पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में आवारा कुत्ता नवजात का शव लेकर घूमा, DC-SP ने लिया जायजा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई, जब एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुँह में दबाए परिसर में घूमता दिखाई दिया। इस दृश्य को देखकर अस्पताल में उपस्थित मरीजों के परिजन, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य लोग स्तब्ध रह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई बात
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे अस्पताल में इलाज कराने आए एक युवक की नज़र उस कुत्ते पर पड़ी जो नवजात का शव अपने मुँह में लिए घूम रहा था। युवक ने तत्काल इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन और परिसर में स्थित पुलिस चौकी को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल के जवान मौके पर पहुँचे और मामले की प्रारंभिक जाँच शुरू कर दी।
जाँच में उलझे सवाल
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात का शव अस्पताल परिसर के भीतर से आया था अथवा किसी ने उसे बाहर से लाकर वहाँ छोड़ा था। कुत्ता शव को किस स्थान से उठाकर लाया, यह भी जाँच का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने अस्पताल कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की और वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया। जिला प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जाँच टीम गठित की है।
सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल
जाँच टीम अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि शव को किसने और किन परिस्थितियों में परिसर में छोड़ा। स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ जारी है।
प्रशासन का रुख
जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस मामले में निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी और यदि किसी कर्मचारी या व्यक्ति की लापरवाही अथवा संलिप्तता सिद्ध होती है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा तय करेगी कि यह मामला लापरवाही है या इसके पीछे कोई और कारण।