सोना-चांदी में रिकवरी: MCX पर चांदी 0.74% उछली, फेड बैठक 27-28 अक्टूबर पर टिकीं निवेशकों की नजरें
सारांश
मुख्य बातें
कई दिनों की लगातार गिरावट के बाद सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं में तकनीकी रिकवरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से कीमतों को सहारा मिला, हालांकि बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यह अभी तकनीकी सुधार है और असली दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर की नीतिगत बैठक और पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद तय होगी।
MCX पर सोना-चांदी के भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का दिसंबर वायदा करीब 0.50 प्रतिशत यानी ₹761 चढ़कर ₹1,42,733 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। दिन के उच्चतम स्तर पर सोना अपने पिछले बंद भाव ₹1,42,024 से ₹864 (0.60 प्रतिशत) उछलकर ₹1,42,888 प्रति 10 ग्राम तक पहुँचा।
चांदी का दिसंबर वायदा ₹968 (0.49 प्रतिशत) की तेजी के साथ ₹1,96,687 प्रति किलोग्राम पर पहुँचा। दिन के सर्वोच्च स्तर पर चांदी अपने पिछले बंद ₹1,95,719 से ₹1,467 (0.74 प्रतिशत) उछलकर ₹1,97,186 प्रति किलोग्राम तक गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार — COMEX पर स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर भी दोनों धातुओं में सुधार देखा गया। सोमवार सुबह के कारोबार में सोना 0.48 प्रतिशत चढ़कर $4,027 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था और सत्र में इसने $4,032.90 प्रति औंस का उच्चतम स्तर छुआ। चांदी 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ $54.35 प्रति औंस पर थी और सत्र में $54.47 प्रति औंस तक पहुँची।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह स्पॉट गोल्ड पहली बार जुलाई 2026 के बाद $4,000 प्रति औंस के नीचे फिसल गया था, जिससे बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना था। पिछले सप्ताह सोना करीब 4 प्रतिशत और चांदी 7 प्रतिशत से अधिक टूट गई थी।
$4,000 का मनोवैज्ञानिक समर्थन और तकनीकी संकेत
विश्लेषकों के अनुसार, $4,000 प्रति औंस का स्तर सोने के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र साबित हो रहा है। हालिया गिरावट के बाद इस स्तर पर खरीदारी लौटने से कीमतों को सहारा मिला है।
MCX पर चांदी के लिए ₹2 लाख से ₹2.02 लाख प्रति किलोग्राम का दायरा प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) माना जा रहा है, जबकि ₹1.92 लाख से ₹1.94 लाख का क्षेत्र मजबूत समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक चांदी अभी भी ओवरसोल्ड जोन से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है।
फेड बैठक और PCE डेटा की अहमियत
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर की बैठक में अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना सीमित है, लेकिन दिसंबर में दर बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। इसी कारण बड़े निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
इस सप्ताह जारी होने वाले पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PCE) मुद्रास्फीति आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि महंगाई उम्मीद से अधिक रहती है, तो ब्याज दरें लंबे समय तक ऊँची बनी रह सकती हैं — जो सोने-चांदी के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।
कच्चे तेल और वैश्विक संकेतकों का असर
ब्रेंट क्रूड हाल के दिनों में $110 प्रति बैरल से ऊपर पहुँच गया था। ऊँचे तेल दाम महंगाई बढ़ाने का जोखिम उत्पन्न करते हैं, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को टाल सकते हैं। यही कारण है कि डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और ऊर्जा बाजार पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इन सभी संकेतकों की चाल कीमती धातुओं की अगली दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।