खड़गे के PM मोदी पर बयान से सियासी घमासान, भाजपा बोली — 'कांग्रेस की भाषा हुई अमर्यादित'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की। नई दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने खड़गे पर 'असंसदीय भाषा' के इस्तेमाल का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष की इस बयानबाजी से राजनीतिक मर्यादाओं का क्षरण हो रहा है।
मनोज तिवारी का हमला
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को 'बेहद गलत' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस की भाषा लगातार अमर्यादित होती जा रही है। तिवारी के अनुसार, इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी की माता और स्वयं प्रधानमंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जा चुका है, और खड़गे का यह बयान उसी कड़ी में है।
तिवारी ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा कि पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण पार्टी नेताओं में निराशा और हताशा बढ़ी है। उनके अनुसार, इसी निराशा के चलते कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित भाषा का सहारा ले रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर भाजपा का रुख
जम्मू से भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में एक मजबूत सरकार काम कर रही है। रंधावा ने दोहराया कि भाजपा हमेशा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण में विश्वास रखती है और यह क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा।
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुनील शर्मा ने खड़गे की प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। शर्मा ने कहा कि निराशा और हताशा में कांग्रेस अपनी राजनीतिक मर्यादाएँ भूलती जा रही है — पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस तरह की बयानबाजी करते थे, लेकिन अब राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर पर भी ऐसी भाषा का प्रयोग हो रहा है।
शर्मा ने कहा कि जब किसी राष्ट्रीय दल के इतने वरिष्ठ नेता असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं, तो इससे देश के नागरिकों की भावनाएँ आहत होती हैं। उनके अनुसार, यदि पार्टी अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा अपनाएँ, तो अन्य नेताओं से क्या अपेक्षा की जा सकती है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भी निशाना
सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला की बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है और जब-जब नेशनल कॉन्फ्रेंस राजनीतिक रूप से कमजोर होती है, तब-तब पाकिस्तान का मुद्दा उठाया जाता है। शर्मा के अनुसार, जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को नकार दिया है और पार्टी की स्थिति पहले से कमजोर हो गई है।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसदीय सत्र की तैयारियाँ चल रही हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला थमने के बजाय तेज होता दिख रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के किसी बयान पर भाजपा ने पलटवार किया हो — पिछले कुछ महीनों में दोनों पार्टियों के बीच शाब्दिक संघर्ष के कई दौर देखे गए हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की संभावना है।