ष जाँच की आवश्यकता है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी ने सरकार को पहले से ही संभावित खतरे के प्रति सचेत किया था, बावजूद इसके मौतों का सिलसिला थमा नहीं।

कांग्रेस की पूर्व चेतावनियाँ और सरकार की कथित अनदेखी

पटवारी ने बताया कि कांग्रेस विधायकों और राष्ट्रीय नेताओं ने बालाघाट का दौरा कर स्थानीय स्थिति का जायजा लिया था और लगातार शिकायतें दर्ज कराई थीं। उनका कहना है कि इसके बावजूद राज्य सरकार ने मामले को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया। आलोचकों का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की घोर विफलता का उदाहरण है।

राहुल गांधी का बालाघाट दौरा

पटवारी ने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट का दौरा करेंगे। वे बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में जाकर मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि यह 15 दिनों में राहुल गांधी का मध्य प्रदेश का दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 19 सितंबर को 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में हिस्सा लेने इंदौर आए थे।

जाँच और जवाबदेही की माँग

पटवारी ने बालाघाट और छिंदवाड़ा दोनों मामलों में निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कहा कि बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित होनी ही चाहिए। उन्होंने माँग की कि सरकार प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। राहुल गांधी के प्रभावित इलाकों के दौरे से यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक पटल पर और उभरने की संभावना है। पटवारी के आरोपों पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इससे दोषियों पर FIR होगी या मामला सिर्फ मंच भाषणों तक सिमटकर रह जाएगा। BJP सरकार की अब तक की चुप्पी इस प्रश्न को और तीखा बनाती है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला क्या है?
कथित तौर पर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में दूषित या नकली कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत हुई है। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार मरने वाले बच्चों की संख्या 26 है, हालाँकि कुछ रिपोर्टों में यह आँकड़ा करीब 100 बताया गया है और सटीक संख्या अभी विवादित है।
जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
पटवारी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार और प्रशासन ने कांग्रेस की पूर्व चेतावनियों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे बच्चों की मौत का सिलसिला जारी रहा। उन्होंने मध्य प्रदेश को 'भ्रष्टाचार की राजधानी' करार देते हुए निष्पक्ष जाँच और प्रभावित परिवारों को मुआवजे की माँग की है।
राहुल गांधी का बालाघाट दौरा क्यों हो रहा है?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 1 अक्टूबर 2026 को बालाघाट के बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी इलाकों में जाकर मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। यह 15 दिनों में उनका मध्य प्रदेश का दूसरा दौरा है — पहला 19 सितंबर को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए था।
इस मामले में कांग्रेस ने पहले क्या कदम उठाए थे?
पटवारी के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं, विधायकों और पार्टी नेताओं ने पहले ही बालाघाट का दौरा किया था, स्थानीय स्थिति का जायजा लिया था और सरकार को संभावित खतरे के प्रति आगाह करते हुए लगातार शिकायतें दर्ज कराई थीं।
इस मामले में जाँच की माँग क्यों की जा रही है?
मृतक बच्चों की संख्या को लेकर आधिकारिक और अनौपचारिक आँकड़ों में भारी अंतर है, और अब तक दोषी दवा आपूर्तिकर्ताओं या अधिकारियों के खिलाफ स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है। कांग्रेस का कहना है कि बालाघाट और छिंदवाड़ा दोनों मामलों में निष्पक्ष जाँच से ही प्रशासनिक जवाबदेही तय हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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