26 अक्टूबर 2026
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खड़गे के PM मोदी पर बयान से सियासी घमासान, भाजपा बोली — 'कांग्रेस की भाषा हुई अमर्यादित'

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खड़गे के PM मोदी पर बयान से सियासी घमासान, भाजपा बोली — 'कांग्रेस की भाषा हुई अमर्यादित'

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के PM मोदी पर बयान ने नई सियासी जंग छेड़ दी है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी से लेकर जम्मू-कश्मीर नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा तक — भाजपा ने एकसुर में कांग्रेस पर 'असंसदीय भाषा' का आरोप लगाया और पूछा कि जब अध्यक्ष ही मर्यादा भूलें, तो पार्टी से क्या उम्मीद।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के PM मोदी पर दिए बयान को 'बेहद गलत' और 'अमर्यादित' करार दिया।
तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की हताशा के चलते नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित भाषा का सहारा ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने खड़गे की PM मोदी के पिता पर टिप्पणी को असंसदीय बताया।
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण की भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराई।
शर्मा ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को भी खारिज किया, कहा — नेशनल कॉन्फ्रेंस के कमजोर होने पर पाकिस्तान का मुद्दा उठाया जाता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की। नई दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने खड़गे पर 'असंसदीय भाषा' के इस्तेमाल का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष की इस बयानबाजी से राजनीतिक मर्यादाओं का क्षरण हो रहा है।

मनोज तिवारी का हमला

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को 'बेहद गलत' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस की भाषा लगातार अमर्यादित होती जा रही है। तिवारी के अनुसार, इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की माता और स्वयं प्रधानमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जा चुका है, और खड़गे का यह बयान उसी कड़ी में है।

तिवारी ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण पार्टी नेताओं में निराशा और हताशा बढ़ी है। उनके अनुसार, इसी निराशा के चलते कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित भाषा का सहारा ले रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर भाजपा का रुख

जम्मू से भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में एक मजबूत सरकार काम कर रही है। रंधावा ने दोहराया कि भाजपा हमेशा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण में विश्वास रखती है और यह क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा।

नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने खड़गे की प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। शर्मा ने कहा कि निराशा और हताशा में कांग्रेस अपनी राजनीतिक मर्यादाएँ भूलती जा रही है — पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस तरह की बयानबाजी करते थे, लेकिन अब राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर पर भी ऐसी भाषा का प्रयोग हो रहा है।

शर्मा ने कहा कि जब किसी राष्ट्रीय दल के इतने वरिष्ठ नेता असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं, तो इससे देश के नागरिकों की भावनाएँ आहत होती हैं। उनके अनुसार, यदि पार्टी अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा अपनाएँ, तो अन्य नेताओं से क्या अपेक्षा की जा सकती है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भी निशाना

सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला की बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है और जब-जब नेशनल कॉन्फ्रेंस राजनीतिक रूप से कमजोर होती है, तब-तब पाकिस्तान का मुद्दा उठाया जाता है। शर्मा के अनुसार, जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को नकार दिया है और पार्टी की स्थिति पहले से कमजोर हो गई है।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसदीय सत्र की तैयारियाँ चल रही हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला थमने के बजाय तेज होता दिख रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के किसी बयान पर भाजपा ने पलटवार किया हो — पिछले कुछ महीनों में दोनों पार्टियों के बीच शाब्दिक संघर्ष के कई दौर देखे गए हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'अमर्यादित' का ठप्पा लगाना एकतरफा आख्यान का हिस्सा भी हो सकता है। दोनों पक्षों की बयानबाजी की असली कीमत संसदीय विमर्श चुकाता है — जहाँ नीतिगत बहस के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियाँ सुर्खियाँ बटोरती हैं। जम्मू-कश्मीर एकीकरण के उल्लेख को इस बहस में घसीटना यह भी दर्शाता है कि भाजपा इस विवाद को राष्ट्रवादी फ्रेम में रखना चाहती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी पर क्या बयान दिया था?
रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक टिप्पणी की, जिसमें उनके पिता का संदर्भ शामिल था। भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी को 'अमर्यादित' और 'असंसदीय' करार देते हुए इसकी निंदा की।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने खड़गे के बयान पर क्या कहा?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि खड़गे का बयान 'बेहद गलत' है और कांग्रेस की भाषा लगातार अमर्यादित होती जा रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और राहुल गांधी को नेता स्थापित करने में विफलता से जोड़ा।
जम्मू-कश्मीर में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने क्या कहा?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने कहा कि जब किसी राष्ट्रीय दल के वरिष्ठ नेता असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं तो नागरिकों की भावनाएँ आहत होती हैं। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के बयान को भी खारिज किया।
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने इस मौके पर क्या कहा?
जम्मू से भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में देश में मजबूत सरकार है और भाजपा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण में विश्वास रखती है।
भाजपा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और फारूक अब्दुल्ला पर क्या आरोप लगाए?
सुनील शर्मा ने कहा कि जब-जब नेशनल कॉन्फ्रेंस राजनीतिक रूप से कमजोर होती है, तब-तब पाकिस्तान का मुद्दा उठाया जाता है। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के बयान को गंभीरता से लेने से इनकार करते हुए कहा कि जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को नकार दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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