27 अक्टूबर 2026
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देवास जहरीली शराब कांड: जीतू पटवारी का आरोप — 20 मौतें, माफिया चला रहे सरकार

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देवास जहरीली शराब कांड: जीतू पटवारी का आरोप — 20 मौतें, माफिया चला रहे सरकार

सारांश

देवास में कथित जहरीली शराब से 20 से अधिक मौतों के बाद MPCC प्रमुख जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर माफिया को बचाने का आरोप लगाया है। मुरैना और सागर की त्रासदियों के बाद भी सबक न लेने का सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने देवास कूच का ऐलान किया।

मुख्य बातें

MPCC प्रमुख जीतू पटवारी ने 27 अक्टूबर 2026 को देवास में कथित जहरीली शराब से 20 से अधिक मौतों का दावा किया।
पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने और मामले को दबाने का आरोप लगाया।
उन्होंने मुरैना व सागर की पूर्व जहरीली शराब त्रासदियों का हवाला दिया, जहाँ सागर में 100 से अधिक परिवारों के सदस्यों की मृत्यु का उल्लेख किया।
पटवारी ने बताया कि इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा गया है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने देवास जाकर पीड़ित परिजनों के साथ कलेक्टर से सवाल-जवाब करने का ऐलान किया।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार पर देवास में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में शराब माफिया को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। पटवारी ने दावा किया कि इस घटना में 20 से अधिक लोगों की जान गई है और प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की।

मुख्य आरोप और बयान

पत्रकारों से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा, 'मध्य प्रदेश में सरकारी सामूहिक हत्याकांड का सिलसिला रुक नहीं रहा है।' उन्होंने मुरैना और सागर में पहले हुई जहरीली शराब त्रासदियों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने इन घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। उनके अनुसार, सागर में जहरीली शराब से 100 से अधिक परिवारों के सदस्यों की मृत्यु हुई थी, और उस मामले की जांच के लिए बैठाए गए आयोग का कोई नतीजा सामने नहीं आया।

प्रशासन पर सवाल

पटवारी ने देवास के कलेक्टर का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने खुद उनसे बात की, जिसमें कलेक्टर ने कथित तौर पर यह बताया कि 'कोई जहर नहीं है।' पटवारी ने सवाल उठाया कि यदि शराब जहरीली नहीं थी, तो उसे बेचने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार क्यों किया गया? उन्होंने इसे प्रशासनिक विरोधाभास करार दिया और आरोप लगाया कि 'शराब माफिया पाँचवीं मंजिल से सरकार चला रहे हैं।'

केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र

पटवारी ने बताया कि देवास की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को भी पत्र लिखा गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार को अवैध जहरीली शराब के मामले में एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करनी चाहिए और शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

कांग्रेस का आगामी विरोध कदम

मध्य प्रदेश कांग्रेस (MPCC) ने ऐलान किया कि पार्टी देवास जाएगी और पीड़ित परिजनों को साथ लेकर कलेक्टर से सवाल-जवाब करेगी। पटवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी, 'अगर सरकार दृढ़ता नहीं दिखाती, तो हम यही मानेंगे कि माफिया सरकार चला रहे हैं।' उल्लेखनीय है कि यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में जहरीली शराब की घटनाएँ बार-बार सुर्खियाँ बटोर रही हैं, और विपक्ष सरकार पर सुशासन विफलता का आरोप लगाता रहा है।

सरकार की ओर से प्रतिक्रिया

फिलहाल मोहन यादव सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन के स्तर पर जिला कलेक्टर के बयान पहले ही विवाद का केंद्र बन चुके हैं। अगले कुछ दिनों में सरकार की आधिकारिक स्थिति और जाँच की दिशा यह तय करेगी कि यह मामला राजनीतिक उथल-पुथल और कानूनी कार्रवाई — दोनों में किस ओर जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी प्रशासनिक ढाँचा वही बना रहा। यह जवाबदेही के उस संरचनात्मक अभाव को उजागर करता है जिसमें जाँच आयोग बनते हैं, रिपोर्टें दराजों में बंद हो जाती हैं, और अगली त्रासदी का इंतजार होता है। कलेक्टर के 'कोई जहर नहीं' वाले बयान और गिरफ्तारियों के बीच का अंतर्विरोध बताता है कि जमीनी सच्चाई और आधिकारिक कथा के बीच की खाई कितनी गहरी है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास जहरीली शराब कांड में कितनी मौतें हुई हैं?
मध्य प्रदेश कांग्रेस (MPCC) प्रमुख जीतू पटवारी के दावे के अनुसार देवास में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई है। यह आँकड़ा अभी तक सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं किया गया है।
जीतू पटवारी ने मोहन यादव सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पटवारी ने आरोप लगाया कि मोहन यादव सरकार ने देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में शराब माफिया को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने पहले शराब में जहर होने से इनकार किया, लेकिन बाद में कुछ लोगों को जहरीली शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया — जो एक स्पष्ट विरोधाभास है।
मध्य प्रदेश में पहले भी जहरीली शराब की घटनाएँ हो चुकी हैं?
हाँ, पटवारी के अनुसार इससे पहले मुरैना और सागर में भी जहरीली शराब से बड़े पैमाने पर मौतें हुई थीं। सागर कांड में 100 से अधिक परिवारों के सदस्यों की मृत्यु का दावा किया गया था और उसके लिए जाँच आयोग भी बैठाया गया था, लेकिन उसके निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुए।
कांग्रेस आगे क्या कदम उठाने वाली है?
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने देवास जाने और पीड़ित परिजनों को साथ लेकर जिला कलेक्टर से सवाल-जवाब करने का ऐलान किया है। इसके अलावा इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को भी पत्र लिखा जा चुका है।
देवास शराब कांड में सरकार की अब तक क्या प्रतिक्रिया रही है?
27 अक्टूबर 2026 तक मोहन यादव सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जिला कलेक्टर ने कथित तौर पर शराब में जहर होने से इनकार किया था, जबकि कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है — इस विरोधाभास पर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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