जीतू पटवारी का BJP पर हमला: MP में संगठन सरकार समन्वय नहीं, छिंदवाड़ा में 26 बच्चों की मौत पर जवाब माँगा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश संगठन और राज्य सरकार के बीच कोई समन्वय नहीं है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के भोपाल प्रवास के मौके पर पटवारी ने कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब कांड, दूषित पानी और आदिवासी कल्याण योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से कड़े सवाल किए।
मुख्य आरोप: मंत्री का फोन नहीं उठाते मुख्यमंत्री
पटवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने मंत्रियों के फोन 15 दिनों तक नहीं उठाते। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के कारण छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 26 बच्चों की मौत हो गई। पटवारी ने सवाल किया, "इसका राजनीतिक जिम्मेदार कौन है?"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और आबकारी मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 36 मौतें
पटवारी ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 36 लोगों की मौत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को भोपाल प्रवास में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और संगठन से इस पर जवाब लेकर जाना चाहिए। यह मामला प्रदेश में बुनियादी जल आपूर्ति व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है।
आदिवासी कल्याण और कुपोषण पर सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आदिवासियों के लिए बनाई गई लाभार्थी योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीते 25 वर्षों से मध्य प्रदेश में BJP की सरकार होने के बावजूद राज्य में सबसे अधिक बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं। गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हाल ही में बालाघाट दौरे पर गए थे, जहाँ वे कुपोषण और बीमारी से बच्चों को खोने वाले परिजनों से मिले थे और सरकार पर आदिवासियों को योजनाओं का लाभ न देने का आरोप लगाया था।
भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार
पटवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार का कैंसर राज्य के हर घर को प्रभावित कर रहा है और जनता जानना चाहती है कि लूट का पैसा आखिर कहाँ जा रहा है। उन्होंने माँग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के नेतृत्व से इन सवालों का जवाब लेकर जाएँ।
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमित शाह के भोपाल दौरे को BJP के प्रदेश नेतृत्व के लिए रणनीतिक संवाद का अवसर माना जा रहा था। कांग्रेस ने इस दौरे का उपयोग राज्य सरकार की कथित विफलताओं को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने उजागर करने के लिए किया। यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने MP में संगठन सरकार के बीच दरार का आरोप लगाया हो — आलोचकों का कहना है कि यह खींचतान मुख्यमंत्री के कार्यशैली पर सवाल उठाती है।