बिहार ग्रामीण बैंक के 10,900 से अधिक कर्मचारियों को ₹77.69 करोड़ का लाभ, श्रम विवाद सुलझा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 27 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि बिहार ग्रामीण बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच वर्षों से चले आ रहे दो औद्योगिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया है। इन समझौतों से बैंक के 10,900 से अधिक कर्मचारियों को कुल मिलाकर लगभग ₹77.69 करोड़ के वित्तीय लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मध्यस्थता की प्रक्रिया
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि ये दोनों विवाद भारत सरकार के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के अंतर्गत सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), पटना की मध्यस्थता और सुलह प्रयासों के ज़रिए सुलझाए गए। मंत्रालय के अनुसार, यह उपलब्धि कर्मचारियों के हितों की रक्षा, निष्पक्ष श्रम व्यवस्था और औद्योगिक सौहार्द की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहला समझौता: अधिकारी संघ के साथ
पहला समझौता बिहार ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ, पटना और बैंक प्रबंधन के बीच संपन्न हुआ। इससे लगभग 8,400 कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और इसका कुल वित्तीय प्रभाव करीब ₹67.17 करोड़ आंका गया है। इस समझौते में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI), कार्यवाहक भत्ता, वेतन वृद्धि, यात्रा भत्ते में बढ़ोतरी, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति जैसी प्रमुख माँगें शामिल की गई हैं।
दूसरा समझौता: वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन के साथ
दूसरा समझौता बिहार ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन (BGBWO) और बैंक प्रबंधन के बीच हुआ है। इसके तहत लगभग 2,500 कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है और कुल ₹10.52 करोड़ के वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएँगे, जिसमें लगभग ₹9.02 करोड़ का वार्षिक आवर्ती लाभ भी सम्मिलित है। इस समझौते में 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन, मकान किराया भत्ता (HRA) में वृद्धि, दिव्यांग कर्मचारियों के लिए परिवहन भत्ता बढ़ाने, ओवरटाइम भुगतान, पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता और एक नेगोशिएटिंग काउंसिल के गठन जैसी माँगों का समाधान किया गया है।
आम कर्मचारियों पर असर
यह समाधान ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों की माँगें लंबे अर्से से लंबित थीं। गौरतलब है कि ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी बड़े राष्ट्रीयकृत बैंकों की तुलना में अपेक्षाकृत कम वेतन और सुविधाओं पर कार्यरत रहते हैं। इस समझौते से न केवल तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि दिव्यांग कर्मचारियों के लिए बेहतर भत्ते और पदोन्नति में पारदर्शिता जैसे संरचनात्मक सुधार भी सुनिश्चित होंगे।
आगे की राह
सरकार ने कहा कि ये समझौते कर्मचारी संगठनों और बैंक प्रबंधन के बीच रचनात्मक संवाद तथा सहयोग की भावना के कारण संभव हो सके। मंत्रालय का मानना है कि इससे बैंक में औद्योगिक शांति और बेहतर कार्य-वातावरण को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा।