क्या जीतू पटवारी ने महिलाओं को 'शराबी' कहा? विवाद बढ़ने पर दी सफाई

सारांश
Key Takeaways
- जीतू पटवारी का विवादित बयान और सफाई
- महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता का अभाव
- भाजपा की प्रतिक्रिया और राजनीतिक विवाद
भोपाल, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने महिलाओं को लेकर अपने हालिया बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ मीडिया मैनेजमेंट द्वारा साजिश की गई है।
जीतू पटवारी ने कहा, "मैं प्रदेश की सभी माताओं और बहनों से अपील करता हूं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की भी माता और बहनें हैं, मेरी भी मां और दो बेटियां हैं। जब परिवार में कोई शराब या ड्रग्स घर लाता है, तो इससे माताओं, बहनों, पत्नियों और माता-पिता को बहुत दर्द होता है। सभी सरकारी एजेंसियां कहती हैं कि मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा शराब बिक्री का केंद्र बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाता? भोपाल में हर तीन महीने में ड्रग्स का जखीरा पकड़ा जाता है। गली-गली में नशा बिक रहा है।"
महिलाओं को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद, पटवारी ने सफाई दी। उन्होंने कहा, "यह मेरे खिलाफ मीडिया मैनेजमेंट करके फंसाने की साजिश है। मैं इतना ही कहूंगा कि सीएम मोहन यादव ने हमारे प्रदेश को शराबी प्रदेश बना दिया है। इस सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया है।"
जीतू पटवारी ने दावा किया कि वर्तमान में राज्य में महिलाएं सबसे ज्यादा शराब पी रही हैं। उन्होंने कहा कि यह हमें तमगा मिला है। यह सब समृद्ध मध्य प्रदेश का सपना देखने वाली भाजपा ने किया है। देश में शराब की सर्वाधिक खपत मध्य प्रदेश में है। ड्रग्स के मामले में मध्य प्रदेश ने पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है।
भाजपा ने जीतू पटवारी के विवादित बयान पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जीतू पटवारी का बयान न केवल मध्य प्रदेश की महिलाओं का अपमान है, बल्कि कांग्रेस की महिला विरोधी कुत्सित मानसिकता का एक अशोभनीय उदाहरण है।