खड़गे की PM मोदी पर टिप्पणी पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार, बोले — 'कांग्रेस दिशाहीन हो चुकी है'
सारांश
मुख्य बातें
केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 26 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के बारे में की गई विवादास्पद टिप्पणी पर तीखा हमला बोला। चंद्रशेखर ने सार्वजनिक बयान में कहा कि कांग्रेस अब पूरी तरह दिशाहीन हो चुकी है और उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
मुख्य घटनाक्रम
राजीव चंद्रशेखर ने एक बयान में कहा, 'कांग्रेस पार्टी हास्यास्पद से भी बदतर स्थिति में पहुँच गई है। यह एक ऐसी पार्टी है जो अब अपनी सुध-बुध खो रही है।' उन्होंने आगे कहा कि जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस तरह की अभद्र टिप्पणी करते हैं तो यह स्पष्ट होता है कि पार्टी अपना मानसिक संतुलन खो रही है।
चंद्रशेखर ने इस विवाद को केरल में हाल ही में उठे राज्यपाल के आधिकारिक आवास में शाकाहारी भोजन संबंधी कथित निर्देश के विवाद से भी जोड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस ऐसे छोटे मुद्दों को उछाल रही है क्योंकि उसके पास जनता के असली सवालों का कोई जवाब नहीं है।
सोशल मीडिया पर सीधा संदेश
इससे पहले चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर खड़गे को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'खड़गे महोदय, हम आपकी निराशा को समझते हैं — यह निराशा कि कांग्रेस कहीं नहीं जा रही है। आपके हर झूठ का जनता पर्दाफाश कर रही है। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ — प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि देश ने विकसित भारत, विकास और प्रगति की राह पर चलने वाली सरकार को चुना है। उनके अनुसार, 'कांग्रेस की राजनीतिक नौटंकी और गालीगलौज से यह पटरी से नहीं उतरेगा।'
खड़गे को नसीहत
अपनी पोस्ट के समापन में चंद्रशेखर ने खड़गे को एक वरिष्ठ नेता के रूप में संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'देश के सामने कई चुनौतियाँ हैं। गाली-गलौज करने के बजाय जनता के सामने अपना वास्तविक दृष्टिकोण रखने का साहस दिखाएं।'
उन्होंने यह भी कहा कि इस 'जहरीली राजनीतिक संस्कृति' का अंत होना चाहिए, क्योंकि इससे देश को कोई लाभ नहीं है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच सार्वजनिक पदधारियों के आचरण और राज्यपाल की भूमिका को लेकर केरल में लगातार टकराव होता रहा है। यह ताज़ा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब केरल की राजनीति में राज्यपाल की भूमिका को लेकर पहले से ही तनातनी चल रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर उपजे इस विवाद के केरल की स्थानीय राजनीति से जुड़ने ने दोनों पार्टियों के बीच बढ़ते टकराव को और तेज़ कर दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।